लीड :14:::: पहाड़ की गुफा में मिला प्राचीन मंदिर

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 19 Oct 2015 6:10 PM

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लीड :14:::: पहाड़ की गुफा में मिला प्राचीन मंदिर साक्ष्य के अनुसार सातवीं व आठवीं शताब्दी का बताया जा रहा है.19 गुम 3 में पहाड़ में नाग देवता की नक्काशी19 गुम 4 में गुफा, यहां से अंदर जाते हैं19 गुम 5 में प्राचीन ईंट को दिखाते लोग19 गुम 6 में गुफा के अंदर झरनाप्रतिनिधि, बिशुनपुर(गुमला)बिशुनपुर […]

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लीड :14:::: पहाड़ की गुफा में मिला प्राचीन मंदिर साक्ष्य के अनुसार सातवीं व आठवीं शताब्दी का बताया जा रहा है.19 गुम 3 में पहाड़ में नाग देवता की नक्काशी19 गुम 4 में गुफा, यहां से अंदर जाते हैं19 गुम 5 में प्राचीन ईंट को दिखाते लोग19 गुम 6 में गुफा के अंदर झरनाप्रतिनिधि, बिशुनपुर(गुमला)बिशुनपुर प्रखंड के नरमा स्थित चार किमी खड़ी पहाड़ के गुफा में प्राचीन मंदिर मिला है. यहां जो साक्ष्य मिला है, उससे लगता है कि यह सातवीं व आठवीं शताब्दी का है. यह गुफा प्रखंड मुख्यालय से 18 किमी दूर है. जिसे स्थानीय लोग महादेव खाड़ के नाम से जानते हैं. प्राचीन मंदिर में कई धरोहर हैं. जिसे देखने लोग दूर-दूर से पहुंच रहे हैं. यहां प्राचीन मंदिर होने के कई प्रमाण हैं. ईंट मिला है. जिसका आकार एक फीट लंबा व चार ईंच मोटी है. माना जा रहा है कि जिस समय प्राचीन मंदिर टांगीनाथ व रंगनाथ मंदिर बना था. उसी समय इस मंदिर का निर्माण हुआ होगा. अवशेष के समीप जो गुफा है, उसके अंदर प्राकृतिक शिवलिंग है. अन्य पत्थरों से भिन्न है. चट्टानों में मां पार्वती, गणेश, नाग सांप और अनेक आकृतिया मिली है. वहां एक अद्भुत झरना प्रवाहित होता है. उसी झरना से शिवलिंग में जलाभिषेक निरंतर होता रहता है. चट्टानों पर रोशनी पड़ते ही ये चमक उठता है. कहा जाता है कि यहां के असुर जनजाति के लोग इस मंदिर में पूजा-अर्चना करते थे. दशकों पूर्व असुर जनजातियों के पूर्वजों के साथ यह मंदिर भी विलुप्त हो गयी थी. कुछ लोग लकड़ी चुनने गये थे. तभी गुफा के अंदर घुसे तो यह सारा प्रमाण मिला है. प्रखंड प्रमुख सावित्री देवी, सांसद प्रतिनिधि रवींद्र भगत वहां पहुंचे. पूरे दृश्य को देखा. ग्रामीणों ने यहां फिर से पूजा पाठ प्रारंभ करने का संकल्प लिया है. झरना व नदी है, पानी बहता हैगुफा के अंदर झरना है. वहीं बाहर में कई छोटी नदियां है. गुफा के नजदीक में लिट्टु घाघ नामक नदी बहती है. लोदा पाठ के बैगा मैनेजर उरांव ने बताया कि यह गुफा प्राचीन काल से है. मंदिर व गुफा चाराें ओर पहाड़ों से घिरा हुआ है. मौके पर निलन भगत, आलोक उरांव, जगत ठाकुर, लिलु साहू, राधेश्याम सिंह, चंद्रदीप उरांव, बरजु सिंह, लिबन असुर, एतवा असुर, राजेश असुर, सुखना असुर सहित कई लोग थे.

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