25 साल में भी हासिल नहीं कर पाये 62 डिसमिल जमीन

गढ़वा: गढ़वा जिले के चेचरिया पंचायत स्थित हारनदूबे गांव निवासी लखन चौधरी अपनी 62 डिसमिल जमीन को पाने के लिए पिछले 25 सालों से लड़ाई लड़ रहे हैं. इस जमीन जिसका वर्तमान बाजार मूल्य डेढ़ से दो लाख रुपये हैं, उसे पाने के लिए उन्होंने तीन लाख रुपये से ज्यादा खर्च कर दिये हैं. लखन […]
उनके पूरे जीवन में जो भी कमाई हुई, उसे वे केस लड़ने में ही गंवा चुके हैं. लेकिन अभी तक उन्हें न्याय नहीं मिला है़ आगे और कितने दिन यह मामला चलेगा, इसका भी उन्हें कोई अंदाजा नहीं है़ लखन चौधरी ने बताया कि उनके पिता को हारनदूबे गांव में खाता संख्या नौ, प्लाट संख्या 291 में सिलिंग द्वारा 1.25 एकड़ जमीन प्राप्त हुआ था़.
न्यायालय में मामला चलने के बाद भी अभी उक्त जमीन पर गढ़वा अनुमंडल से धारा 145 लागू है़ इसके बावजूद उनके भजीते सुरेश चौधरी एवं अन्य के द्वारा जमीन को जोत दिया गया है़ उन्होंने बताया कि इसको लेकर मेराल थाना में मामला भी दर्ज कराया तथा एसडीओ गढ़वा, उपायुक्त आदि को आवेदन भी दिया है़ लेकिन कहीं से सुनवाई नहीं हुयी है़ उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई की मौत के बाद अब वे अपने भतीजों से जमीन का केस लड़ रहे हैं. उनके दोनों बेटे मजदूरी करते हैं. उनके समक्ष कमाई का अन्य कोई साधन भी नहीं है़
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