गरीबी और बीमारी से तंग दिव्यांग आदिवासी ने की आत्महत्या, फांसी लगाकर दे दी जान

Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 05 Mar 2020 3:17 AM

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गुमला शहर के करमटोली मुहल्ला निवासी बालक राम उरांव (30 वर्ष) ने गरीबी और बीमारी से तंग आकर मंगलवार देर रात घर पर फांसी लगाकर जान दे दी.

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दुर्जय/जॉली – गुमला : गुमला शहर के करमटोली मुहल्ला निवासी बालक राम उरांव (30 वर्ष) ने गरीबी और बीमारी से तंग आकर मंगलवार देर रात घर पर फांसी लगाकर जान दे दी. घटना के वक्त वह घर पर अकेला था. पत्नी प्राचीमनी देवी ने बताया कि उसके पति बालक राम का एक पैर खराब हो गया था. वह बैसाखी के सहारे चलता था. एक आंख से दिखाई भी नहीं देता था, जिससे वह लाचार हो गया था. बिस्तर पर पड़ा रहता था. उसकी मां मंगरी उराईन बगल के घर में रहती थी. बुधवार सुबह जब बालक राम के घर का दरवाजा देर तक बंद दिखा, तो पड़ोसी कमरे में गये, तो उसे फंदे पर लटकता पाया.

पैसे खत्म हो गये, पर बीमारी ठीक नहीं हुई : परिजनों ने बालक राम के इलाज के लिए 30 हजार रुपये में 60 डिसमिल जमीन बंधक रखी थी. कर्ज के तौर पर लिया गया पैसा उसके इलाज में खत्म हो गया, लेकिन बीमारी ठीक नहीं हुई. आयुष्मान कार्ड बना था, लेकिन उसे दवा निजी दुकान से खरीदनी पड़ रही थी. इलाज के लिए रांची आने-जाने में अधिक पैसा खर्च होने के कारण परिवार के समक्ष आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गयी. परिवार कर्ज में भी डूब गया था.

मामला गुमला के करमटोली मुहल्ला का : आयुष्मान कार्ड बना था, लेकिन जरूरत की दवा नहीं मिलती थी

इलाज के लिए 30 हजार रुपये में गिरवी रख दी थी 60 डिसमिल जमीन, लेकिन ठीक नहीं हुई बीमारी

होटल में मजदूरी कर परिवार पालती है पत्नी : परिवार के लोगों ने बताया कि बालक राम पहले ठीक था. तीन साल पहले वह मजदूरी कर रहा था. इसी दौरान उसके पैर में घाव हो गया था. इलाज नहीं कराने के कारण पैर में इंफेक्शन हो गया और वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गया था. बालक ने आयुष्मान कार्ड बनवाया, लेकिन रांची आने-जाने के लिए पैसे नहीं थे. उसने करौंदी गांव स्थित अपनी 60 डिसमिल जमीन 20 हजार रुपये में एक महिला के पास बंधक रख दी.

इलाज में कुछ सुधार हुआ. इसके बाद खेतीबारी कर पैसा जमा कर बंधक जमीन को मुक्त कराया, लेकिन बाद में पुन: उसका पैर खराब हो गया. उसने फिर 30 हजार रुपये में जमीन बंधक रख दी. दवा व इलाज लगातार हुआ, लेकिन पैर ठीक नहीं हुआ. घर की खराब स्थिति देख पत्नी होटल में मजदूरी करने लगी. वह जो कमाती थी, उसी से परिवार का गुजर बसर होता था . तंगी के कारण परेशान बालक राम ने आत्महत्या कर ली.

ननिहाल में रहकर पढ़ रहे हैं तीन बच्चे : मृतक बालक राम की पत्नी प्राचीमनी देवी ने बताया कि तंगी के कारण उनकी दो बेटी सोनामिका कुमारी (6), शिवानी कुमारी (12) और बेटा हिमांशु उरांव (पांच) ननिहाल में रह कर पढ़ाई कर रहा है. प्रशासन की तरफ से पीएम आवास बना है. राशन कार्ड भी है, लेकिन राशन कार्ड में घर के सभी सदस्यों का नाम नहीं चढ़ा है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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