इसीएल के सीएमडी आरआर मिश्रा ने प्रेस वार्ता में कहा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :27 Dec 2016 5:48 AM (IST)
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गोड्डा : इसीएल राजमहल कोल परियोजना के सीएमडी आरआर मिश्रा ने सोमवार को पहली बार परियोजना क्षेत्र का भ्रमण किया. इसके बाद एक्सपर्ट हाॅस्टल में आयोजित पत्रकार सम्मेलन कहा कि इस वर्ष कोयला उत्पादन का 17 मिलियन टन लक्ष्य को पूरा किया है. अगले वर्ष 20 मिलियन टन के उत्पादन को भी पूरा कर लिया […]
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गोड्डा : इसीएल राजमहल कोल परियोजना के सीएमडी आरआर मिश्रा ने सोमवार को पहली बार परियोजना क्षेत्र का भ्रमण किया. इसके बाद एक्सपर्ट हाॅस्टल में आयोजित पत्रकार सम्मेलन कहा कि इस वर्ष कोयला उत्पादन का 17 मिलियन टन लक्ष्य को पूरा किया है. अगले वर्ष 20 मिलियन टन के उत्पादन को भी पूरा कर लिया जायेगा. उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान करने का निर्देश परियोजना के महाप्रबंधक को दिया गया है.
युवाओं को प्रशिक्षण देकर…
प्रभावित गांव में डीप बोरिंग के साथ स्वास्थ्य सुविधा को लेकर कैंप लगाया जायेगा. बताया कि कोयला उत्पादन के लिये जमीन चाहिये और जमीन के लिये लोगों को मदद करनी होगी. परियोजना से ही देश का विकास संभव है. एनटीपीसी को कोयला मिलेगा, तभी बिजली का उत्पादन होगा. जमीन संबंधी परेशानी को स्थानीय
तौर पर सुलझाने के लिये प्रशासन को भी मदद क
रने की जरूरत है.
स्कील डेवलपमेंट के लिये जल्द ही होगा काम
आरआर मिश्रा ने कहा कि स्थानीय युवाओं को विभिन्न तरह से प्रशिक्षण देकर राेजगार से जोड़ा जायेगा. सीएसआर के तहत परियोजना क्षेत्र में स्कील डेवलपमेंट के लिये योजना चलायी जायेगी. महाराष्ट्र की तरह ही यहां काम करना है. प्रशिक्षण के तोर पर मोबाइल, टीवी की मरम्मत करने का प्रशिक्षण दिया जायेगा. देवघर की योजना को यहीं से संचालित किया जायेगा. इसमें पारा मेडिकल प्रशिक्षण की योजना पर काम करने का निर्देश दिया गया है. ललमटिया में ही एमएसउमइ का सब सेंटर खोला जायेगा.
2018 तक चालू होगी हुर्रासी परियोजना
श्री मिश्रा ने बताया कि कि 2018 में नयी परियोजना हुर्रासी में उत्खनन का काम प्रारंभ होगा. इसके बाद विशलोंग तथा चापरभिट्ठा, ललमटिया क्षेत्र से उत्खनन का काम धरेे धरे बंद करा दिया जायेगा. दौरान मुख्य प्रबंधक संजय कुमार सिंह भी मौजूद थे.
हर बात का समय तीन माह : इसीएल के सीएमडी आरआर मिश्रा ने क्षेत्र में मेडिकल, स्वास्थ्य, पानी, विस्थापन, सड़क आदि की समस्या के अलावा अन्य परेशानी को निबटने के लिये तीन माह का समय मांगा . बड़े इश्यू के बारे में उन्हें जानकारी नही है. बिड़ला द्वारा नये सीएचपी का निर्माण के सवाल पर उन्होंने जवाब नहीं दिया. कहा : वे इस बारे में नहीं जानते हैं. वहीं वन विभाग की ओर से परियोजना में 18 लाख की लागत से प्लांटेशन के काम के बारे में भी उन्हें जानकारी नहीं है.
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