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गर्भवती महिला को 7 किमी तक खटिया में लादकर पहुंचाया हॉस्पिटल, बीच रास्ते में जन्मा बच्चा, नहीं बच सकी दोनों की जान

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
गर्भवती महिला को खटिया पर लाद कर इलाज के लिए हॉस्पिटल लेकर जाते ग्रामीण और परिजन.
गर्भवती महिला को खटिया पर लाद कर इलाज के लिए हॉस्पिटल लेकर जाते ग्रामीण और परिजन.
प्रभात खबर.

Jharkhand News, Giridih News, गावां (गिरिडीह) : सड़क निर्माण की कई महत्वाकांक्षी योजनाओं के बाद भी आज भी ऐसे कई गांव हैं, जो इससे जुड़ नहीं सके हैं. ऐसे गांवों में आदिवासी समुदाय के गांवों की हिस्सेदारी सबसे अधिक है. यही नहीं, ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था का भी बुरा हाल है. इसी बुरी स्थिति की शिकार गिरिडीह जिला अंतर्गत तिसरी थाना क्षेत्र की एक प्रसूता बनी. समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण जच्चा- बच्चा दोनों की जान चली गयी. दोनों की मौत व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा कर रही है.

समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण शुक्रवार (26 फरवरी, 2021) को असमय जच्चा- बच्चा की जान चली गयी. गिरिडीह जिला अंतर्गत तिसरी थाना क्षेत्र के लक्ष्मीबथान निवासी सुनील टुडू की पत्नी सुरजी मरांडी को प्रसव पीड़ा के बाद उसके परिजन खाट पर लादकर गावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए शाम करीब 5 बजे निकले थे. लक्ष्मीबथान से गावां आने के लिए सड़क मार्ग नहीं है. इस दौरान महिला को प्रसव पीड़ा हुआ और रास्ते में ही बच्चे को जन्म दिया. उसके कुछ देर बाद इलाज के अभाव में महिला ने भी दम तोड़ दिया. इधर, जच्चा- बच्चा की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया.

क्या है पूरा मामला

गत शुक्रवार (26 फरवरी, 2021) को लक्ष्मीबथान निवासी सुनील टुडू की पत्नी सुरजी मरांडी को प्रसव पीड़ा हुआ. इसके बाद उसके परिजन खटिया पर लादकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गावां ले जाने लगे. कायाकल्प अवार्ड से सम्मानित गावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाने से 3 किलोमीटर पहले ही सुरजी को प्रसव हो गया. उसने तारा बाबा नामक स्थान पर एक बच्चे को जन्म दिया. परिजन जच्चा- बच्चा को हॉस्पिटल लेकर जाने लगे, पर जन्म के कुछ देर बाद ही नवजात की मौत हो गयी. इधर, दर्द से कराहती प्रसूता को लेकर लोग स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, लेकिन वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था. महिला को तत्काल इलाज नहीं मिलने के कारण उसने भी दम तोड़ दिया. डॉ सालिक जमाल की ड्यूटी थी, पर वह बिना सूचना के गायब थे. जच्चा- बच्चा की मौत की जानकारी मिलने पर प्रभारी चिकित्सा अरविंद कुमार केंद्र पहुंचे.

Jharkhand News : इलाज के अभाव में जच्चा- बच्चा की मौत मामले की सूचना के बाद हॉस्पिटल पहुंचे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी.
Jharkhand News : इलाज के अभाव में जच्चा- बच्चा की मौत मामले की सूचना के बाद हॉस्पिटल पहुंचे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी.
प्रभात खबर.

दोषियों पर होगी कार्रवाई : डॉ अरविंद कुमार

इस संबंध में चिकित्सा प्रभारी पदाधिकारी डॉ अरविंद कुमार ने कहा कि घटना के दिन जिला मुख्यालय में आयोजित बैठक में भाग लेने गिरिडीह गया था. वापस लौटा, तो जानकारी मिली. उस वक्त केंद्र में डाॅ काजिम खान की ड्यूटी थी, मगर वे केंद्र पर नहीं थे. इस बारे में उन्हें फोन किया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया. मामले में कार्रवाई की जायेगी.

नेताओं ने हॉस्पिटल में किया हंगामा

परिजनों ने बताया कि प्रसव पीड़ा के बाद वे लोग खटिया पर लादकर गर्भवती महिला को लेकर गावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए निकल पड़े. गावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नजदीक रहने और वाहन से लाने का रास्ता नहीं होने के कारण खटिया पर ले जाने की मजबूरी थी. लक्ष्मीबथान से गावां सामुदायिक केंद्र की दूरी 7- 8 किलोमीटर है. लक्ष्मीबथान घने जंगल में स्थित है. इधर, दोनों की मौत की सूचना पर निवर्तमान उप प्रमुख नवीन यादव, इंनौस के राष्ट्रीय परिषद सदस्य अशोक मिस्त्री और भाजपा नेता मुन्ना सिंह समेत कई लोग हॉस्पिटल पहुंचकर जमकर हंगामा किया और आरोपी डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की. लोगों का कहना था कि आये दिन व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायत मिल रही है. बावजूद न तो स्थिति में कोई सुधार हो रहा है और न दोषियों पर कोई कार्रवाई ही होती है.

Jharkhand News : इलाज के अभाव में जच्चा- बच्चा की मौत मामले की जांच करते SMD व अन्य पदाधिकारी.
Jharkhand News : इलाज के अभाव में जच्चा- बच्चा की मौत मामले की जांच करते SMD व अन्य पदाधिकारी.
प्रभात खबर.

जच्चा- बच्चा की मौत के बाद हरकत में आया प्रशासन

दूसरी ओर, समय पर इलाज नहीं मिलने पर महिला और नवजात की हुई मौत के मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है. शनिवार (27 फरवरी, 2021) को SDM धीरेंद्र कुमार सिंह, जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ सत्यवर्ती हेम्ब्रम, अंचलाधिकारी अरुण कुमार खलखो, गावां बीडीओ मधु कुमारी और तिसरी बीडीओ सुनील प्रकाश सहित अन्य ने गावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच कर मामले की जांच की और ड्यूटी से अनुपस्थित रहनेवाले डॉक्टर से जवाब- तलब किया. साथ ही हॉस्पिटल के रजिस्टर की भी जांच की और ANM को व्यवस्था में सुधार लाने का सख्त निर्देश दिया.

जंगल के रास्ते गांव पहुंचे पदाधिकारी

गौरतलब है कि गावां प्रखंड मुख्यालय से करीब 8 किमी की दूरी पर भंडेश्वर पहाड़ी के पास स्थित है लक्ष्मीबथान गांव. गांव में 25 से 30 आदिवासी और हरिजन परिवार रहते हैं. गांव तक जाने के लिए पहुंच पथ नहीं है. पेयजल, बिजली समेत अन्य सुविधाओं का भी घोर अभाव है. सभी पदाधिकारी जंगल के रास्ते 3-4 किमी पैदल चलकर तिसरी थाना क्षेत्र के सुदूर जंगल में स्थित लक्ष्मीबथान गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार तथा ग्रामीणों से बातचीत की. पदाधिकारियों ने गांव में सड़क, बिजली, पानी और आंगनबाड़ी समेत मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया. SDM धीरेंद्र कुमार सिंह ने तिसरी बीडीओ को जल्द ही गांव में कूप निर्माण कराने का निर्देश दिया.

जानकारी के अभाव में परिजन ने एंबुलेंस को नहीं किया सूचित : SDM

इस दौरान SDM धीरेंद्र कुमार ने कहा कि गांव में पहुंच पथ नहीं होने के कारण परेशानी हुई है. प्रसूता सुबह से ही दर्द से कराह रही थी, लेकिन जानकारी के अभाव में परिजन सहिया या 108 एंबुलेंस को सूचित नहीं कर पाये. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक के नहीं रहने पर कार्रवाई की अनुशंसा की जा रही है. गांव में पेयजल, सड़क आदि की सुविधा शीघ्र बहाल की जायेगी. साथ ही प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अरविंद कुमार से जांच प्रतिवेदन शीघ्र जमा करने का निर्देश दिया गया है.

उधर, ग्रामीणों ने कहा कि गांव में एक भी सहिया नहीं है जिससे उन्हें स्वास्थ्य सुविधा की कोई जानकारी नहीं मिल पाती है. यहां की सहिया लगभग 4 किमी दूर रहती हैं. इस कारण बराबर संपर्क नहीं हो पाता है. गांव में आंगनबाड़ी केंद्र भी नहीं है. मौके पर उपस्थित नवीन कुमार, माले नेता अशोक मिस्त्री, भाजपा नेता मनोज सिंह, पवन सिंह आदि ने SDM से स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही और प्रसव के एवज में पैसा मांगने की शिकायत की.

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