रघुवर अडानी-अंबानी के दास

Published at :15 Mar 2016 12:50 AM (IST)
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रघुवर अडानी-अंबानी के दास

सरकार पर वार. रंका मोड़ पर झाविमो का धरना-प्रदर्शन, बोले बाबूलाल गढ़वा : अब गरीबों के दास नहीं बल्कि अडानी व अंबानी के दास बन गये हैं रघुवर. सरकार बनने के 14 महीने के बाद भी राज्य के लोगों को राशन कार्ड नहीं मिल सका है. पलामू प्रमंडल सहित पूरे राज्य में अपराधियों का तांडव […]

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सरकार पर वार. रंका मोड़ पर झाविमो का धरना-प्रदर्शन, बोले बाबूलाल
गढ़वा : अब गरीबों के दास नहीं बल्कि अडानी व अंबानी के दास बन गये हैं रघुवर. सरकार बनने के 14 महीने के बाद भी राज्य के लोगों को राशन कार्ड नहीं मिल सका है. पलामू प्रमंडल सहित पूरे राज्य में अपराधियों का तांडव जारी है.
उक्त बातें पूर्व मुख्यमंत्री सह झारखंड विकास मोरचा के सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने सोमवार को रंका मोड़ पर झाविमो द्वारा आयोजित एकदिवसीय धरना को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा कि दिसंबर 2014 में जब राज्य में बहुमत की सरकार बनी, तो रघुवर दास ने कहा कि वे प्रदेश की जनता का दास बन कर सेवा करेंगे. लेकिन वे अडानी व अंबानी के दास बन गये. कौड़ी के भाव उन्हें जमीन दिलाने के लिए बेचैन देखे जा रहे हैं.
श्री मरांडी ने कहा कि भाजपा ने संविधान को दरकिनार करते हुए झाविमो के छह विधायकों को अपने पार्टी में शामिल कर लिया. यह संविधान के विरुद्ध कार्य किया गया. ऐसे बेइमानों से और क्या उम्मीद की जा सकती है. उन्होंने कहा कि यह अबतक की सबसे कमजोर सरकार साबित हो रही है. सरकार गरीबों को नहीं बल्कि विजय माल्या जैसे लोेगों को बचाती है. उनकी मांग स्थानीय लोगों के हक के लिए स्थानीय नियोजन नीति बने. ऐसा नहीं हुआ, तो पूरे राज्य में जनता के साथ मिल कर चक्का जाम कर देंगे.
अपने हक व अधिकार के लिए हमें हर कीमत चुकाने के लिए तैयार रहना होगा. पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि राज्य के हालात बहुत खराब हैं. हमें चिंतन व मंथन करने की जरूरत है. झाविमो राशन केरोसिन सहित अन्य मुद्दे को लेकर पूरे राज्य में भ्रमण कर रही है. उन्होंने कहा कि झारखंड के 14 में से आठ सांसद दूसरे राज्य के रहनेवाले हैं. हमें ऐसी गलती दुबारा नहीं करना है. हमें अपने बीच के बेटा को प्रतिनिधि चुनना होगा.
पूर्व मंत्री रामंचद्र केसरी ने कहा कि पूरे गढ़वा जिला में जनवितरण में भारी गड़बड़ी है. समय पर गरीबों को अनाज नहीं मिलता. जिस एनएच-75 का निर्माण 2013 में होना चाहिए था, वह अभी तक नहीं हुआ. झाविमो अनुसूचित जाति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात भुइयां ने कहा कि राज्य में स्थायी सरकार बनने पर उम्मीद जगी थी, लेकिन रघुवर सरकार ने राज्य के लोगों को नाउम्मीद किया है.
राज्य के विधायक व मंत्री आपस में लड़ रहे हैं. जायंट्स फेडरेशन के विजय कुमार केसरी ने कि जिला की सबसे बड़ी समस्या पलयान व एनएच-75 है. इस सड़क में हर महीने लोगों को अपनी जान गंवा कर इसकी कीमत चुकानी पड़ती है. कार्यक्रम को इंतजार अली, हाजी साकिर इसलाही व नईम खलीफा ने भी संबोधित किया. धरना के पश्चात जुलूस के शक्ल में सभी समाहरणालय पहुंचे, जहां राज्यपाल के नाम उपायुक्त को 14 सूत्री मांगपत्र सौंपा. संचालन जिलाध्यक्ष मो साकिर ने किया.
मौके पर डॉ अनिल साव, विरेंद्र साव, एचएन गिरी, सुभाष केसरी, विनोद कोरवा, सीताराम जायसवाल, ओमप्रकाश गुप्ता, अरूण पांडेय, बसंत जायसवाल, ब्रह्मदेव चंद्रवंशी, लाल हेमेंद्र चौबे सहित काफी संख्या में झाविमो के लोग उपस्थित थे.
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