रांची : डिस्पेंसरी में डॉक्टरी सलाह भर मिलती है, जांच और दवा के लिए तय करनी पड़ती 10 से 15 किमी की दूरी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Aug 2019 8:08 AM

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राजीव पांडेय इएसआइ के बीमा धारकों की परेशानी का नहीं निकल रहा हल रांची : कर्मचारी राज्य बीमा निगम आदर्श अस्पताल (इएसआइ) के बीमा धारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. डिस्पेंसरी में इलाज के लिए पहुंचे लोगों को डॉक्टरी सलाह के अलावा कुछ नहीं मिलता है. डॉक्टर ने अगर जांच और दवा […]

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राजीव पांडेय
इएसआइ के बीमा धारकों की परेशानी का नहीं निकल रहा हल
रांची : कर्मचारी राज्य बीमा निगम आदर्श अस्पताल (इएसआइ) के बीमा धारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. डिस्पेंसरी में इलाज के लिए पहुंचे लोगों को डॉक्टरी सलाह के अलावा कुछ नहीं मिलता है. डॉक्टर ने अगर जांच और दवा लिख दी, तो मरीजों की मुसीबत और बढ़ जाती है. क्योंकि, इसके लिए मरीज को नामकुम स्थित मॉडल अस्पताल जाना पड़ता है.
शुक्रवार को एक मरीज बुखार व सर्दी-जुकाम के लिए कोकर डिस्पेंसरी अस्पताल डॉक्टर पहुंचा, तो डॉक्टर ने उसकी बीमारी की पहचान के लिए सामान्य जांच और दवाएं लिखीं. चूंकि डिस्पेंसरी में जांच की सुविधा और दवा नहीं हैं, इसलिए मरीज को नामकुम स्थित मॉडल अस्पताल जाना पड़ा. राजधानी में इएसआइ की चार डिस्पेंसरी हैं.
इनमें से एक कोकर में, दूसरा टाटीसिलवे में, तीसरा एचइसी में और चौथा तुपुदाना में है. इन चारों डिस्पेंसरी की हालत लगभग एक जैसी ही है. ऐसे में जो मरीज थोड़े सक्षम हैं, वे रिम्स या सदर अस्पताल चले जाते हैं. लेकिन जिन मरीजों के पास कोई चारा नहीं है, वे 10 से 15 किमी की दूरी तक तय कर मॉडल अस्पताल ही जाते हैं. हालांकि, यहां भी मरीज जांच या दवा के लिए घंटों खड़े रहना पड़ता है. जांच रिपोर्ट लेने के बाद मरीज को दोबारा डिस्पेंसरी में जाना पड़ता है.
तीन साल से डिस्पेंसरी में बरकरार है दवा की कमी
इएसआइ के डिस्पेंसरी में करीब तीन साल से दवाओं का अभाव है. डिस्पेंसरी से हर साल दवा के लिए मांग पत्र भेजा जाता है, लेकिन दवाएं नहीं मिलती हैं. मांग पत्र के संबंध में डिस्पेंसरी द्वारा जानकारी मांगने पर कोई जवाब भी नहीं मिलता है. ऐसे में डिस्पेंसरी के डॉक्टर मरीज को इएसआइ मॉडल अस्पताल रेफर कर देते हैं.
एचइसी डिस्पेंसरी : मॉडल अस्पताल से दूरी 12 किमी
इएसआइ के बीमा धारकाें के लिए एचइसी क्षेत्र में डिस्पेंसरी बनायी गयी है. डिस्पेंसरी में डॉक्टर है, लेकिन यहां भी काफी दिनों से दवाएं नहीं हैं.
ऐसे में मरीजों को वहां से दवा या जांच कराने के लिए नामकुम अस्पताल रेफर कर दिया जाता है. जानकारी के अनुसार इस डिस्पेंसरी में रोजाना 50 से 60 मरीज परामर्श के लिए आते हैं. लेकिन, दवा या जांच लिखे जाने पर इन्हें करीब 12 किमी की दूरी तय कर के मॉडल अस्पताल जाना पड़ता है.
तुपुदाना डिस्पेंसरी : मॉडल अस्पताल से दूरी 15 किमी
हटिया, डोरंडा, धुर्वा और एचइसी क्षेत्र के इएसआइ बीमा धारकों को स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए गुरुद्वारा के पास डिस्पेंसरी बनायी गयी है. यहां ज्यादा नहीं, लेकिन 20 से 25 मरीज रोजाना इलाज के लिए आते हैं. डॉक्टर का परामर्श तो मिल जाता है, लेकिन दवा और जांच की सुविधा नहीं मिलती है. इसके लिए मरीज को 15 किमी दूरी तय करने के बाद नामकुम मॉडल अस्पताल पहुंचते हैं. यहां आने के बाद उनको दवा मिलती है.
कोकर डिस्पेंसरी : मॉडल अस्पताल से दूरी 4.5 किमी
कोकर डिस्पेंसरी में प्रतिदिन 250 से ज्यादा मरीज आते हैं. यहां दो डॉक्टर हैं. इन डॉक्टरों से सलाह लेने के बाद मरीज जांच और दवा के लिए 4.5 किमी की दूर नामकुम मॉडल अस्पताल जाते हैं है. वहां जाने के बाद मरीज को जांच करानी पड़ती है. जांच रिपोर्ट को दोबारा उतनी ही दूरी तय कर कोकर डिस्पेंसरी आना पड़ता है. वहां डॉक्टर जो दवा लिखते हैं, उसे लेने के लिए दोबारा मरीज को नामकुम मॉडल अस्पताल जाना पड़ता है.
टाटीसिलवे डिस्पेंसरी : मॉडल अस्पताल से दूरी 10 किमी
टाटीसिलवे वाॅक्सपाल फैक्टरी के पास इएसआइ की डिस्पेंसरी है. यहां ओपीडी में रोजाना करीब 100 मरीज आते हैं. यहां परामर्श के लिए एक डॉक्टर है, लेकिन सामान्य जांच नहीं होती है. मरीजों को दवा नहीं मिलती है, क्योंकि डिस्पेंसरी में दवा उपलब्ध नहीं है. दवा लिखने पर मरीज को करीब 10 किमी की दूरी तय कर नामकुम इएसआइ के मॉडल अस्पताल पर जाना पड़ता है. जांच लिखे जाने पर भी मरीज को उसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है.
डिस्पेंसरी में दवाओं की है, लेकिन इसको शीघ्र दूर किया जायेगा. अॉर्डर सीट तैयार कर ली गयी है, जिससे शीघ्र हम दवाओं की खरीद कर लेंगे.
राकेश कुमार सिंह, निदेशक, इएसआइ
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