विस्थापितों की मांगों पर होगा विचार जांच के बाद दोषियों को मिलेगी सजा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :03 Oct 2016 8:11 AM (IST)
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बड़कागांव गोलीकांड. मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी पहुंचे, बोले अधिकारियों ने लिया जायजा, सुखदेव को थाने में रोका हजारीबाग-बडकागांव : हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड स्थित डाड़ीकला में विस्थापितों पर हुई फायरिंग के बाद की स्थिति का जायजा लेने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमला रविवार को घटनास्थल पर पहुंचा. मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, डीजीपी […]
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बड़कागांव गोलीकांड. मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी पहुंचे, बोले
अधिकारियों ने लिया जायजा, सुखदेव को थाने में रोका
हजारीबाग-बडकागांव : हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड स्थित डाड़ीकला में विस्थापितों पर हुई फायरिंग के बाद की स्थिति का जायजा लेने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमला रविवार को घटनास्थल पर पहुंचा.
मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, डीजीपी डीके पांडेय, गृह सचिव एनएन पांडेय, आइजी अनुराग गुप्ता, एमएस भाटिया, डीआइजी उपेंद्र कुमार, डीसी रविशंकर शुक्ला, एसपी भीम सेन टूटी बड़कागांव पहुंचे. प्रखंड मुख्यालय में एनटीपीसी के अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन के साथ बैठक की. मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने कहा कि घटना काफी दुखद है. शांति-व्यवस्था को बाधित करने की अनुमति किसी को नहीं दी जायेगी. रैयतों की जो भी मांगें हैं, उन पर विचार किया जायेगा. जांच के बाद दोषी लोगों को सजा सुनिश्चित की जायेगी.इस दिशा में सरकार पहल कर रही है.
उधर, फायरिंग में मरनेवाले सभी चार लोगों का हजारीबाग सदर अस्पताल में मेडिकल टीम की निगरानी में पोस्टमार्टम किया गया. मृतक मो मेहताब की कमर में इंसास राइफल की गोली लगी थी, जिसे डॉक्टरों ने निकाला. शाम पांच बजे सभी मृतकों मो मेहताब, रंजन कुमार दास, अभिषेक कुमार राय और पवन कुमार के शव बड़कागांव पहुंचे. शव पहुंचते ही बड़कागांव में मातम पसर गया. चेपाखुर्द, सिंदुवारी और सोनबरसा गांव में दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा. घरों में चूल्हे नहीं जले.
एक पखवारे से कफन सत्याग्रह कर रहीं कांग्रेस विधायक निर्मला देवी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस के साथ विस्थापितों की झड़प के बाद स्थिति बिगड़ने के बाद से बड़कागांव के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात हैं. धारा 144 लागू कर दी गयी है.
कांग्रेस अध्यक्ष को बड़कागांव जाने से रोका
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखदेव भगत को पुलिस ने बड़कागांव जाने से रोक दिया. उन्हें उरीमारी पुलिस ने ढाई घंटे तक थाने में बठाये रखा. इससे सुखदेव भगत और उनके समर्थक नाराज हो गये. हालांकि, सुखदेव भगत ने कहा कि वह कानून का उल्लंघन नहीं करेंगे. पुलिस रोका, तो वह रुक गये. उन्होंने सवाल किया कि एक राष्ट्रीय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को घटनास्थल पर जाने से रोकना कहां तक जायज है. उन्होंने मृतकों के परिजन को सरकारी नौकरी और 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की.
वामदलों की जांच टीम घटनास्थल पर
इधर, वामदलों की जांच टीम घटनास्थल का जायजा लेने पहुंची. दल में विधायक राजकुमार यादव, दयामनी बारला, शुभेंदु सेन व अन्य शामिल थे. घटनास्थल का जायजा लेने और पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद दल ने घटना को पूर्व नियोजित बताया.
पंखा खराब अधिकारी परेशान
सभा कक्ष में पंखा खराब था. इससे अधिकारी गर्मी से परेशान हो गये. बीडीओ अलका कुमारी पंखा की व्यवस्था करने में व्यस्त रहीं.
लापता पवन की तलाश करते रहे परिजन, उधर शव लेकर सदर अस्पताल पहुंची पुलिस
बडकागांव. रात भर लापता पवन की तलाश करते रहे परिजन, वहीं रविवार सुबह उसका शव लेकर सदर अस्पताल पहुंची पुलिस. इसके बाद परिजनों को पवन के मौत की खबर मिली और सभी सदर अस्पताल पहुंचे . उसकी मां ने कहा कि मेरा पुत्र कभी आंदोलन में नहीं गया, लेकिन पुलिस ने उसे भी गोली मार दी. शव काे पोस्टमार्टम करा शाम में एंबुलेंस से उसके गांव सोनबरसा भेज दिया गया.
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