पांच साल पहले मैथन का साढ़े सात एमवीए का ट्रांसफॉर्मर मरम्मत को भेजा, फिर लाया नहीं

Updated at : 12 May 2019 2:40 AM (IST)
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पांच साल पहले मैथन का साढ़े सात एमवीए का ट्रांसफॉर्मर मरम्मत को भेजा, फिर लाया नहीं

2014 में खराब हुआ था ट्रांसफॉर्मर धनबाद : शहर में पानी के लिए हाहाकार मचने के बाद पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को पुराने ट्रांसफॉर्मर की याद आयी है. विभाग ने पुराने ट्रांसफॉर्मर की खोज की तो पता चला कि पांच साल पहले दुर्गापुर में बनने के लिए गया था. करीब 40 लाख रुपये मरम्मत में […]

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2014 में खराब हुआ था ट्रांसफॉर्मर

धनबाद : शहर में पानी के लिए हाहाकार मचने के बाद पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को पुराने ट्रांसफॉर्मर की याद आयी है. विभाग ने पुराने ट्रांसफॉर्मर की खोज की तो पता चला कि पांच साल पहले दुर्गापुर में बनने के लिए गया था. करीब 40 लाख रुपये मरम्मत में खर्च आया था. राशि नहीं दे पाने पर मरम्मत करने वाली एजेंसी ने मैथन के साढ़े सात एमवीए के ट्रांसफॉर्मर अपने पास रखा हुआ है. लेकिन आज तक राशि देकर उस ट्रांसफाॅर्मर को वापस नहीं लाया गया.
मैथन के गोगना में साढ़े सात एमवीए का दो ट्रांसफार्मर था. 2014 में एक ट्रांसफाॅर्मर खराब हो गया था. विभाग की ओर से खराब ट्रांसफॉर्मर को मरम्मत के लिए दुर्गापुर भेजा गया. दूसरे ट्रांसफॉर्मर के सहारे जलापूर्ति जारी रखी गयी. दुर्भाग्य रहा कि किसी ने खराब ट्रांसफॉर्मर को वापस लाने की पहल नहीं की. विभाग फंड का रोना रोते रह गया. अब दूसरा ट्रांसफॉर्मर खराब होने के बाद पहले की याद आने लगी है.
एजेंसी के पास ट्रांसफाॅर्मर है या नहीं इसकी भी जानकारी नहीं : विभाग को इसकी भी जानकारी नहीं है कि पांच साल पहले मरम्मत के लिए भेजा गया ट्रांसफार्मर अब एजेंसी के पास है भी या नहीं. अगर है तो वह किस स्थिति में है. पावर सप्लाइ होने लायक बचा है या नहीं. फिर से मरम्मत करने की जरूरत होगी. पांच साल पहले ही उस ट्रांसफॉर्मर की एजेंसी ने मरम्मत की थी. पांच सालों उसे किस स्थिति में रखा गया होगा. जानकार बताते है कि मॉइस्चर आने पर टांसफॉर्मर फिर से खराब हो जाते है.
विभाग ने चार ट्रांसफॉर्मर की खरीदारी की थी : मैथन जलापूर्ति योजना के शुरू होने के समय साढ़े सात एमवीए के चार ट्रांसफार्मर खरीदे गये थे. 2007 में योजना शुरू हुई थी. इसमें से दो मैथन के पावर हाउस और दो ट्रांसफाॅर्मर भेलाटांड़ वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में लगाये गये थे. इंटेकवेल में लगे मोटर को चालू रखने के लिए साढ़े सात एमवीए ट्रांसफाॅर्मर की जरूरत होती है. भेलाटांड़ में मोटर को चालू करने के लिए उसी क्षमता की जरूरत है.
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