फिर नक्सली गतिविधि बढ़ी, सरगांव में जुटे माओवादी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 Oct 2015 8:08 PM
फिर नक्सली गतिविधि बढ़ी, सरगांव में जुटे माओवादी पंचायत चुनाव से पहले नक्सली गतिविधि तेजसोकराहातु के जंगल से लकड़ी काटने पर रोकनक्सलियों ने लोगों को लकड़ी काटने पर चेताया.दुर्जय पासवान, गुमलात्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव से पहले फिर नक्सली गतिविधि तेज हो गयी है. चैनपुर के सरगांव इलाके में भाकपा माओवादी काफी संख्या में जमे हुए हैं. […]
फिर नक्सली गतिविधि बढ़ी, सरगांव में जुटे माओवादी पंचायत चुनाव से पहले नक्सली गतिविधि तेजसोकराहातु के जंगल से लकड़ी काटने पर रोकनक्सलियों ने लोगों को लकड़ी काटने पर चेताया.दुर्जय पासवान, गुमलात्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव से पहले फिर नक्सली गतिविधि तेज हो गयी है. चैनपुर के सरगांव इलाके में भाकपा माओवादी काफी संख्या में जमे हुए हैं. सबजोनल कमांडर रंथु उरांव के नेतृत्व में बैठकों का दौर चल रहा है. सरगांव से ही सिविल, कुरुमगढ़, बारडीह, सोकराहातू, जोरी व पतगच्छा तक माओवादी मूवमेंट कर रहे हैं. रंथु के साथ एरिया कमांडर बीरबल उरांव भी है. माओवादियों ने सोकराहातु इलाके के जंगल से लकड़ी काटने पर भी रोक लगा दिया है. लकड़ी काटनेवाले कुछ लोगों को धमकी दी गयी है. माओवादियों ने चेताया है कि लकड़ी नहीं काटें. इससे जंगल खत्म हो रहा है. पोस्टर साट कर धमकाने की सूचनाबताया जा रहा है कि शनिवार की देर शाम को सोकराहातु व आसपास के इलाके में माओवादियों द्वारा पोस्टर बांटा गया है. यह पोस्टर लकड़ी काटकर बेचनेवाले लोगों के बीच बंटा है. कुछ स्थानों पर पोस्टर भी साटने की सूचना है. जिसमें माओवादियों ने जंगल से लकड़ी नहीं काटने की धमकी दी है. इसमें सिर्फ घरेलू जलावन के लिए सूखी लकड़ी काटने के लिए कहा गया है.करमा में सिविल में नाचे थे माओवादीकरमा पर्व में भाकपा माओवादियों का दस्ता सिविल गांव पहुंचा था, जहां रातभर माओवादी मांदर की थाप पर नाचे हैं. खाना-पीना भी सिविल गांव में ही हुआ है. एक वरीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि सूचना मिली थी, लेकिन रात होने के कारण पुलिस मूवमेंट नहीं कर सकी. साथ ही वहां ग्रामीण भी थे. पुलिस चौकस हुई, इलाके पर नजरमाओवादियों की गतिविधि की पुलिस को जानकारी है. बताया जा रहा है कि करमा पर्व के बाद पुलिस सिविल इलाके में छापामारी अभियान चलाया था. जब पुलिस पहुंची तो माओवादी सरगांव इलाके की ओर निकल गये. सरगांव माओवादियों का सेफ जोन है.सात माह तक माओवादी बैकफुट मेंएसपी भीमसेन टुटी, एएसपी पवन कुमार सिंह व सीआरपीएफ कमांडेंट वीपी सिंह की तिकड़ी व रणनीति के कारण सात माह तक माओवादी बैकफुट में रहे हैं. इस दौरान माओवादी को भारी नुकसान हुआ है. उसके दो साथी मारे गये. 14 बड़े सदस्य पकड़े गये. पुलिस को क्षति पहुंचाने की हर योजना माओवादियों की फेल हो गयी है. इधर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पंचायत चुनाव से पहले माओवादी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में लगे हुए हैं.
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