मेडिका में डिलेवरी के 10 दिन बाद महिला की मौत, हंगामा

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जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित मेडिका अस्पताल में रविवार को इलाज के दौरान शिनू देवी की मौत हो गयी. इसकी जानकारी मिलते ही परिजनों ने डॉक्टर व अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का अारोप लगाकर अस्पताल में हंगामा किया. सूचना मिलते ही बिष्टुपुर पुलिस व वज्र वाहन में 50 से अधिक पुलिसकर्मी अस्पताल पहुंचे. घटना के दो […]

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जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित मेडिका अस्पताल में रविवार को इलाज के दौरान शिनू देवी की मौत हो गयी. इसकी जानकारी मिलते ही परिजनों ने डॉक्टर व अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का अारोप लगाकर अस्पताल में हंगामा किया. सूचना मिलते ही बिष्टुपुर पुलिस व वज्र वाहन में 50 से अधिक पुलिसकर्मी अस्पताल पहुंचे.

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घटना के दो घंटे के बाद तक परिजनों से वार्ता करने अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई नहीं आया. बारीडीह दुर्गापूजा मैदान के पास रहने वाले कृष्णा ने बताया कि जी टाउन क्लब के कर्मचारी शत्रुधन कुमार की पत्नी शिनू देवी की डॉक्टर सुब्रतो मल्लिक व अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से मौत हो गयी.
शिनू को चार अक्तूबर को मेडिका अस्पताल में डाॅ मल्लिक व उनकी टीम ने ऑपरेशन कर प्रसव कराया था. ऑपरेशन के बाद शिनू का पेट फूल गया और उसमें दर्द हो रहा था. दो दिन पहले शिनू ने पेट फूलने व दर्द की शिकायत डॉक्टर से मिलकर की तो उसे गैस बताकर इनो लेने की सलाह दी गयी. उससे स्थिति सुधारने की जगह बिगड़ती चली गयी. रविवार शाम परिजन शिनू को लेकर मेडिका अस्पताल आये.
यहां वह अच्छी तरह बात कर रही थी. इमरजेंसी में डाक्टरों ने परिजनों को बाहर कर दिया. आधे घंटे बाद ही उसे मृत घोषित कर दिया. परिजनों का आरोप है कि शीशे के भीतर उन्हें दिख रहा था कि शिनू दर्द से कराह रही है और डाक्टर-नर्स बैठकर बातचीत कर रहे थे. परिजनों का कहना था कि समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच सकती थी. देर रात तक अस्पताल प्रबंधन व परिजनों के बीच वार्ता चल रही थी.
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