थ्योरी को गहनता से पढ़ें, फिर सवाल को हल करें

By Prabhat Khabar Digital Desk
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तसवीर राज वर्मा देंगे-प्रमंडलीय आयुक्त केके खंडेलवाल ने विद्यार्थियों को दिये कई टिप्सलाइफ रिपोर्टर @ रांची11वीं कक्षा से ही जेइइ की तैयारी में लग जायें. कई बार बच्चों को यह भ्रम हो जाता है कि पहले बोर्ड की तैयारी कर लेते हैं इसके बाद एक साल आइआइटी की तैयारी करेंगे. यह गलत है. 11वीं में नामांकन के दिन से ही आइआइटी की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए. आइआइटी की तैयारी करेंगे, तो बोर्ड की तैयारी भी खुद-ब-खुद हो जायेगी. बोर्ड की परीक्षा में इनडेप्थ जाने की जरूरत नहीं होती है. यह कहना है प्रमंडलीय आयुक्त केके खंडेलवाल का. श्री खंडेलवाल सोमवार को सीएमपीडीआइ के मयूरी प्रेक्षागृह में आयोजित क्रैक इन आइआइटी सेमिनार के तहत 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को आइआइटी जेइइ की तैयारी के टिप्स दे रहे थे. उन्होंने बताया कि विषय कम पढ़ें, लेकिन उसे इनडेप्थ पढ़ें. ताकि, उस विषय से संबंधित किसी भी प्रश्न को आसानी से हल कर सकें. विषय को लेकर आपके अंदर आत्मविश्वास आये. तैयारी के दौरान सबसे ध्यान रखने वाली बात यह है कि थ्योरी को गहनता से पढ़ें. थ्योरी पूरी तौर पर क्लीयर होनी चाहिए. श्री खंडेलवाल ने बताया कि पहले आइआइटी में सब्जेक्टिव प्रश्न होते थे. ऑब्जेक्टिव की संख्या कम थी, लेकिन आज सारे सवाल ऑब्जेक्टिव आ रहे हैं. प्रतिस्पर्धा बढ़ गयी है. कठिनाई का लेवल डिफिकल्टी लेवल भी बढ़ गया है. अमितांशु प्रसाद ने कहा कि झारखंड के बच्चों मेंे क्षमता है, लेकिन उन्हें सही प्लेटफॉर्म नहीं मिल रहा है. इसलिए नव निर्माण संस्था ने वैसे बच्चों को सही प्लेटफॉर्म देने का फैसला लिया है. इस दौरान बच्चों और अभिभावकों ने कुछ सवाल भी पूछे. मौके पर राजेश रंजन, आनंद कुमार, नीरज कुमार आदि मौजूद थे.उन्होंने जो टिप्स दिये बगैर थ्योरी किये कोई सवाल हल न करें.अच्छे मेटेरियल से तैयारी करें.विषय कम पढ़ें, सेलेक्टिव पढ़ें .जितना हो सके प्रैक्टिस पेपर सॉल्व करें.स्टैंडर्ड बुक्स व मेटेरियल पढ़ें.टेस्ट जरूर दें, इससे आपकी क्षमता का पता चलेगा.सवाल हल करने के लिए स्पीड जरूरी है.विषय के प्रति अपनी कंसेप्ट क्लियर रखें: अनुपमआइआइटियन अनुपम खंडेलवाल ने बताया कि अगर कंसेप्ट क्लियर है, तो आप अपना गोल पा सकते हैं. मेहनत करें. जो भी पढ़ें सेलेक्टिव पढ़ें. जो भी विषय पढ़ रहे हैं उसके बारे में कंसेप्ट क्लियर रखें कि आप क्या पढ़ रहे हैं.गाइडेंस जरूरी : अनिकेतअनिकेत खंडेलवाल ने बताया कि मेहनत करें, लेकिन बगैर गाइडेंस के कुछ नहीं हो सकता. जितना हो सके प्रैक्टिस पेपर करें. कोई भी टॉपिक है उसे गहनता से पढ़ें, ताकि कंसेप्ट क्लियर हो सके.आइआइटी कई अवसर खोल देता है: अंकितवर्ष 2011 में आइआइटी की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 500 पाने वाले अंकित खंडेलवाल बताते हैं कि आइआइटी आपके लिए सारे अवसर खोल देता है. उन्होंने कई ऐसे अधिकारी हुए जो आज देश उच्च पद पर हैं. उन्होंने रघुराम राजन के साथ-साथ उद्योगपतियों का भी जिक्र किया.
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