मेहरमा प्रखंड के सबसे बड़े जल स्रोत का हो रहा है जीर्णोद्धार, 1500 बीघा जमीन होगी सिंचित

Updated at : 02 Jul 2025 11:34 PM (IST)
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मेहरमा प्रखंड के सबसे बड़े जल स्रोत का हो रहा है जीर्णोद्धार, 1500 बीघा जमीन होगी सिंचित

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पहल से सरजमीं पर उतारी योजना, लकड़मारा दह का पुनर्जीवन

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मेहरमा प्रखंड की खेती-बाड़ी झारखंड में अग्रणी मानी जाती है. उपजाऊ मिट्टी और मेहनती किसान इस क्षेत्र की पहचान हैं. अब इन्हीं किसानों के लिए एक नयी उम्मीद बनी है लकड़मारा दह का जीर्णोद्धार. करीब 60 साल पुराने इस जलाशय की खुदाई का कार्य ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के प्रयासों से आरंभ किया गया है. हालांकि जून माह की बारिश के कारण खुदाई फिलहाल रोक दी गयी है, लेकिन अब तक हुई प्रगति ने किसानों की आंखों में आशा जगा दी है. खुदाई कार्य पूरा होते ही करीब 1500 बीघा कृषि भूमि को नियमित सिंचाई की सुविधा मिल पाएगी.

डीएमएफटी से मिली 2.61 करोड़ की स्वीकृति, 95 बीघा में फैला है दह

मेहरमा प्रखंड के लकड़मारा गांव स्थित यह दह करीब 95 बीघा क्षेत्र में फैला है. वर्षों की उपेक्षा के कारण इसमें मिट्टी भर गयी थी, जिससे जल संचयन क्षमता कम हो गयी थी. चुनाव के दौरान ग्रामीणों ने मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से इसके जीर्णोद्धार की मांग की थी। मंत्री ने इसे चुनावी वादा नहीं, बल्कि जन सरोकार का कार्य मानते हुए डीपीआर तैयार कराया और तत्कालीन डीसी जिशान कमर ने इसका निरीक्षण कर योजना को स्वीकृति दिलायी. डीएमएफटी मद से 2 करोड़ 61 लाख की लागत से परियोजना को स्वीकृति मिली. खुदाई कार्य का शिलान्यास स्वयं मंत्री ने किया और लगातार 15 दिनों तक कार्य हुआ, जिसे बारिश के कारण रोकना पड़ा.

अमौर, धनकुड़िया, सिमानपुर और अन्य पंचायतों को मिलेगा लाभ

लकड़मारा दह से सिर्फ लकड़मारा गांव ही नहीं, बल्कि अमौर, धनकुड़िया, सिमानपुर और आसपास के दर्जनों गांवों को लाभ मिलेगा. खुदाई और सौंदर्यीकरण कार्य पूरा होते ही यह दह क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी परियोजना बनकर उभरेगा. बेहतर मानसून से दह में भरने वाला पानी आने वाले समय में किसानों की तीन फसलों की खेती के लिए संजीवनी बनेगा.

मंत्री ने निभाया वादा, किसानों ने जताया आभार

किसानों का कहना है कि दीपिका पांडेय सिंह ने चुनावी वादे को निभाया है. अब सरकार और प्रशासन से उम्मीद है कि बारिश थमते ही खुदाई कार्य पुनः शुरू कराया जाएगा, ताकि आगामी रबी और खरीफ फसलों के लिए सिंचाई सुनिश्चित हो सके.

क्या कहते हैं ग्रामीण

दह की खुदाई से जल संचय संभव हुआ। यह किसानों की वर्षों पुरानी मांग थी, जिसे मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने पूरा किया. यदि कार्य समय पर होता, तो इस वर्ष सैकड़ों एकड़ में बेहतर फसल होती.

– उस्मान गणि, मुखिया, लकड़मारा पंचायत

लकड़मारा दह के जीर्णोद्धार का वादा मंत्री दीपिका पांडेय ने ग्रामीणों से किया था, जिसे निभाया. किसानों के लिए इससे बड़ी सौगात कुछ नहीं हो सकती, सैकड़ों किसान अब खुशहाली की ओर बढ़ेंगे.

-अर्जुन तांती, किसान

लकड़मारा दह की खुदाई के साथ-साथ पानी के इनलेट और आउटलेट का निर्माण हो रहा है. साथ ही पुलिया बनायी जा रही है, जिससे जरूरत के अनुसार खेतों तक आसानी से पानी पहुंचाया जा सकेगा.

-सुरेश यादव, किसान

लकड़मारा दह को लेकर क्षेत्र के किसानों की 15 वर्षों से मांग थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पहल से ही आज इस दिशा में ठोस और बेहतर कार्य हो रहा है.

-नकुल यादव, किसान

लकड़मारा दह को लेकर किसानों से भी ज्यादा मंत्री दिपीका पांडेय सिंह को चिंता थी. किसान मेहनत करके फसल लगाते हैं, लेकिन अगर उन्हें उसका सही लाभ नहीं मिला तो इससे बड़ा दुख कोई नहीं हो सकता. इसलिए क्षेत्र के सबसे बड़े जल स्रोत की मरम्मत और सुव्यवस्था के लिए दह की मरम्मत की स्वीकृति दिलायी गयी. मंत्री ने चुनाव के वक्त जनता से किया गया वादा पूरा कर दिखाया है, जिससे किसानों की उम्मीदें फिर से जाग गयी है.

-दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री, ग्रामीण विकास विभागB

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