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‘बक्सर मेरे नाना का घर यहीं हुई थी अंग्रेजों और मुगलों के बीच लड़ाई !’

Updated at : 26 Nov 2019 2:31 AM (IST)
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‘बक्सर मेरे नाना का घर यहीं हुई थी अंग्रेजों और मुगलों के बीच लड़ाई !’

धनबाद : ‘बक्सर मेरे नाना का घर है, यहीं पर 1857 में एक युद्ध हुआ था. इस युद्ध में रानी लक्ष्मी बाई और मुगलाें ने अंग्रेजों को हराया था.’ यह पढ़ कर आप चक्कर में पड़ गये न? यह किसी इतिहासकार ने नहीं लिखा, दरअसल यह लाइन बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) के यूजी […]

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धनबाद : ‘बक्सर मेरे नाना का घर है, यहीं पर 1857 में एक युद्ध हुआ था. इस युद्ध में रानी लक्ष्मी बाई और मुगलाें ने अंग्रेजों को हराया था.’ यह पढ़ कर आप चक्कर में पड़ गये न? यह किसी इतिहासकार ने नहीं लिखा, दरअसल यह लाइन बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) के यूजी सेमेस्टर फोर की परीक्षा में एक विद्यार्थी द्वारा लिखे गये उत्तर का हिस्सा है. अपने उत्तर में इस छात्र ने अपने नाना के गांव में होेनेवाली खेती-बारी का भी उल्लेख किया है. परीक्षा में बक्सर में हुए अंतिम युद्ध का विस्तृत विवरण पूछा गया था.

बता दें कि बक्सर की अंतिम लड़ाई 1764 में ईस्ट इंडिया कंपनी के हैक्टर मुनरो और मुगल तथा नवाबों की संयुक्त सेना के बीच लड़ी गयी थी. बंगाल के नवाब मीर कासिम, अवध के नवाब शुजाउद्दौला तथा मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेना अंग्रेज कंपनी से लड़ रही थी. इस युद्ध में अंग्रेजों ने जीत हासिल की थी. इसके बाद उत्तर भारत के बड़े क्षेत्र में ईस्ट इंडिया कंपनी का राज कायम हो गया था.
उत्तर के लिए छात्र को मिले शून्य अंक : इस उत्तर के लिए छात्र को शून्य अंक मिले हैं, जबकि इस पेपर में उसे कुल 18 अंक मिले हैं. छात्र दो अंक के लिए फेल हो गया है. वह अपनी शिकायत लेकर विश्वविद्यालय पहुंचा था. छात्र का कहना था कि उसकी उत्तर पुस्तिकाओं का ठीक से मूल्यांकन नहीं किया गया है.
यह अकेला छात्र नहीं, जो दो अंक से फेल हो गया है. विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों में लगभग सभी विषयों में बड़ी संख्या में छात्र एक या दो अंक से फेल हो गये हैं. इस शिकायत के बाद परीक्षा विभाग ने अपने स्तर से सभी विषयों की कुछ उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच करवायी कि मूल्यांकन में कोई लापरवाही तो नहीं हुई? इसी जांच में छात्रों के ऐसे रोचक उत्तरों का खुलासा हुआ.
सातवीं के प्रश्न का उत्तर नहीं जानते : जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि बीएससी सेमेस्टर फोर के कई छात्रों की समझ सातवीं के स्तर के विज्ञान की भी नहीं है. एक छात्र ने केमेस्ट्री में साधारण नमक का सूत्र सीओटू लिखा है, जबकि यह सातवीं कक्षा के स्तर का प्रश्न है. साधारण नमक का केमिकल कंपाउंड सोडियम क्लोराइड (एनएसीएल) होता है और सीओटू कॉर्बन डाइआक्साइड का सूत्र है. इसी तरह फिजिक्स में ऑप्टिक के प्रश्न में छात्रों ने इलेक्ट्रीसिटी का उत्तर लिखा है. भूगोल के छात्र अरब सागर को महासागर बता रहे हैं.
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