हाइकोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक ने कहा- अगर पत्थलगड़ी का मतलब, हम भारत का संविधान नहीं मानेंगे है, तो यह देशद्रोह

Updated at : 03 Feb 2020 8:11 AM (IST)
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हाइकोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक ने कहा- अगर पत्थलगड़ी का मतलब, हम भारत का संविधान नहीं मानेंगे है, तो यह देशद्रोह

विधिक जागरूकता शिविर में बोले झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक खूंटी : अनुसूचित जनजाति के कुछ लोग गलत रास्ते पर जा रहे हैं. उन्हें रोकना हम सबका दायित्व है. खूंटी में पत्थलगड़ी एक समस्या बन कर आयी है. पत्थलगड़ी समस्या इसलिए है, क्योंकि हमें उसके बारे में पूरी जानकारी नहीं है. अगर हम […]

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विधिक जागरूकता शिविर में बोले झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक
खूंटी : अनुसूचित जनजाति के कुछ लोग गलत रास्ते पर जा रहे हैं. उन्हें रोकना हम सबका दायित्व है. खूंटी में पत्थलगड़ी एक समस्या बन कर आयी है. पत्थलगड़ी समस्या इसलिए है, क्योंकि हमें उसके बारे में पूरी जानकारी नहीं है. अगर हम संविधान को जानेंगे तो यह पायेंगे कि संविधान के तहत ही पत्थलगड़ी होनी चाहिए.
पत्थलगड़ी संविधान से बाहर नहीं है. जो भी कहता है कि पत्थलगड़ी का मतलब हम भारत का संविधान नहीं मानेंगे, तो वह देशद्रोह होगा. अपने संविधान को मानें, अपनी संस्कृति को मानें. देश व संविधान सर्वोपरि है.
उसे अपनाएं. उक्त बातें झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक ने नगर भवन में जिला प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के द्वारा बच्चे, आदिवासी और मानसिक रूप से दिव्यांगों के अधिकार और संरक्षण विषय पर आयोजित विधिक जागरूकता सह सशक्तीकरण शिविर में कही. उन्होंने कहा कि जब तक हम यह नहीं जानेंगे कि हमारा अधिकार क्या है, तब तक सुरक्षा की बात बेइमानी है.
सभी को संविधान के संबंध में जानना जरूरी है. बच्चों को संविधान की जानकारी देने के लिए स्कूलों में लीगल लिट्रेसी क्लब खोले गये हैं. खूंटी पिछड़ा जिला है, जो आदिवासी बहुल है. गांवों का विकास हो रहा है. उन्होंने घर-घर में शिक्षा का अलख जगाने की अपील की. लोगों को सही ढंग से जागरूक करें. कहा कि खूंटी को विश्व के मानचित्र में लेकर आयें. भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रवीण टोप्पो ने खूंटी परिसर में आवश्यक भवनों का निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की बात कही.
कार्यक्रम को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय कुमार सिन्हा और उपायुक्त सूरज कुमार ने भी संबोधित किया. इससे पहले मुख्य अतिथि जस्टिस डॉ एसएन पाठक ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की.
शिविर में सैकड़ों लाभुकों के बीच कुल 45 करोड़ रुपये के परिसंपतियों का वितरण किया गया. डायन प्रथा महज एक अंधविश्वास पर एक नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की गयी. नाटक के मंचन से प्रभावित होकर उन्होंने कलाकारों को 1100 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया. मौके पर एसपी आशुतोष शेखर, जिला जज प्रथम राजेश कुमार, सीजेएम सत्यप्रकाश, एसडीजेएम रवि प्रकाश तिवारी, न्यायिक दंडाधिकारी दिनेश बाउरी, तुषार कुमार, डीएलएसएस सचिव निताशा बारला सहित जिले के सभी अधिकारी और अन्य लोग उपस्थित थे.
साइकिल रैली निकाल कर दिया फिट रहने का संदेश : सुबह आठ बजे परिसदन भवन से हाई कोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक के नेतृत्व में साइकिल रैली निकाली गयी. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि साइकिल रैली का तीन उद्देश्य है. पहला फिट रहें, दूसरा ईंधन की बचत करें और तीसरा पर्यावरण को बचायें.
सदर अस्पताल में रक्तदान शिविर का किया उद्घाटन : हाइकोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक ने सदर अस्पताल में नवनिर्मित ब्लड बैंक का फीता काट कर उद्घाटन किया़ इस अवसर पर एक रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया. जिसमें कुल 14 व्यक्तियों ने रक्तदान किया़. इसी के साथ नवनिर्मित ब्लड बैंक कार्य करना भी शुरू कर दिया.
बिरसा मुंडा के गांव उलिहातू भी पहुंचे
जस्टिस डॉ एसएन पाठक बिरसा मुंडा के गांव उलिहातू भी पहुंचे. वहां उन्होंने बिरसा मुंडा के प्रतिमा में माल्यार्पण कर नमन किया. उनके वंशजों से मिल कर हालचाल पूछा. इसके अलावा आसपास के गांवों के हालात भी देखा.
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