प्रभात खबर डॉक्टर्स सम्मान सह कवि सम्मेलन में वीर रस की कविताओं की गूंज

Updated at : 26 Aug 2018 8:13 AM (IST)
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प्रभात खबर डॉक्टर्स सम्मान सह कवि सम्मेलन में वीर रस की कविताओं की गूंज

बारिश में हमने देखा बादल का भीगना… आंखों के साथ-साथ वो काजल का… रांची : बारिश में भीग रही शाम धीरे-धीरे रात के अंधेरे में गदरायी जा रही थी, पर इसके साथ ही शनिवार को रिम्स ऑडिटोरियम डॉ अरुण जैमिनी के लतीफे, डॉ विष्णु सक्सेना के मुक्तक, डॉ नसीम निखत के प्रेम भरे गीत और […]

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बारिश में हमने देखा बादल का भीगना…
आंखों के साथ-साथ वो काजल का…
रांची : बारिश में भीग रही शाम धीरे-धीरे रात के अंधेरे में गदरायी जा रही थी, पर इसके साथ ही शनिवार को रिम्स ऑडिटोरियम डॉ अरुण जैमिनी के लतीफे, डॉ विष्णु सक्सेना के मुक्तक, डॉ नसीम निखत के प्रेम भरे गीत और डॉ राहुल अवस्थी के वीर रस की कविताओं के साथ गुंजायमान हो रहा था.
मुक्तक और प्रेम के गीतों में वाहवाही, हास्य कविताओं में जोरदार ठहाके प्रभात खबर के डाॅक्टर्स सम्मान समारोह के मौके पर आयोजित कवि सम्मेलन की सफलता की कहानी बयां कर रहे थे. घंटे भर की इस ठहाकों भरी शाम में प्रेम की नसीहतों और वीर रस की कविताओं में देशभक्ति का उद्गार चरम पर रहा. इसके पहले कार्यक्रम में चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा देने वाले डॉक्टराें को सम्मानित किया गया.
मुख्य अतिथि के रूप में स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी और विशिष्ट अतिथि के रूप में योगदा आश्रम रांची के प्रशासक स्वामी डॉ ईश्वरानंद गिरि शामिल हुए. स्वागत भाषण प्रभात खबर के एमडी केके गोयनका ने दिया. धन्यवाद ज्ञापन प्रभात खबर के एवीपी विजय बहादुर और मंच का संचालन राजश्री प्रसाद ने किया.
यूं तो तुम्हारे वास्ते हद से गुजर जायेगी मां…
हे सरस्वती मां तुम्हारी प्रथम वंदन करता हूं…काव्य ज्ञान प्रदान कर दो ऐसी प्रार्थना करता हूं. डॉ विष्णु सक्सेना के इस वीणापाणि की अाराधना गीत से कवि सम्मेलन कार्यक्रम की शुरुआत हुई. हंसी-ठिठोली, व्यंग्य, प्रेम व कटाक्ष से भरी कविताओं के इस कार्यक्रम की पहली शोभा डॉ नसीम निखत बनीं. उन्होंने न सिर्फ प्रेम की कविताएं सुनायी बल्कि आज की युवा पीढ़ी को प्रेम में जाने के पूर्व कुछ सावधानियां बरतने की सलाह भी दे दी. मौसम की तारीफ में गीत में सुनाया कि
बारिश में हमने देखा बादल का भीगना
आंखों के साथ-साथ वो काजल का भीगना
फूलाें के रंग बन गये अल्हड़ की ओढ़नी
तंज है कच्चे रंग की मलमल का भीगना…
वहीं प्रेमिका का अपने प्रेमी पर तंज कसते हुए यह कहना कि जो हमने ये दिन गुजारे तुम्हारे बिन, जो दिल टूट गया तो मैं भी टूट जाऊं क्या, में उन्होंने दिल की बात दर्शकों के बीच रख दी. एक आदमी के जीवन में मां की महत्ता पर सुनाया कि यूं तो तुम्हारे वास्ते हद से गुजर जायेगी मां, तुमको कुछ होने से पहले खुद ही मर जायेगी मां…
राहुल गांधी की तकदीर ऐसी है कि वह ताश की गड्डी खरीद कर…
मंच के सरताज के रूप में मौजूद अरुण जैमिनी ने हास्य के एक से बढ़ कर एक दो पक्तियां सुनायी. उन्होंने प्रधानमंत्री पर व्यंग्य प्रहार करते हुए सुनाया : पाकिस्तान में इमरान के प्रधानमंत्री बनने के बाद किसी ने मुझे बताया कि क्रिकेट से ताल्लुक रखने वाला इमरान काफी तेज फेंकता है, तो मैंने उससे कहा कि हमारे वाले प्रधानमंत्री से ज्यादा फेंकता है क्या?
राहुल गांधी पर व्यंग्य कसते हुए कहा कि राहुल गांधी की तकदीर ऐसी है कि वह ताश की गड्डी खरीद कर लाया, तो उसमें से भी सत्ता गायब थी. वहीं डॉक्टरों की हेंडराइटिंग के बारे बताया कि एक बार एक महिला केमिस्ट की दुकान पर जा कर एक पेपर देती है और दुकानदार से कहती है कि मेरे पति डाॅक्टर हैं, उन्होंने विदेश से चिट्ठी लिखी है. जरा पढ़ कर सुनाना़
दिल बीमार हो तो दवाएं देते हैं…
प्रेम की कविताओं से ताल्लुक रखनेवाले डॉ विष्णु सक्सेना ने प्रेम की कविता सुनायी:
दिल बीमार हो तो दवाएं देते हैं
मैं सबसे प्यारा हो जाऊं दुआएं देते हैं
ए मेरे रब सांस-सांस में महक जाऊं
मेरी आवाज को खुशबू की हवाएं दे दे.
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