सरकारी उपेक्षा से बांग्ला हाशिये पर
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :18 Nov 2016 6:28 AM (IST)
विज्ञापन

झारखंड बंग भाषी समन्वय समिति की बैठक चाकुलिया : चाकुलिया के शिल्पी महल स्थित काली मंदिर प्रांगण में गुरुवार की शाम झारखंड बंग भाषी समन्वय समिति की बैठक हुई. इसकी अध्यक्षता पतित बेरा ने की. बैठक में बंग भाषी समिति के सदस्यों ने कहा कि अविभाजित बिहार में बांग्ला भाषा मुख्य संपर्क भाषा थी. पठन […]
विज्ञापन
झारखंड बंग भाषी समन्वय समिति की बैठक
चाकुलिया : चाकुलिया के शिल्पी महल स्थित काली मंदिर प्रांगण में गुरुवार की शाम झारखंड बंग भाषी समन्वय समिति की बैठक हुई. इसकी अध्यक्षता पतित बेरा ने की. बैठक में बंग भाषी समिति के सदस्यों ने कहा कि अविभाजित बिहार में बांग्ला भाषा मुख्य संपर्क भाषा थी. पठन पाठन का माध्यम बांग्ला भाषियों के लिए बांग्ला थी. दक्षिण बिहार में अनगिनत सरकारी स्तर पर बांग्ला माध्यम के स्कूल संचालित थे. बांग्ला सिलेबस नियमित रूप से हुआ करता था.
80 के दशक में परिवर्तन शुरू हुआ. राज्य सरकार ने बांग्ला भाषा की घोर उपेक्षा की. बांग्ला भाषा की किताबें छपनी बंद हो गयी. सदस्यों ने कहा कि बांग्ला भाषी के विद्यार्थी मजबूरन हिंदी या अंग्रेजी माध्यम से पढ़ने लगे. बंगला माध्यम विद्यालय सरकारी उदासीनता के कारण हिंदी माध्यम विद्यालय में रूपांतरित होने लगा. प्राथमिक शिक्षा जो मातृ भाषा में होनी चाहिए, वह बंद हो गयी. बंग भाषियों की समस्याओं के समाधान के लिए झारखंड वंग भाषी समन्वय समिति की ओर से आगामी 20 नवंबर को चाकुलिया के अग्रसेन भवन में सम्मेलन आयोजित किया जायेगा. सम्मेलन में झारखंड के विभिन्न प्रांतों से बांग्ला भाषी शामिल होंगे.
मौके पर पशुपति बांसुरी को स्वागत समिति का अध्यक्ष बनाया गया. वहीं कार्य निर्वाहक समिति के अध्यक्ष मनींद्र नाथ पालित, जवाहर लाल महतो को उपाध्यक्ष, उपदेष्टा समिति के अध्यक्ष पतित पावन बेरा, अभय कुमार महंती, रवींद्र नाथ विश्वास, चित्त रंजन घोष को बनाया गया. इस बैठक में एनएन साव, अमित राय, मनींद्र नाथ पाल, निमाई बेरा, कृष्णा पाल, गौतम दास, संजय घोष, सुबोध पोलाई समेत अन्य उपस्थित थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




