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दीवाली में पटाखों व बादलों के घेरे ने बढ़ाया प्रदूषण, पर कम रहा शोर

Updated at : 29 Oct 2019 7:42 AM (IST)
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दीवाली में पटाखों व बादलों के घेरे ने बढ़ाया प्रदूषण, पर कम रहा शोर

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 21 अक्तूबर के आधार पर तैयार की है ध्वनि स्तर की रिपोर्ट रांची : राजधानी के कई इलाकों में दीवाली के दिन ध्वनि व वायु का स्तर सामान्य से अधिक रहा, लेकिन साल 2018 में दीवाली के दिन कई इलाकों हुए ध्वनि प्रदूषण की तुलना में यह कम था.राज्य प्रदूषण […]

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राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 21 अक्तूबर के आधार पर तैयार की है ध्वनि स्तर की रिपोर्ट

रांची : राजधानी के कई इलाकों में दीवाली के दिन ध्वनि व वायु का स्तर सामान्य से अधिक रहा, लेकिन साल 2018 में दीवाली के दिन कई इलाकों हुए ध्वनि प्रदूषण की तुलना में यह कम था.राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दीवाली के एक सप्ताह पहले (21 अक्तूबर) के आधार पर ध्वनि स्तर की रिपोर्ट तैयार की है. वहीं, आकाश में बादल छाये रहने के कारण वायु प्रदूषण बीते साल की तुलना में ज्यादा रहा. प्रदूषण बोर्ड ने इसका आकलन कराया है.

इस साल दीवाली की रात 10 बजे से लेकर अगली सुबह छह बजे तक 671.7 मिली ग्राम पीएम-10 प्रदूषण आकाश में रहा. यह पिछले साल से करीब 200 मिली ग्राम अधिक था. राज्य प्रदूषण बोर्ड के सदस्य सचिव राजीव लोचन बख्शी ने कहा कि यह संकेत ठीक नहीं है. आकाश में बादल छाये रहने के कारण पीएम-10 जल्द क्लियर नहीं हो पाया. करीब 117.05 मिमी ग्राम पीएम-2.5 भी आकाश में रहा.

हाइकोर्ट चौराहा व अशोक नगर में बढ़ा ध्वनि स्तर : साल 2018 की दीवाली के दिन के ध्वनि स्तर को देखने पर पता चला है कि कई इलाकों में पिछले साल की तुलना में कम आवाजवाले पटाखे फोड़े गये हैं.

दीवाली के दिन सबसे अधिक आवाजवाले पटाखे अशोक नगर रिहायशी इलाके में फोड़े गये. यहां रविवार को रात नौ से 10 बजे के बीच करीब 87.3 डेसीबल आवाज से पटाखे फोड़े गये. बीते साल इस इलाके में अधिकतम 81 डेसीबल तक के ही पटाखे फोड़े गये थे. इसके बाद सबसे अधिक आवाज वाले पटाखे डोरंडा स्थित हाइकोर्ट चौराहे पर फोड़े गये. यहां 84.1 डेसीबल आवाज तक के पटाखे फोड़े गये.

अलबर्ट एक्का चौक पर कम हुई आवाज : राजधानी के सबसे प्रमुख चौराहा अलबर्ट एक्का चौक पर पिछले साल की तुलना में कम आवाज वाले पटाखे फोड़े गये. यहां 2018 की तुलना में ध्वनि स्तर कम रहा. पिछले साल यहां अधिकतम ध्वनि स्तर 83.3 डेसीबल था. इस बार 79.9 ध्वनि स्तर के पटाखे फोड़े गये. कचहरी चौक पर अधिकतम 81.7 डेसीबल ध्वनि के पटाखे फोड़े गये थे. इस बार तुपुदाना इंडस्ट्रियल एरिया में ध्वनि प्रदूषण का आकलन नहीं कराया गया था.

वर्ष 2019 (आंकड़े डेसीबल में)

स्थान न्यूनतम अधिकतम

हाइकोर्ट चौराहा 67.0 84.1

अलबर्ट एक्का चौक 60.1 79.9

कचहरी चौक 61.9 81.7

अशोक नगर 50.0 87.3

वर्ष 2018

अलबर्ट एक्का चौक 69.1 83.3

हाइकोर्ट चौराहा 57.3 74.5

अशोक नगर 60.2 81.0

धनबाद के बैंक मोड़ में सबसे अधिक ध्वनि प्रदूषण

धनबाद के बैंक मोड़ में सबसे अधिक ध्वनि प्रदूषण दीवाली की रात हुआ. यहां 108.5 डेसीबल आवाज तक के पटाखे फोड़े गये. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने धनबाद में बारटांड़, हीरा मोड़ व बैंक मोड़ में दीवाली के दिन ध्वनि प्रदूषण का आकलन कराया है. बोर्ड ने 21 अक्तूबर को भी आकलन कराया था.

बैंक मोड़ में सामान्य दिनों में औसतन 73.6 डेसीबल तक का आवाज हुआ था. वहीं, दीवाली के दिन औसतन करीब 105.8 डेसीबल का आकलन किया गया. हीरापुर में दीवाली के दिन नौ से 10 बजे तक कर करीब 106.8 डेसीबल आवाज हुआ था. आम दिन में यहां का औसत ध्वनि प्रदूषण 76.2 डेसीबल का था. बारटांड़ में दीवाली के दिन अधिकतम 106.7 डेसीबल ध्वनि प्रदूषण हुआ था. वहां दीवाली के एक सप्ताह पूर्व करीब 65.8 डेसीबल ध्वनि प्रदूषण हुआ था.

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