रांची : सीआइपी प्रबंधन के खिलाफ पीएमओ से की गयी शिकायत
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 29 Jan 2019 9:30 AM
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रांची : केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआइपी) के खिलाफ प्रधानमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत की गयी है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पूरे मामले पर कार्रवाई करने का आग्रह किया है. सेंट्रल गवर्नमेंट हॉस्पिटल वर्कर्स यूनियन की शिकायत पर पीएमओ ने संज्ञान लिया है. यूनियन की शिकायत पर संस्थान के […]
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रांची : केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआइपी) के खिलाफ प्रधानमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत की गयी है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पूरे मामले पर कार्रवाई करने का आग्रह किया है. सेंट्रल गवर्नमेंट हॉस्पिटल वर्कर्स यूनियन की शिकायत पर पीएमओ ने संज्ञान लिया है.
यूनियन की शिकायत पर संस्थान के निदेशक डॉ डी राम ने अपना पक्ष भी रखा था. इससे यूनियन संतुष्ट नहीं थी. यूनियन ने डॉ राम के जवाब को झूठा कहा है.
यूनियन ने लिखा है कि संस्थान के कई कर्मी 12-15 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थापित हैं. इसमें नदीम अहमद, विपिन प्रसाद, मनोज अग्रवाल आदि हैं. नदीम लीगल व विपिन प्रसाद सीपीडब्ल्यूडी टेंडर काम का देखते हैं. मनोज परचेज का काम देखते हैं. यूनियन का कहना है कि कई नर्सों को ऐसे स्थान पर पदस्थापित किया गया है, जहां नर्सिंग का काम नहीं है. नर्सें कंप्यूटर विभाग, किचन, गैर सरकारी स्टॉफ कैंटीन, धोबीखाना, एक्सरे व पैथोलॉजी में भी पदस्थापित हैं. इन लोगों को नर्सिंग अलाउंस मिलता है. शिकायत की गयी है कि कई वार्ड में 56 मरीजों की क्षमता है, जबकि उसके स्थान पर 100 से अधिक मरीज रखे गये हैं.
सरकारी कर्मी कर रहे हैं कैंटीन का संचालन
ओपीडी के पीछे एक कैंटीन है. इसका संचालन सरकारी कर्मी कर रहे हैं. यहां दो कुक, एक मेट, एक नर्सिंग सिस्टर हैं. इनके वेतन पर 24 लाख रुपये खर्च है. यहां सरकारी कर्मियों को कोई सुविधा नहीं दी जाती है.
निदेशक ने एक-एक बिंदु पर दिया जवाब
संस्थान के निदेशक ने यूनियन के महासचिव इल्ताफ हुसैन को एक-एक बिंदु पर जवाब लिख कर दिया है. उन्होंने लिखा है कि आरोप के साथ कोई प्रमाण नहीं है. प्रमाण होने पर संस्थान उचित कार्रवाई करेगा. किसी के खिलाफ इस तरह का आरोप लगाना उचित नहीं है. संस्थान मरीजों और कर्मियों के साथ भेदभाव नहीं करता है.
रांची : महात्मा गांधी मेडिकल (एमजीएम) कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं व सुविधाअों की बिगड़ती हालत को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक हुई. इसमें खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय तथा स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी तथा विभागीय सचिव व अन्य पदाधिकारियों ने भी हिस्सा लिया. इसमें निर्णय हुआ कि एमजीएम में प्रशासन का काम संभालने के लिए प्रशासक का एक पद सृजित होगा. अस्पताल प्रबंधन के लिए भी एक प्रबंधक की नियुक्ति पर सहमति बनी है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अस्पताल में आम मरीजों को पूरी सुविधाएं मुहैया करायी जाये.
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