अंधविश्वास. पेट में दर्द होने के बाद नानी ने कचिया से दागा

Published at :10 Apr 2016 1:59 AM (IST)
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अंधविश्वास. पेट में दर्द होने के बाद नानी ने कचिया से दागा

पहले भाई को बचाया, अब खुद है गंभीर पांच वर्ष की उम्र से उसे पेट में हो रहा था दर्द, अब कर रही खून की उल्टी सदर अस्पताल में हो रहा मालोती टुडू का इलाज कुछ माह पूर्व मालोती अपने भाई को कंधे पर लेकर 17 किमी पैदल चल कर लायी थी इलाज कराने गोड्डा […]

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पहले भाई को बचाया, अब खुद है गंभीर

पांच वर्ष की उम्र से उसे पेट में हो रहा था दर्द, अब कर रही खून की उल्टी
सदर अस्पताल में हो रहा मालोती टुडू का इलाज
कुछ माह पूर्व मालोती अपने भाई को कंधे पर लेकर 17 किमी पैदल चल कर लायी थी इलाज कराने
गोड्डा : चंदना की मालोती टुडू गंभीर रूप से बीमार सदर अस्पताल में भरती है. मालोती वही बच्ची है जो सुंदरपहाड़ी के चंदना गांव से करीब 17 किमी की दूरी पैदल तय कर अपने भाई को कांधे पर लादे गोड्डा सदर अस्पताल पहुंची थी. आज वह खुद पीड़ित हो गयी है. आज भी वो घर से अकेली ही आयी थी. दो दिन पूर्व उसे खून की उल्टी हुई थी.
वो घर से पैदल सुंदरपहाड़ी आयी इसके बाद वहां से बस पकड़ कर गोड्डा पहुंची. यहां वो सीधा अनाथ आश्रम पहुंची. वहां संचालिका वंदना दुबे को अपनी पीड़ा सुनायी. उन्होंने पहल करते हुए मालोती को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भरती कराया. वंदना ने बताया कि जो इलाज मालोती का हुआ है वह संतोषजनक नहीं है. उसे क्या बीमारी है, क्यों वो खून की उल्टी कर रही है इसका खुलासा चिकित्सकों ने नहीं किया है.
मालोती कहती है उसे हमेशा पेट में दर्द हुआ करता था. लेकिन उसके नाना-नानी घरेलु उपचार करते हुए लोहे के गरम हसुआ से पेट में दागा करते थे. लेकिन वो ठीक नहीं हो सकी. स्थिति गंभीर होने पर वो गोड्डा आयी है. आज के दौर में भी पौराणिक पद्धति से बीमारियों का इलाज किया जा रहा है. अंधविश्वास कहिए या इलाके में स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने की मजबूरी. मालोती के माता पिता नहीं हैं. वह व उसके दोनों भाई घर में नाना-नानी के साथ रहते हैं.
मालोती कहती है जब वह पांच वर्ष की थी, तब से ही उसे पेट दर्द था और हमेशा इसी पद्धति से इलाज होता आया है. डॉ पीके सिन्हा ने बच्ची को इलाज कर चिकित्सक डॉ एके झा को रेफर किया. चिकित्सकों के निर्देश पर बच्ची का अस्पताल मैनेजर मुकेश कुमार द्वारा एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड आदि जांच कराया गया.
एक बार फिर मालोती को मदद की आस
कुछ माह पहले की बात है मालोती जब ब्रेन मलेरिया से पीड़ित अपने भाई को लेकर गोड्डा आयी थी तो पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने पहल करते हुए उसे प्रशासन की ओर से सरकारी इलाज की पूरी व्यवस्था करायी थी. अब मालोती खुद पीड़ित है फिलहाल वंदना दुबे उसकी देखभाल में लगीं हैं. जब उसका भाई बीमार था तो डीसी हर्ष मंगला ने बेहतर इलाज के साथ साथ उसके दोनों भाइयों को बेहतर शिक्षा की व्यवस्था कर दी थी. मालोती कहती है छोटा भाई तो स्कूल जाता है
लेकिन बड़े भाई का नामांकन अब तक विद्यालय में नहीं हो पाया है. एक बार फिर से साहस दिखाने वाली मालोती टुडू दु:ख की घड़ी में है. अब तक प्रशासन व जनप्रतिनिधि इस मामले को लेकर सामने नहीं आये हैं.मालोती के अल्ट्रा साउंड रिपोर्ट में पेट में चार-पांच गांठ निकले हैं. इसे व चार दफा खून की उल्टी के मामले को स्वास्थ्य विभाग हल्के में ले रही है.
मिली सिर्फ स्लाइन व मलेरिया जांच की सुविधा
मालोती को एक बार फिर से सरकारी व्यवस्था का लाभ नहीं मिल पायी है. मालोती के मामले में पहल करने वाली स्वामी विवेकानंद अनाथ आश्रम की संचालिका सुश्री वंदना दुबे ने बताया कि सदर अस्पताल में मालोती को केवल स्लाइन व मलेरिया व जांच की सुविधा मिल पायी है. अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे आदि जांच प्राइवेट स्तर पर खर्च कर उनके द्वारा किया गया है.
वायरल फीवर की है आशंका जता रहे सीएस
मेरे संज्ञान में मामला है. पूरी तरह से बच्ची का ख्याल रखा जा रहा है. मलेरिया आदि जांच कराया गया है. वायरल फीवर हो सकता है. गले में खरास होने पर कभी कभार खून के थक्के आये होंगे. डीएस व चिकित्सकों को इलाज को लेकर आवश्यक निर्देश दिया गया है.
– डॉ प्रवीण राम, सीएस, गोड्डा.
पूर्व सीएम के प्रतिनिधि को दी गयी जानकारी
वंदना दुबे ने बताया कि आदिवासी पहाड़िया बच्ची के साथ उचित न्याय नहीं होने को लेकर पूर्व सीएम हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को दूरभाष पर मामले से अवगत कराया गया है. श्री मिश्रा द्वारा वंदना को आश्वस्त कराया गया है.
पेट में दर्द की शिकायत रहती है मालोती को
मालोती टुडू ने बताया कि कई वर्षों से बार बार उसके पेट में दर्द की शिकायत रहती है. कहीं ऐसा तो नहीं मालोती काफी गंभीर बीमारी की चपेट में है. जिससे स्वास्थ्य विभाग अनजान है, या फिर उच्च स्तरीय जांच पड़ताल व आवश्यक कार्रवाही करने के मामले में लापरवाही बरत रही है?
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