धर्म विरोधी व्यक्तियों को चिह्नित कर आदिवासी गांवों में प्रवेश पर लगायी जायेगा रोक : आदिवासी समाज
Updated at : 14 Aug 2017 11:43 AM (IST)
विज्ञापन

जेएमएम के युवा जिलाध्यक्ष के बयान की मांझी परगना सरदार महासभा सहित अन्य विभिन्न संगठनों ने प्रेस वार्ता कर की निंदा जामताड़ा : मांझी परगना सरदार महासभा, मांझी परगना एभेन गांवता, जय आदिवासी युवा शक्ति की संयुक्त प्रेसवार्ता रविवार को आयोजित की गयी. इस दौरान सरदार महासभा के सचिव बाबूलाल सोरेन, युवा शक्ति के प्रभारी […]
विज्ञापन
जेएमएम के युवा जिलाध्यक्ष के बयान की मांझी परगना सरदार महासभा सहित अन्य विभिन्न संगठनों ने प्रेस वार्ता कर की निंदा
जामताड़ा : मांझी परगना सरदार महासभा, मांझी परगना एभेन गांवता, जय आदिवासी युवा शक्ति की संयुक्त प्रेसवार्ता रविवार को आयोजित की गयी.
इस दौरान सरदार महासभा के सचिव बाबूलाल सोरेन, युवा शक्ति के प्रभारी श्यामलाल मरांडी, जिला सरना समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार हेंब्रम सहित अन्य ने कहा कि जेएमएम युवा जिलाध्यक्ष बासुदेव मरांडी के बयान की निंदा करते हैं. सुनील कुमार हेंब्रम ने कहा कि बासुदेव ने नौ अगस्त विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम को राजनीतिक रूप देते हुए समाज के अगुवागणों पर भाजपा का एजेंट होने का आरोप लगाया. कार्यक्रम में एक खास तरह का झंडा लगाया गया. बासुदेव मरांडी के अधर्मी, अज्ञानता, असमाजिकता का प्रमाण यहीं मिलता है.
पूरे भारत देश के सरना धर्मावलंबियों का आस्था का प्रतीक, सरना झंडा को नहीं पहचान पाया और विश्व आदिवासी दिवस में यह झंडा हमेशा से हमे अपने धर्म, संस्कृति, आस्था, मारांगबुरू, जाहेर एरा आदि का स्मरण कराती है. कहा कि बासुदेव मरांडी को यह भी मालूम नहीं है कि इन्हीं समाज के अगुवा द्वारा समाज में जब भी संकट आया है पूरे भारत वर्ष में आंदोलन चलाया गया. समाज के संगठनों द्वारा सीएनटी-एसपीटी एक्ट के लिए उग्र आंदोलन भी किया जिसका प्रतिफल है कि झारखंड सरकार को संशोधन बिल-वापस लेना पड़ा.
उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में जल, जंगल, जमीन के अधिकार के तहत झारखंड के बालूघाटों को पूंजीपतियों को देने के विरोध में हमारे संगठन के द्वारा संपूर्ण झारखंड बंद करते हुए यह मांग की गई थी कि झारखंड के लघु खनिज, समानुदान नियमावली एवं 5वीं अनुसूची के प्रावधान के तहत बालू घाटों की निविदा पूंजिपतियों को बेदखल कर स्थानीय पंचायतों एवं आदिवासी सरकारी समितियों को बालू बंदोबस्ती का अधिकार दिया जाय. उन्होंने कहा कि ऐसी ओझी मानसिकता वाले समाज विरोधी, धर्म विरोधी, व्यक्तियों को चिह्नित कर आदिवासी गांवों में प्रवेश निषेध किया जायेगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




