गुमनामी में जीते हैं पंडाल बनानेवाले कारीगर...ओके

गुमनामी में जीते हैं पंडाल बनानेवाले कारीगर…ओकेफोटो १,२,3,४ खूंटी. पंडाल का निर्माण करना एक कला है. पंडाल की तो खूब प्रशंसा होती है, लेकिन इसे बनानेवाले को कोई नहीं पूछता है. उक्त बातें पुरूलिया (पश्चिम बंगाल) के तपन पाल ने कही. वे अपनी टीम के साथ बाजारटांड़ खूंटी में नेताजी चौक पूजा पंडाल का निर्माण […]
गुमनामी में जीते हैं पंडाल बनानेवाले कारीगर…ओकेफोटो १,२,3,४ खूंटी. पंडाल का निर्माण करना एक कला है. पंडाल की तो खूब प्रशंसा होती है, लेकिन इसे बनानेवाले को कोई नहीं पूछता है. उक्त बातें पुरूलिया (पश्चिम बंगाल) के तपन पाल ने कही. वे अपनी टीम के साथ बाजारटांड़ खूंटी में नेताजी चौक पूजा पंडाल का निर्माण कर रहे हैं. वे बताते हैं कि निश्चित समय पर काम पूरा करने की चुनौती रहती है. प्रतिदिन 20 घंटे तक लगातार काम करना पड़ता है. सहयोगी बापी दास, संजय पाल व कार्तिक पाल बताते हैं कि कारीगरों के हाथ पंडालों में रस्सी बांधते-बांधते छिल जाते है. शारीरिक थकान से चूर हो जाता है, लेकिन जब पंडाल बन कर तैयार हो जाता है, तो उसे देख कर सारी तकलीफ दूर हो जाती है. पंडाल बनाने की कला उन्हें विरासत में मिली है. प्रतिदिन मजदूरी में इन्हें चार सौ रुपये मिलते हैं. इसी से उनके परिवार का भरण-पोषण होता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




