भंगाबांध पी-4 स्टेशन से 1500 कृषक हो रहे लाभांवित

Updated at : 25 Jan 2018 5:05 AM (IST)
विज्ञापन
भंगाबांध पी-4 स्टेशन से 1500 कृषक हो रहे लाभांवित

कृषि. तस्सर के अंडे का होता है बीजोपचार, एक रेशम दूत पर दो कीट पालक करते हैं काम तस्सर सीड उत्पादन केंद्र बना जरमुंडी-भंगाबांध पी-4 स्टेशन एक रेशम दूत को कोकुन उत्पादन के लिए मिलते हैं छह पैकेट अंडे बासुकिनाथ : जरमुंडी प्रखंड के भंगाबांध गांव में करोड़ों की लागत से बना पी-4 स्टेशन से […]

विज्ञापन

कृषि. तस्सर के अंडे का होता है बीजोपचार, एक रेशम दूत पर दो कीट पालक करते हैं काम

तस्सर सीड उत्पादन केंद्र बना जरमुंडी-भंगाबांध पी-4 स्टेशन
एक रेशम दूत को कोकुन उत्पादन के लिए मिलते हैं छह पैकेट अंडे
बासुकिनाथ : जरमुंडी प्रखंड के भंगाबांध गांव में करोड़ों की लागत से बना पी-4 स्टेशन से छह-सात साल बाद किसानों को लाभ मिलना शुरू हो गया. पी-4 स्टेशन के परियोजना पदाधिकारी मो खालिक कतिक ने बताया कि पी-4 स्टेशन जरमुंडी में नवंबर 2017 से अग्र परियोजना केंद्र, सरैयाहाट को स्थानांतरित कर यहां से इस परियोजना का संचालन किया जा रहा है. सरकार के आदेश से यहां पर तस्सर के अंडे का बीजोपचार किया जाता है. दो वर्ष पहले यहां केवल टेक्निकल कार्य किया जा रहा था. वर्ष 2018-19 में तीन लाख रेशम कोय से तस्सर का अंडा के उत्पादन का लक्ष्य है. इसके लिए तीन लाख कोय बनाया गया है.
अलग-अलग बीजागार में इसे बड़ी सावधानीपूर्वक रखकर देखरेख किया जाता है. प्रत्येक बीजागार भवन में एक लाख कोय से अंडे के उत्पादन में परियोजना कर्मी जुटे हुए हैं. जिसमें 125 रेशम दूत कार्य कर रहे हैं. तीन लाख कोय में दस हजार अंडे का उत्पादन होता है. एक रेशम दूत पर दो बीज कीट पालक कार्य करते हैं. एक रेशम दूत को कोकुन उत्पादन के लिए छह पैकेट अंडे दिये जाते हैं. परियोजना सहायक बलदेव प्रसाद यादव ने बताया कि तस्सर उत्पादन में जरमुंडी एवं सरैयाहाट प्रखंड में 1500 किसान लाभान्वित हो रहे हैं. रेशम उत्पादन केंद्र द्वारा सभी किसानों का पंजीयन भी कराया गया है. पंजीकृत किसानों को एक कोकुन की कीमत विभाग द्वारा तीन रुपये दिये जाते हैं.
इन क्षेत्रों में होता है तस्सर उत्पादन
परियोजना सहायक ने बताया कि जरमुंडी एवं सरैयाहाट प्रखंड क्षेत्र के महादेव गढ़, धोवरनी, लुसिया, रक्सा, रंगनिया, पड़पहरा, ओराबरी, बिसनपुर, सबलपुर, केचुवा, दलदली, बरमसिया, बेहंगा, मोहलबना, बनहटी, श्रीरामपुर, कोठिया, निपनिया, बरहेज आदि गांवों में तस्सर उत्पादन कार्य में किसान जुटे हुए हैं. इन क्षेत्रों में तस्सर उत्पादन कार्य में जुटे किसानों को पी-4 स्टेशन भंगाबांध में प्रशिक्षण भी दिया जाता है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola