लखाई की हत्या में डॉ. टुडू समेत तीन दोषी

Updated at : 25 Aug 2018 6:31 AM (IST)
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लखाई की हत्या में डॉ. टुडू समेत तीन दोषी

जमशेदपुर : परसुडीह के करनडीह चौक पर झामुमो नेता (उपाध्यक्ष) लखाई हांसदा की बम मारकर हत्या करने के आरोपी डाॅक्टर टुडू उर्फ श्यामा प्रसाद टुडू, छोटराय सोरेन और कारु सोरेन को अदालत ने दोषी करार दिया है. जिला जज 13 प्रभाकर सिंह की अदालत 29 अगस्त को दोषियों को सजा सुनायेगी. तीनों को अदालत ने […]

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जमशेदपुर : परसुडीह के करनडीह चौक पर झामुमो नेता (उपाध्यक्ष) लखाई हांसदा की बम मारकर हत्या करने के आरोपी डाॅक्टर टुडू उर्फ श्यामा प्रसाद टुडू, छोटराय सोरेन और कारु सोरेन को अदालत ने दोषी करार दिया है. जिला जज 13 प्रभाकर सिंह की अदालत 29 अगस्त को दोषियों को सजा सुनायेगी. तीनों को अदालत ने 302,427,120बी तथा 3/4 विस्फोटक अधिनियम के तहत दोषी करार दिया है.
घाघीडीह जेल से पीछे बेडाढ़ीपा में सरकारी जमीन को लेकर चल रहे विवाद में 19 जनवरी 2014 की रात साढ़े अाठ बजे घटना को अंजाम दिया गया था. पुलिस ने कुल नौ लोगों की गवाही अदालत में करायी. तीनों आरोपी जमानत पर थे. इधर, डाॅक्टर टुडू 10 अगस्त को नागाडीह में बच्चा चोरी की अफवाह में चार लोगों की हत्या मामले में कोर्ट में सरेंडर कर जेल में था.
अदालत में दोषी करार दिये जाने के बाद पुलिस ने डाॅक्टर टुडू को रिमांड पर लिया है, जबकि छोटेराय सोरेन और कारु सोरेन को न्यायिक हिरासत में लिया गया है. परसुडीह थाना में 20 जनवरी 2014 को मृतक लखाई की पत्नी दानगी हांसदा के बयान पर तीनों नामजद समेत अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया गया था.
चालक बयान से मुकरा
करनडीह में लखाई हांसदा की बम मारकर हत्या के चश्मदीद गवाह स्कॉर्पियो चालक गणेश लोहार ने अदालत में गवाही के दौरान आरोपियों को पहचानने से इंकार कर दिया. अपर लोक अभियोजक श्याम कुमार महतो ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल विष्फोटक के अवशेष की रांची स्थित एफएसएल में जांच करायी गयी. रांची से जो रिपोर्ट अदालत को मिली, उसके आधार पर तीनों हत्यारों को दोषी करार दिलाने में सहायक रही. अदालत को भेजी गयी रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख है कि हत्या के समय तीनों का टावर लोकेशन घटना स्थल पर था और जिस बम से मारा गया वह देशी तकनीक से बना था.
क्या था मामला : झामुमो नेता लखाई हांसदा और डाॅक्टर टुडू के बीच जमीन विवाद को लेकर तनाव था. लखाई ने जमीन विवाद को लेकर 15 मई 2011 को डाॅक्टर टुडू के करीबी गणेश टुडू की बेडाढ़ीपा में हत्या कर दी थी. इस आरोप में दस माह तक लखाई जेल में बंद था. जेल से निकलने के बाद लखाई हांसदा ने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया था.
19 जनवरी 2014 की वह अपने चालक के साथ सफेद रंग की स्कॉर्पियो से करनडीह चौक गया था. साढ़े नौ बजे के लाल रंग की कार से आये डाॅक्टर टुडू, छोटराय सोरेन तथा कारु सोरेन ने स्कॉर्पियो में चालक सीट के बगल बैठे लखाई हांसदा पर बम से हमला किया और फरार हो गये. घायल लखाई को टीएमएच ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद पुलिस ने लाल कार चाईबासा से बरामद की थी.
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