सैनिक स्कूल तिलैया ने पूरे किये 52 वर्ष

Updated at : 17 Sep 2015 8:59 AM (IST)
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सैनिक स्कूल तिलैया ने पूरे किये 52 वर्ष

कोडरमा : अपने गौरवशाली अतीत के पन्नों में 16 सितंबर को सैनिक स्कूल तिलैया ने एक और पन्ना जोड़ते हुए अपनी स्थापना के 52 वर्ष पूरे किये. इसके साथ ही स्कूल ने 53वें वर्ष में प्रवेश किया. समारोह के मुख्य अतिथि डिप्टी सेक्रेटरी ट्रेनिंग व आनरेरी सेक्रेटरी सैनिक स्कूल सोसाइटी रक्षा मंत्रालय नयी दिल्ली सुभाष […]

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कोडरमा : अपने गौरवशाली अतीत के पन्नों में 16 सितंबर को सैनिक स्कूल तिलैया ने एक और पन्ना जोड़ते हुए अपनी स्थापना के 52 वर्ष पूरे किये. इसके साथ ही स्कूल ने 53वें वर्ष में प्रवेश किया.
समारोह के मुख्य अतिथि डिप्टी सेक्रेटरी ट्रेनिंग व आनरेरी सेक्रेटरी सैनिक स्कूल सोसाइटी रक्षा मंत्रालय नयी दिल्ली सुभाष चंद्र थे. विद्यालय पहुंचने पर विद्यालय के प्राचार्य कर्नल वीके भट्ट, रजिस्ट्रार ले कर्नल एके रजक व प्रधानाध्यापक स्क्वाड्रन लीडर शमीम अख्तर ने उनका स्वागत किया. सुबह में उन्होंने स्कूल स्थित शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद हुए पूर्व वर्ती छात्रों को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद कैडेटों ने मुख्य अतिथि को गार्ड आफ ऑनर दिया.
स्पेशल एसेंबली में सबसे पहले स्कूल के संस्थापक प्राचार्य कर्नल एलइजी स्मिथ की मूर्ति पर मार्ल्यापण किया गया. इसके बाद मुख्य अतिथि ने केक काटा़ स्वागत भाषण में प्राचार्य कर्नल वीके भट्ट ने कहा कि आज का दिन यादगार होने के साथ ही प्रसन्नता भरा है. अपने व्यस्त क्षण में मुख्य अतिथि ने समय निकाल कर स्कूल को गौरवांवित किया है, तो पूर्ववर्ती छात्रों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया है.
उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल का आज जो स्थान है, वह यहां के कैडेटों की मेहनत व लगन का फल है. मुख्य अतिथि सुभाष चंद्र ने कहा कि मुझे प्रसन्नता हो रही है कि मैं ऐसे संगठन से जुड़ा हूं, जिसके अंतर्गत यह स्कूल भी आता है. सैनिक स्कूल तिलैया मात्र एक स्कूल नहीं, बल्कि अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए एक मानदंड और प्रेरणा स्रोत भी है.
इसका अतीत व वर्तमान दोनों गौरवपूर्ण है. मैं उम्मीद करता हूं कि विद्यालय विकास के नये सोपान बनायेगा. यह कैडेटों की साधना, लगन व गहन अध्ययन से ही संभव है. संचालन सीनियर मास्टर कविता प्रकाश ने किया व धन्यवाद ज्ञापन रजिस्ट्रार ले कर्नल एके रजक ने किया.
वहीं पूर्ववर्ती छात्र डीडी लाहिरी व रामनाथ सिंह ने भी अपने विचार रखे. मुख्य अतिथि ने नालंदा हाउस व अशोक हाउस को क्रमश: कॉक हाउस शील्ड व एकेडमिक शील्ड देकर सम्मानित किया, जबकि प्राचार्य भट्ट ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट किया. मौके पर जिप अध्यक्ष महेश राय व अन्य पूर्ववर्ती छात्र डीडी लाहिरी, कमांडेंट मुन्ना सिंह, राधवेंद्र सिंह, सुबोध सिंह, रामनाथ सिंह तथा कैडेट मौजूद थे.
रंगारंग कार्यक्रम से मोह लिया मन
समारोह के दौरान कैडेटों ने एक से बढ़ कर एक प्रस्तुती देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया. कैडेट ओम राजपूत व टीम ने जय गणेश, जय गणेश पर नृत्य पेश किया तो कैडेट विशाल कुमार ने सोलो सांग ये मेरे प्यारे वतन पेश किया
कैडेट अमरजीत कुमार व ग्रुप ने ग्रुप सांग ऐसा देश है मेरा पेश किया. कैडेट प्रिंस कुमार व ग्रुप ने डांडिया नृत्य, कैडेट जीत चक्रवर्ती ने सोलो सांग छन से जो टूटे कोई सपना पेश किया. कैडेट अदिति राज व ग्रुप ने अंगरेजी स्किट व कैडेट शिवांश भट्ट व ग्रुप ने हिंदी कंपोजिशिन ये मेरे वतन के लोगों पेश किया़
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