रांची : विशेष शिक्षा अनुदेशकों की अपील खारिज
Updated at : 01 Mar 2019 9:31 AM (IST)
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एकल पीठ के आदेश को खंडपीठ ने बरकरार रखा रांची : झारखंड हाइकोर्ट में गुरुवार को अनौपचारिक जन सह विशेष शिक्षा अनुदेशकों की ओर से दायर अपील याचिका पर सुनवाई हुई. जस्टिस एस चंद्रशेखर व जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने प्रार्थी व राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद याचिका को खारिज कर दिया. […]
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एकल पीठ के आदेश को खंडपीठ ने बरकरार रखा
रांची : झारखंड हाइकोर्ट में गुरुवार को अनौपचारिक जन सह विशेष शिक्षा अनुदेशकों की ओर से दायर अपील याचिका पर सुनवाई हुई. जस्टिस एस चंद्रशेखर व जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने प्रार्थी व राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद याचिका को खारिज कर दिया. खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश को सही ठहराते हुए उसे बरकरार रखा.
इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता एके साहनी ने खंडपीठ को बताया कि वर्ष 1981 से अनौपचारिक शिक्षा अनुदेशक कार्य कर रहे हैं. बिहार सरकार ने उन्हें समायोजित कर लिया है, जबकि झारखंड में अब तक उन्हें समायोजित नहीं किया गया है. वहीं, राज्य सरकार की अोर से अधिवक्ता अरविंद कुमार ने कहा कि अनौपचारिक शिक्षा अनुदेशकों को केंद्र प्रायोजित योजना के तहत मानदेय पर रखा गया था.
वर्ष 2001 में योजना समाप्त हो गयी. बिहार सरकार ने पॉलिसी बना कर उसे लागू किया. झारखंड सरकार इन्हें समायोजित नहीं करेगी. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी झारखंड प्रदेश अनौपचारिक जन सह विशेष शिक्षा अनुदेशक संघ की अोर से अपील याचिका दायर की गयी है. संघ ने एकल पीठ के आदेश को चुनौती देते हुए उसे निरस्त करने का आग्रह किया है. एकल पीठ ने 12 जुलाई 2017 को रिट याचिका खारिज की थी.
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