अधिप्राप्ति केंद्र पर नहीं हुई धान की खरीदारी
Updated at : 19 Mar 2015 6:25 AM (IST)
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हाल पाकुड़ जिले में धान अधिप्राप्ति का पाकुड़ : राज्य सरकार की उदासीनता की वजह से जिले के किसानों को पिछले दो साल से धानों को बेचने में मन मुताबिक मूल्य नहीं मिल पा रहा है. इसका कारण झारखंड सरकार द्वारा लागू की गयी धान अधिप्राप्ति योजना का जिले में पूरी तरह ठप होना है. […]
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हाल पाकुड़ जिले में धान अधिप्राप्ति का
पाकुड़ : राज्य सरकार की उदासीनता की वजह से जिले के किसानों को पिछले दो साल से धानों को बेचने में मन मुताबिक मूल्य नहीं मिल पा रहा है. इसका कारण झारखंड सरकार द्वारा लागू की गयी धान अधिप्राप्ति योजना का जिले में पूरी तरह ठप होना है.
इस कारण सरकार द्वारा धान की निर्धारित दर 1360 रुपये प्रति क्विंटल दर के बजाय किसान बाजार में 1120 से 1130 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर बेचने को मजबूर हैं. बता दें कि झारखंड सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2012 में धान अधिप्राप्ति की व्यवस्था शुरू की गयी थी. इसके तहत पाकुड़ जिले को वित्तीय वर्ष 2012-13 में आठ आठ करोड़ 20 लाख रुपये का आवंटन भी दिया गया और 56 हजार 569 क्विंटल 34 किलो धान की अधिप्राप्ति लैंपसों के माध्यम से की गयी थी.
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