‘बक्सर मेरे नाना का घर यहीं हुई थी अंग्रेजों और मुगलों के बीच लड़ाई !’

धनबाद : ‘बक्सर मेरे नाना का घर है, यहीं पर 1857 में एक युद्ध हुआ था. इस युद्ध में रानी लक्ष्मी बाई और मुगलाें ने अंग्रेजों को हराया था.’ यह पढ़ कर आप चक्कर में पड़ गये न? यह किसी इतिहासकार ने नहीं लिखा, दरअसल यह लाइन बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) के यूजी […]
धनबाद : ‘बक्सर मेरे नाना का घर है, यहीं पर 1857 में एक युद्ध हुआ था. इस युद्ध में रानी लक्ष्मी बाई और मुगलाें ने अंग्रेजों को हराया था.’ यह पढ़ कर आप चक्कर में पड़ गये न? यह किसी इतिहासकार ने नहीं लिखा, दरअसल यह लाइन बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) के यूजी सेमेस्टर फोर की परीक्षा में एक विद्यार्थी द्वारा लिखे गये उत्तर का हिस्सा है. अपने उत्तर में इस छात्र ने अपने नाना के गांव में होेनेवाली खेती-बारी का भी उल्लेख किया है. परीक्षा में बक्सर में हुए अंतिम युद्ध का विस्तृत विवरण पूछा गया था.
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