चीरी में हिरण पार्क बनाने का सपना अधूरा

Updated at : 20 Apr 2017 7:05 AM (IST)
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चीरी में हिरण पार्क बनाने का सपना अधूरा

विधानसभा में मंत्री के आश्वासन के सात साल बाद भी नहीं बढ़ी फाइल कुड़ू (लोहरदगा) : प्रखंड के चीरी में हिरण पार्क बनाने का सपना 10 साल बाद भी अधूरा पड़ा है. वर्ष 2010 में तत्कालीन पर्यटन मंत्री बैजनाथ राम ने पूर्व विधायक कमल किशोर भगत के विधानसभा में उठाये गये सवाल के जवाब में […]

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विधानसभा में मंत्री के आश्वासन के सात साल बाद भी नहीं बढ़ी फाइल
कुड़ू (लोहरदगा) : प्रखंड के चीरी में हिरण पार्क बनाने का सपना 10 साल बाद भी अधूरा पड़ा है. वर्ष 2010 में तत्कालीन पर्यटन मंत्री बैजनाथ राम ने पूर्व विधायक कमल किशोर भगत के विधानसभा में उठाये गये सवाल के जवाब में घोषणा की थी कि चीरी में हिरण पार्क बनाया जायेगा.
मंत्री को घोषणा किये हुए सात साल गुजर गये हिरण पार्क बनना तो दूर इसकी फाइल कहां दबी है किसी को पता नहीं है. चीरी में हिरण पार्क बनने से जहां ग्रामीणों को रोजगार मिलता वहीं कुड़ू प्रखंड का नाम पर्यटन के क्षेत्र में पूरे देश में होता. बताया जाता है कि अविभाजित बिहार सरकार के कार्यकाल में वर्ष 1995 में रांची और लोहरदगा जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हिरण पार्क बनाने की योजना थी. विशुनपुर के तत्कालीन विधायक सह पर्यटन मंत्री भुखला भगत ने रांची जिले के कालामाटी और लोहरदगा जिले के चीरी में हिरण पार्क बनाने के स्वीकृति दी थी. हिरण पार्क बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई. चीरी के साथ सौतेला व्यवहार यहीं से शुरू हो गया. वर्ष 1996 में रांची जिले के कालामाटी में हिरण पार्क बन कर तैयार हो गया और पर्यटन मंत्री ने उदघाटन भी कर दिया़ जबकि चीरी का मामला अधर में लटक गया. वर्ष 2010 में तत्कालीन विधायक कमल किशोर भगत ने विधानसभा में चीरी में हिरण पार्क बनाने का मामला उठाया. तत्कालीन पर्यटन मंत्री बैजनाथ राम ने मामले की जांच करा कर चीरी में हिरण पार्क बनाने का आश्वासन दिया. जिला प्रशासन को जांच के लिए मामला भेजा गया.
जांच करने तथा वन विभाग द्वारा रिर्पोट भेजने के बावजूद मामला कहां फंसा यह कोई बताने को तैयार नहीं है. बताया जाता है कि कुड़ू वन विभाग ने मामले की जांच करने के बाद इससे संबंधित फाइल वाइल्ड लाइफ विभाग रांची को चार साल पहले भेजाथा मामला वहीं पर अधर में लटक गया है़ कारण जब तक वाइल्ड लाइफ विभाग की अनुमति नहीं होगी हिरण पार्क नहीं बन सकता है़
सरकार को राजस्व की प्राप्ति होती : राज्य से बाहर केलोग कुड़ू आते तथा पर्यटन के माध्यम से सरकार को राजस्वकी प्राप्ति होती.
हिरण पार्क बनाने की सभी अहर्ता मौजूद
चीरी में हिरण पार्क बनाने के लिए सरकार ने जो अहर्ता रखी है उसे चीरी का सुरक्षित वन क्षेत्र पूरा करता है. लगभग एक सौ एकड़ में वन क्षेत्र फैला है. यह क्षेत्र जिला तथा प्रखंड को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के किनारे स्थित है. जंगल के बीच में नदी बहती है. पार्क के किनारे कई स्पाॅट देखने लायक है.
इस संबंध में कुड़ू बीडीओ संतोष कुमार ने बताया कि मुझे कोई जानकारी नहीं है. यदि जांच के लिए कुछ मामला आयेगा तो देखते हैं. कुड़ू वन क्षेत्र पदाधिकारी चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि चीरी में हिरण पार्क बनाने के लिए मामला जांच के लिए आया था. जांच रिपोर्ट भेजे चार साल हो गये मामला कहां फंसा है जानकारी नहीं है़
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