तालाबंदी कर धरना पर बैठे छात्र-छात्राएं

Published at :10 Dec 2015 9:42 PM (IST)
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तालाबंदी कर धरना पर बैठे छात्र-छात्राएं

तालाबंदी कर धरना पर बैठे छात्र-छात्राएं10 कुजू: तालाबंदी के बाद आंदोलन करते छात्र-छात्राएं.मांडू. खाता न बही, जो कहे महाविद्यालय प्राचार्य वहीं सही. यह कथन चरितार्थ हो रहा है इंदिरा गांधी श्रमिक महाविद्यालय मांडू में. महाविद्यालय का हाल यह है कि गुरुवार को कॉलेज के दर्जनों छात्र-छात्राओं ने नियमित पठन-पाठन की मांग को लेकर महाविद्यालय में […]

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तालाबंदी कर धरना पर बैठे छात्र-छात्राएं10 कुजू: तालाबंदी के बाद आंदोलन करते छात्र-छात्राएं.मांडू. खाता न बही, जो कहे महाविद्यालय प्राचार्य वहीं सही. यह कथन चरितार्थ हो रहा है इंदिरा गांधी श्रमिक महाविद्यालय मांडू में. महाविद्यालय का हाल यह है कि गुरुवार को कॉलेज के दर्जनों छात्र-छात्राओं ने नियमित पठन-पाठन की मांग को लेकर महाविद्यालय में तालाबंदी कर धरना पर बैठ गये. छात्रों का कहना था कि हमलोग जब से महाविद्यालय में नामांकन कराये है, तब से पठन-पाठन के लिए सिर्फ प्राचार्य द्वारा आश्वासन दिया जा रहा है. लेकिन एक दिन भी महाविद्यालय में पढ़ाई नहीं हुई है. साथ ही किसी भी विषय का रूटिंग भी नहीं बताया गया है. इसके अलावा छात्रों ने कहा कि महाविद्यालय में ली जाने वाली फीस की कोई रशीद नहीं दी जाती. तथा फीस के नाम पर मनमानी राशि वसूली जाती है. करीब एक घंटे बाद कॉलेज के प्राचार्य पीपी चंदन मामले को सलटाने के लिए छात्रों को समझाने का प्रयास किया. परंतु छात्रों के बीच प्राचार्य द्वारा दिया गया आश्वासन भी खोखला साबित हुआ. बाद में छात्रों ने कॉलेज का चाबी लेकर घर चलते बने. समाचार लिखे जाने तक महाविद्यालय में ताला बंद था. महाविद्यालय में वर्तमान में तीनों सत्र में करीब दो हजार छात्र अध्ययनरत है. मौके पर चंदन कुमार, हाजरा खातून, सुहानी खातून, रिंकी, काजल, रौशन, नसीमुन, पूजा, बबीता, बसंती, बेबी, सानो हफीजुन, लाडली, परवीना, मो तजमुल, मो अरमान, नेहाल खान, मो सरफराज, निक्की कुमार, शशि कुमार, धर्मेंद्र कुमार समेत कई छात्र शामिल थे.क्या कहते है प्राचार्य: इस संबंध में प्राचार्य पीपी चंदन ने आरोप को खारिज करते हुए कहा कि कॉलेज में पढ़ाई होती है. लेकिन अधिकांश छात्र अनुपस्थित रहते है.शांसी निकाय के है पदाधिकारी: इंदिरा गांधी श्रमिक महाविद्यालय मांडू में झारखंड राज्य विवि अधिनियम 2000 यथा अद्यतन संषोधित की धारा 60 (1) (4) के अंतर्गत निम्नलिखित व्यक्तियों को शांसी निकाय का पदाधिकारी व सदस्य बनाया गया है. जिसमें विद्यालय मांडू अध्यक्ष, जिला उपायुक्त सचिव, संत कोलंबा महाविद्यालय इतिहास विभाग के विश्वविद्यालय प्रतिनिधि डॉ विमल रेभेन, दानदाता छोटेलाल साहू व पदेन सदस्य प्रधानाचार्य है.शुल्क को बैंक में जमा करने का दिया था निर्देश: विभावि के कुल सचिव ने महाविद्यालय के प्रधानाचार्य को पत्र प्रेषित कर महाविद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक शुल्क चालान द्वारा बैंक में जमा करने का निर्देश देते हुए कार्यरत शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारियों का वेतन भुगतान बैंक के माध्यम से करने का निर्देश दिया था. जिसका अनुपालन नहीं हो रहा है.

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