पारा शिक्षकों की हड़ताल से प्रखंड में शिक्षा व्यवस्था चरमरायी, कई स्कूल बंद मिले, कहीं सिर्फ खानापूर्ति

Updated at : 21 Nov 2018 7:08 AM (IST)
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पारा शिक्षकों की हड़ताल से प्रखंड में शिक्षा व्यवस्था चरमरायी, कई स्कूल बंद मिले, कहीं सिर्फ खानापूर्ति

सिल्ली : प्रखंड के 147 पारा शिक्षकों के हड़ताल पर जाने से विद्यालयों में पठन-पाठन व्यवस्था चरमरा गयी है. पारा शिक्षकों वाले 37 विद्यालयों में व्यवस्था बनाये रखने के लिए सरकारी शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गयी थी, बावजूद कोयलाडीह व कदमटांड़ के विद्यालय मंगलवार को खुले ही नहीं. दोनों स्कूलों में एमडीएम भी बंद रहा. […]

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सिल्ली : प्रखंड के 147 पारा शिक्षकों के हड़ताल पर जाने से विद्यालयों में पठन-पाठन व्यवस्था चरमरा गयी है. पारा शिक्षकों वाले 37 विद्यालयों में व्यवस्था बनाये रखने के लिए सरकारी शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गयी थी, बावजूद कोयलाडीह व कदमटांड़ के विद्यालय मंगलवार को खुले ही नहीं. दोनों स्कूलों में एमडीएम भी बंद रहा.
कोयलाडीह के विद्यालय में बच्चे आकर लौट गये. वहीं कदमटांड़ के विद्यालय में प्रतिनियुक्त शिक्षक पहुंचे, तो उन्हें चाबी ही नहीं मिली. वे दिन भर बाहर ही बैठे रहे. इसके अलावे जिन विद्यालयों से सरकारी शिक्षकों को पारा शिक्षकों वाले विद्यालयों में प्रतिनियुक्त किया गया, उनमें भी शिक्षक के अभाव में पढ़ाई बाधित रही. कई स्कूलों में पढ़ाई हुई ही नहीं. सिर्फ खानापूर्ति कर विद्यालय बंद कर दिया गया.
111 विद्यालय में बचे 115 शिक्षक
पारा शिक्षकों के हड़ताल पर जाने के बाद प्रखंड के 111 विद्यालयों के लिए कुल 115 शिक्षक ही बचे हैं. इन शिक्षकों पर सभी छात्रों की पढ़ाई का बोझ आ गया है. इन पर सरकारी आदेशानुसार किसी भी हाल में विद्यालय बंद नहीं हो व एमडीएम चालू रहे, इसकी भी चुनौती है.
शिक्षकों की कमी से प्रभावित हो रही है शिक्षण व्यवस्था : बीइइटओ
बीइइअो सुदामा मिश्रा ने कहा है कि शिक्षकों की कमी के कारण विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है. विद्यालय बंद न हों व एमडीएम चालू रहे, इसके लिये सभी विद्यालयों में सरकारी शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति के लिए सोमवार शाम को ही आदेश निकाला गया था. व्हाट्सअप पर भी सूचना दे दी गयी थी, बावजूद स्कूल बंद हुए हैं, तो इसकी जांच की जायेगी. सरकारी स्तर पर शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है.
सिल्ली.
पारा शिक्षकों की हड़ताल से उनके सहारे चल रहे 37 विद्यालयों के साथ-साथ सरकारी विद्यालयों का हाल भी खस्ता हो गया है. विभाग का पढ़ाई पर से ध्यान हट कर मात्र विद्यालयों को खोलने व एमडीएम चलाने की चुनौती रह गयी है. ऐसे में शिक्षक भी केवल ड्यूटी बजा रहे हैं. ऐसा ही नजारा मंगलवार को राजकीय मध्य विद्यालय गोडाडीह में देखा गया. यहां कुल 275 विद्यार्थी हैं. पारा शिक्षकों की हड़ताल के बाद यहां के एक सरकारी शिक्षक की प्रतिनियुक्ति सीधा बगान के विद्यालय में कर दी गयी है.
अब प्रधानाध्यापक रामकृष्ण दास अकेले ही विद्यार्थियों की चौकीदारी कर रहे हैं. वहीं बच्चे दिन भर भागदौड़, खेलकूद व दीवारों पर बैठकर दिन बिता रहे हैं. यही हालत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय रामडेरा की भी है. यहां 120 विद्यार्थी पर केवल एक शिक्षक रह गये हैं. प्रधानाध्यापक संजय कुमार ने बताया कि इस विद्यालय में अन्य विद्यालयों को भी समायोजित किया गया है लेकिन अकेले ही विद्यालय संंभालना पड़ता है.
पारा शिक्षकों ने दी गिरफ्तारी, रिहा
सिल्ली. प्रखंड के पारा शिक्षकों ने प्रदेश पारा शिक्षक संघ के निर्देश पर जेल भरो आंदोलन के तहत मंगलवार को सिल्ली थाना में गिरफ्तारी दी. हालांकि शाम में इन्हें रिहा कर दिया गया. इस दौरान पारा शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. कहा कि दमनकारी नीति नहीं चलने देंगे. अगले चरण में गांव-गांव स्कूल जाकर की निगरानी करेंगे व नयी नियुक्ति का भी विरोध करेंगे.
पारा शिक्षकों की जायज मांगों पर हो विचार
सिल्ली. पेंशनर समाज सिल्ली के अध्यक्ष समल महतो, सचिव निरंजन महतो व कोषाध्यक्ष शिवचरण महतो ने प्रेस बयान जारी कर सरकार से आग्रह किया है कि पारा शिक्षकों की जायज मांगों पर विचार किया जाये. समाज ने सरकार से पारा शिक्षकों के साथ बातचीत कर समस्या का हल निकालने का आग्रह किया है.
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