रांची : किसानों के लिए बन रहे 13 एग्री फीडर, मिलेगी अलग से बिजली

Updated at : 25 Dec 2019 9:05 AM (IST)
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रांची : किसानों के लिए बन रहे 13 एग्री फीडर, मिलेगी अलग से बिजली

बिपिन सिंह रांची : राज्य में कृषि को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम किये जा रहे हैं. झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) मार्च 2020 तक इन फीडरों से रांची डिवीजन के किसानों को बिजली मुहैया कराने की तैयारी कर रहा है है. इन फीडरों का निर्माण किसानों को खेतों तक पानी […]

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बिपिन सिंह
रांची : राज्य में कृषि को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम किये जा रहे हैं. झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) मार्च 2020 तक इन फीडरों से रांची डिवीजन के किसानों को बिजली मुहैया कराने की तैयारी कर रहा है है.
इन फीडरों का निर्माण किसानों को खेतों तक पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कराया जा रहा है, ताकि पानी के अभाव में किसानों की खेती प्रभावित नहीं हो सके. अधीक्षण अभियंता प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सभी एग्री फीडरों का निर्माण कार्य अंतिम समय में है. जल्द ही इसे टेस्टिंग मोड में डाला जायेगा. दिसंबर 2019 तक जिले के सभी खेतों तक एग्रीकल्चर फीडर स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया था. इससे जिले के सुदूर और पिछड़े इलाकों के लगभग दो लाख से अधिक किसानों को फायदा होगा. गौरतलब हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का भरोसा दिया है.
मार्च से सप्लाई होने लगेगी : रांची जिले के 13 प्रखंडों में कृषि कार्यों के लिए अलग से फीडर हैं. तोरपा प्रखंड में तीन, खूंटी, कर्रा, रनिया, मुरहू में तीन-तीन व अड़की प्रखंड में एक फीडर बनाये गये हैं. इन फीडरों के निर्माण के बाद कृषि वाले सभी क्षेत्रों में प्रतिदिन कम से कम छह घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी.
खेतों तक पहुंचे 1404 किलोमीटर बिजली के तार : खेतों तक 11 हजार केवीए का लाइन पहुंचाया जा रहा है और 25 केवीए क्षमता तक के ट्रांसफाॅर्मर लगाये जा रहे हैं. बिजली का प्रबंध करने के लिए 13 डेडिकेटेड कृषि फीडरों के लिए 11 हजार केवीए के 769 किलोमीटर एचटी लाइन, 635 किलोमीटर एलटी लाइन के साथ ही 25 केवीए क्षमता के 1740 ट्रांसफार्मरों काे स्थापित किया गया है.
किसानों को उत्पादन बढ़ाने में मिलेगी मदद : खेती के लिए दिन में बिजली की अधिक जरूरत पर रहती है जबकि शाम के वक्त अपेक्षाकृत कम हो जाती है. शाम पांच से रात 10 बजे के दौरान शहर में बिजली की मांग सबसे अधिक रहती है. इसलिए जेबीवीएनएल ने खेती के लिए अलग फीडर बनाने की योजना तैयार की है, ताकि दोनों क्षेत्रों में बिजली की जरूरत के मुताबिक आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.
यहां बन रहे हैं अलग फीडर : बाजपुर न्यू पीएसएस, इटकी एग्जस्टिंग पीएसएस, लमकाना, ब्रांबे, पाली, सीटीआइ, करगे, मसमानो, कुड़ू, बोबरो, मुरपा और सरबेदा में एग्री फीडर तैयार किये जा रहे हैं.
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