रांची : जीपीओ की इंटरनेशनल पार्सल बुकिंग सेवा को नहीं मिले रहे ग्राहक
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :01 May 2019 9:32 AM (IST)
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बिपिन सिंह रांची : भारतीय डाक विभाग द्वारा राज्य में शुरू की गयी अंतरराष्ट्रीय स्तर की बहुउद्देशीय पार्सल सेवा (इंटरनेशनल पार्सल बुकिंग सर्विस) को ग्राहक नहीं मिल रहे हैं. झारखंड से निर्यात ट्रेंड नहीं रहने के चलते इंटरनेशनल बुकिंग न के बराबर हो रही है. इस सर्विस के शुरू हुए एक महीना से ज्यादा वक्त […]
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बिपिन सिंह
रांची : भारतीय डाक विभाग द्वारा राज्य में शुरू की गयी अंतरराष्ट्रीय स्तर की बहुउद्देशीय पार्सल सेवा (इंटरनेशनल पार्सल बुकिंग सर्विस) को ग्राहक नहीं मिल रहे हैं.
झारखंड से निर्यात ट्रेंड नहीं रहने के चलते इंटरनेशनल बुकिंग न के बराबर हो रही है. इस सर्विस के शुरू हुए एक महीना से ज्यादा वक्त गुजर गया पर इस दाैरान छह देशों के लिए महज 23 पार्सल की बुकिंग ही हो पायी है.
रांची जीपीओ में फिलहाल न तो पार्सल की कस्टम जांच हो रही है और न ही विदेश भेजे जाने वाले सामग्रियों को स्कैन ही किया जा रहा. जबकि कस्टम क्लीयरेंस करने के लिए संबंधित अधिकारी की मौके पर नियुक्ति के साथ ही एक्स-रे व स्कैनिंग मशीन भी लगायी जानी थी.
प्रधान डाकघर में अलग से काउंटर, व जगह उपलब्ध करा दी गयी है. यह सेवा पूरी तैयारी के साथ शुरू हो जाती, तो इंटरनेशनल पार्सल समय रहते गंतव्य पर डिलिवर हो जाता, वहीं डिले की वजह से लोगों को इसके खो जाने का डर भी नहीं सताता. मगर, फिलहाल आधी-अधूरी तैयारी व ग्राहकों से कम रिस्पांस मिलने के चलते यह सेवा अधर में लटकी हुई है.
जारी है प्रसिद्धि दिलाने का प्रयास : वर्तमान में झारखंड डाक परिमंडल एक्सपोर्टर की तलाश कर रहा है. डाक विभाग का कहना है कि झारखंड से अन्य देशों को भेजे जानेवाले उत्पाद व सामग्रियों का ट्रेंड कम है. इसलिए फिलहाल इस सेवा को अनुमान से कम सफलता मिल रही है.
विभागीय स्तर पर राज्य के व्यवसायियों को विश्वास में लेने का प्रयास किया जा रहा है, लोग समय के साथ इस सेवा से जुड़ेंगे. सरकार के स्तर से झारक्राफ्ट व हस्तशिल्प निर्यात करने वाली अन्य नोडल एजेंसियों से भी बातचीत कर इस सेवा को प्रसिद्धि दिलाने का प्रयास किया जा रहा है.
किन देशों के लिए हुई बुकिंग
सउदी अरब-13 इटली-4 यूनाइटेड किंगडम (यूके)-2 आॅस्ट्रेलिया-2 कोलंबिया-1 जर्मनी-1 निर्धारित वजन इंटरनेशनल पार्सल-20 किलोग्राम स्पीड पोस्ट-35 किलोग्राम
बर्बाद हो रहा समय
पूर्व में झारखंड के विभिन्न जीपीओ से विदेशों में भेजे जाने वाली पार्सल-डाक सामग्री कोलकाता भेजी जाती थी, जहां उनकी कस्टम जांच होती थी. वहां इस प्रक्रिया के पूरा होने में समय की बहुत बर्बादी होती है. कई दिनों तक विदेश भेजे जानेवाले पार्सल कोलकाता में ही फंसे रहते हैं और अक्सर देरी से पहुंचते हैं. हालांकि रांची में यह योजना सही तरीके से लागू नहीं होने के चलते इसे अब भी इसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है.
सेवा का मकसद
इस सेवा के तहत पूरे झारखंड से विदेश भेजने के लिए पार्सल मंगाये जाने थे. पार्सल-सामग्री की कस्टम जांच रांची स्थित प्रधान डाकघर (जीपीओ) में एक ही सेंटर प्वाइंट पर होनी थी, जिसके बाद क्लीयरेंस दिया जाना था. सर्विस शुरू होने से पार्सल को अन्य शहरों में कस्टम जांच कराने के लिए भेजने की जरूरत नहीं रहती. जांच और कस्टम क्लीयरेंस रांची से मिलने के बाद पार्सल सीधे गंतव्य स्थान व सीधी उड़ान के लिए भेज दिया जाता.
पहले क्या होता था
ईस्टर्न रीजन के राज्य कस्टम जांच कराने के लिए कोलकाता भेजते हैं.झारखंड के अलावा बिहार, ओड़िशा, छत्तीसगढ़ जैसे राज्य भी कस्टम क्लीयरेंस हासिल करने वाले राज्यों में शामिल हैं. हालांकि, इस सेवा के शुरू होने के बाद रांची स्थित कस्टम अधिकारी ही सामग्रियों को जांच-पड़ताल के बाद डिक्लियरेशन सर्टिफिकेट प्रदान कर देते. जिसके बाद कोलकाता में दोबारा इसे इसी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता.
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