गलत काम नहीं किया, अब और हिम्मत नहीं, लिख कर रिमांड होम में फांसी से लटक गया नाबालिग

Updated at : 21 Sep 2018 6:57 AM (IST)
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गलत काम नहीं किया, अब और हिम्मत नहीं, लिख कर रिमांड होम में फांसी से लटक गया नाबालिग

जमशेदपुर : घाघीडीह स्थित रिमांड होम में बंद 17 साल के एक नाबालिग ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. वह उलीडीह थाना क्षेत्र के गौड़ बस्ती का रहनेवाला था. गंभीर आरोप में आठ अप्रैल 2018 से रिमांड होम में बंद था. गुरुवार सुबह रिमांड होम के कॉमन रूम में उसका शव कुंडी के सहारे […]

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जमशेदपुर : घाघीडीह स्थित रिमांड होम में बंद 17 साल के एक नाबालिग ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. वह उलीडीह थाना क्षेत्र के गौड़ बस्ती का रहनेवाला था. गंभीर आरोप में आठ अप्रैल 2018 से रिमांड होम में बंद था. गुरुवार सुबह रिमांड होम के कॉमन रूम में उसका शव कुंडी के सहारे लटका मिला. पुलिस को मौके से तीन पन्नों का सुसाइडल नोट मिला है.
इसमें उसने खुद को निर्दोष बताया है. लिखा है : मैंने कोई गलत काम नहीं किया. अगर अभी भी विश्वास नहीं है, तो मोबाइल देख सकते हैं. आत्महत्या मामले की जांच का आदेश दे दिया गया है.रिमांड होम पहुंचे कई अधिकारी.बताया जाता है कि बुधवार रात को नाबालिग सभी बाल बंदियों के साथ खाना खाकर सोने चला गया था.
बेल नहीं होने पर परिजनों को परेशान देख दुखी था
डीसी ने जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की, टीम में एनइपी निदेशक रंजना मिश्रा अौर डीएसपी आलोक रंजन शामिल
मामला गंभीर, दोषी पर कार्रवाई हो : सरयू राय
नाबालिग की आत्महत्या की सूचना के बाद मंत्री सरयू राय भुइयांडीह स्थित सुवर्णरेखा बर्निंग घाट पहुंचे. परिजनों से बात की. घटना की पूरी जानकारी ली. उन्होंने कहा कि यह मामला गंभीर है. इस मामले में जो भी दोषी हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए.
निर्दोष था मेरा भाई, बिना जांच के पुलिस ने भेज दिया था जेल
नाबालिग के भाई ने आरोप लगाया है कि बिना किसी जांच के उसके भाई को जेल भेज दिया गया. उलीडीह पुलिस मामले की सही तरीके से जांच करती, तो मेरा भाई सुसाइड नहीं करता. पुलिस ने जबरन डरा- धमका कर मेरे भाई को गंभीर आरोप में जेल भेज दिया. पूछताछ के दौरान मेरे भाई ने पुलिस को बताया था कि गौड़ बस्ती की एक लड़की ने उसे फोन कर बुलाया था.
वहां जाने पर लड़की ने मोबाइल खरीदने के लिए उससे रुपये मांगे थे. नहीं देने पर पुलिस केस में फंसाने की धमकी दी थी. मेरे भाई के पास पैसे नहीं थे. बाद में लड़की ने मेरे भाई व उसके दोस्त पर केस दर्ज करा दिया. मेरे भाई ने मोबाइल की जांच करने को कहा. पर पुलिस ने नहीं की. बिना किसी जांच के ही उसे जेल भेज दिया.
पूर्व थाना प्रभारी मुकेश पर कार्रवाई की मांग एसएसपी को शिकायत
नाबालिग के भाई ने घटना के लिए उलीडीह के पूर्व थाना प्रभारी मुकेश चौधरी को जिम्मेदार ठहराया है. देर रात एसएसपी अनूप बिरथरे से मिलकर मुकेश के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. बताया कि मुकेश ने उसके भाई को जबरन गिरफ्तार कर जेल भेजा था. कहा: मुकेश चौधरी ने रात भर पिटाई करा कर भाई से गुनाह कबूल करवाया था. परिजनों ने भी मोबाइल चेक करने की बात कही. लेकिन मुकेश ने नहीं किया. मुकेश के मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली.
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