कुछ ने सराहा, तो कुछ ने जतायी नाराजगी

Updated at : 19 Nov 2016 8:14 AM (IST)
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कुछ ने सराहा, तो कुछ ने जतायी नाराजगी

झुमरीतिलैया : 10 दिन पूर्व मोदी सरकार द्वारा लिये गये नोटबंदी के फैसले पर जब लोगों से बात की गयी, तो लोगों ने अपनी अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है. कुछ लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया, तो कुछ लोगों ने नाराजगी भी जतायी. सूर्या टेक्नोलॉजी के निदेशक सौरभ कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा […]

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झुमरीतिलैया : 10 दिन पूर्व मोदी सरकार द्वारा लिये गये नोटबंदी के फैसले पर जब लोगों से बात की गयी, तो लोगों ने अपनी अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है. कुछ लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया, तो कुछ लोगों ने नाराजगी भी जतायी. सूर्या टेक्नोलॉजी के निदेशक सौरभ कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा नोटबंदी पर लिया गया फैसला स्वागत योग्य है. इस फैसले से जहां एक ओर आतंकवाद व कालाधन पर नकेल कसेगा.
वहीं दूसरी ओर सरकार द्वारा जी एसटी लागू करने में मदद मिलेगी. सॉफ्टवेयर इंजीनियर मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा नोटबंदी के फैसले से कालाधन पर पूरी तरह से रोक लगाया जा सकती है. हांसरकार के इस फैसले से आम जनता को कुछ दिनों तक परेशानी को झेलनी पड़ेगी. व्यवसायी अमित अग्रवाल ने कहा कि 500-1000 के नोट बंदी से कालाधन पर रोक तो लगेगा, लेकिन 2000 के नोट चलाने को लेकर केंद्र सरकार ने निश्चित ही ऐसा कोई विकल्प सोचा होगा, जिससे 2000 के नोट का दुरुपयोग न हो सके. शिक्षक नितिन मिश्रा ने कहा कि नोटबंदी से जनता को परेशानी हो रही है.
नोटबंदी सरकार का एक अहम फैसला है, मैं उसका स्वागत करता हूं. लेकिन सरकार को चाहिए कि जनता की परेशानी को देखते हुए अतिशीघ्र कोई कारगर कदम उठायें. एक निजी संस्था के प्रबंधक सुधांशु पांडेय ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा देशहित में उठाया गया यह कदम भ्रष्टाचार व कालाधन पर अंकुश लगाने में मील का पत्थर साबित होगा. यह जरूर है कि आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन आने वाला समय भारत कि लिए एक अच्छा समय साबित होगा.
छात्रा सुलेखा कुमारी ने कहा कि हमारे देश के जवान सीमा पर देश की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान कर देते हैं, ताकि हम लोग सुरक्षित रह सके. देशहित में लिया गया केंद्र सरकार का फैसले पर हमलोग थोड़ी परेशानी तो झेल ही सकते है. ताकि हमारा देश वित्तीय रूप से भी सक्षम हो सके. छात्रा गुड्डी मिश्रा ने कहा कि जहां एक ओर केंद्र सरकार द्वारा लिया गया फैसले से कालाधन पर रोक लगेगी. वहीं दूसरी ओर लोगों को अपने खर्च के लिए बैंकों में लंबी लाइन लगानी पड़ रही है. सरकार को चाहिए कि लोगों की असुविधा को देखते हुए अतिशीघ्र बंद हुए नोटों के वैकल्पिक व्यवस्था करें.
इससे आम जनता को होनेवाले परेशानी से निजात मिल सकें. जय गोपाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बड़े नोटों को प्रचलन से बाहर करने के अब तक की स्थिति को देखें, तो इसका प्रभाव देश वासियों के सकारात्मक सोच को दर्शाता है. वहीं राजनीतिक पहलू से देखें, तो नेताओं के मन में बसे डर को देखा जा सकता है. प्रधानमंत्री ने बड़े नोटों पर प्रतिबंध लगाकर छोटे घरों में दबे छोटे नोटों को निकालने की एक सकारात्मक प्रक्रिया अपनायी है.
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