बीएयू : सात नये कॉलेज के शिक्षकों का अनुबंध खत्म

Updated at : 18 Aug 2019 8:52 AM (IST)
विज्ञापन
बीएयू : सात नये कॉलेज के शिक्षकों का अनुबंध खत्म

424 विद्यार्थियों की पढ़ाई पर संकट के बादल छाये, नये सिरे से नियुक्ति का दिया गया निर्देश सरकार ने कहा-नये सिरे से विज्ञापन निकाल कर विश्वविद्यालय को करनी होगी नियुक्ति विवि ने अनुबंध विस्तार की मांगी थी अनुमति, सरकार ने जतायी आपत्ति संजीव सिंह रांची : बिरसा कृषि विवि द्वारा राज्य में सात नये कॉलेज […]

विज्ञापन
424 विद्यार्थियों की पढ़ाई पर संकट के बादल छाये, नये सिरे से नियुक्ति का दिया गया निर्देश
सरकार ने कहा-नये सिरे से विज्ञापन निकाल कर विश्वविद्यालय को करनी होगी नियुक्ति
विवि ने अनुबंध विस्तार की मांगी थी अनुमति, सरकार ने जतायी आपत्ति
संजीव सिंह
रांची : बिरसा कृषि विवि द्वारा राज्य में सात नये कॉलेज खोले गये. हर कॉलेज में एक सत्र में लगभग 50 सीटें निर्धारित हैं. इन कॉलेजों में लगभग 424 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं. आनन-फानन में सभी कॉलेजों में कुल लगभग 40 शिक्षक छह माह के लिए अनुबंध पर रखे गये थे, जिनका अनुबंध अब समाप्त हो गया है.
ऐसे में 424 विद्यार्थियों की पढ़ाई संकट में फंस गयी है. इधर राज्यपाल के निर्देश पर राज्य सरकार ने विवि प्रशासन को स्पष्ट कहा है कि अब अनुबंध पर आगे जो भी नियुक्ति होगी, उसके लिए विवि को फिर से नये सिरे से विज्ञापन निकालना होगा. इन शिक्षकों को अनुबंध विस्तार देने के लिए विवि प्रबंध समिति ने अनुशंसा की, लेकिन राज्य सरकार ने इस पर आपत्ति जता दी है और इस संबंध में पत्र भी विवि को भेज दिया है. सरकार के आदेश के बाद कॉलेजों में पढ़ रहे विद्यार्थियों का भविष्य फंस गया है, जो काफी परेशान करनेवाला मामला है.
कई कॉलेजों का अब तक नहीं बन पाया है भवन
जानकारी के अनुसार बिरसा कृषि विवि अंतर्गत गढ़वा में कॉलेज अॉफ एग्रीकल्चर खोला गया है. इसी प्रकार देवघर में रवींद्रनाथ टैगोर एग्रीकल्चर कॉलेज, गुमला में कॉलेज अॉफ फिशरीज साइंस, गोड्डा में तिलका मांझी एग्रीकल्चर कॉलेज, हंसडीहा दुमका में कॉलेज अॉफ डेयरी टेक्नोलॉजी, कांके में कॉलेज अॉफ एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग,खूंटपानी चाईबासा में कॉलेज अॉफ होर्टिकल्चर खोले गये हैं.
इन सभी कॉलेजों में अनुबंध पर शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी रखे गये हैं. इनमें गढ़वा में स्थित कॉलेज अॉफ एग्रीकल्चर के लिए भवन नहीं रहने की स्थिति में इसकी पढ़ाई कांके स्थित विवि कैंपस में हो रही है. इसी प्रकार खूंटपानी चाईबासा में होर्टिकल्चर कॉलेज का भवन नहीं रहने पर कांके स्थित विवि कैंपस और गुमला में चल रहे फिशरीज कॉलेज का भवन नहीं रहने पर कांके स्थित विवि कैंपस में पढ़ाई चल रही है. एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग के लिए भवन बन गया है, लेकिन अभी तक शिफ्ट नहीं हो सका है. बताया जाता है कि 19 अगस्त को हंसडीहा स्थित कॉलेज अॉफ डेयरी टेक्नोलॉजी के भवन का उदघाटन राज्यपाल सह कुलाधिपति के हाथों होना है.
अब एक्रिडिएशन मामला भी फंसेगा
कृषि विवि नियमानुसार कॉलेज के चार वर्ष पूरे होने पर उसे आइसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) से एक्रिडिएशन कराना होता है. इसके लिए आइसीएआर की टीम संबंधित कॉलेज में निरीक्षण करने आती है. इन कॉलेजों की स्थिति ठीक नहीं रहने के कारण अब आगे जाकर एक्रिडिएशन का मामला भी फंसने की संभावना है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola