युवती के जख्म बता रहे दरिंदगी की कहानी

Updated at : 01 Oct 2018 6:28 AM (IST)
विज्ञापन
युवती के जख्म बता रहे दरिंदगी की कहानी

देवघर : संप्रेषण गृह की इलाजरत युवती का हालचाल लेने गोड्डा एसडीओ फुलेश्वर मुर्मू रविवार दोपहर में देवघर पहुंचे. ऑन ड्यूटी डॉ कुमार अनिकेत के साथ एसडीओ वहां गये, जहां उसे गंभीर हालत में भर्ती कर इलाज कराया जा रहा है. महिला पुलिस व डॉक्टर की उपस्थिति में एसडीओ ने युवती से पूछताछ की. इस […]

विज्ञापन
देवघर : संप्रेषण गृह की इलाजरत युवती का हालचाल लेने गोड्डा एसडीओ फुलेश्वर मुर्मू रविवार दोपहर में देवघर पहुंचे. ऑन ड्यूटी डॉ कुमार अनिकेत के साथ एसडीओ वहां गये, जहां उसे गंभीर हालत में भर्ती कर इलाज कराया जा रहा है. महिला पुलिस व डॉक्टर की उपस्थिति में एसडीओ ने युवती से पूछताछ की.
इस दौरान युवती एक-दो शब्द बोलने के बाद काफी देर तक शांत हो जाती थी. ठीक से नहीं बोल नहीं पा रही थी. दर्द के कारण वह अधिकांश जवाब इशारे-इशारे में देती रही. इसके बाद डॉक्टर के उसे इलाज करने के बाद बयान लेने की सलाह दी. इस वजह से युवती का बयान नहीं हो सका. डॉक्टर ने एसडीओ से कहा कि दो-तीन दिनों तक उसे आराम करने दिया जाये, तभी उसका बयान लेने में सहूलियत होगी. फिलहाल युवती काफी कष्ट में है. दो-तीन दिनों में उसका कष्ट थोड़ा कम होगा और अच्छी से बोल सकेगी.
हां-ना में युवती ने थोड़ी बहुत जो अपनी आपबीती एसडीओ को बतायी, उसके तहत उसे इलाके के ही किसी सुरेंद्र नाम के युवक ने दिल्ली पहुंचाया था. वहां किसी के यहां घरेलू काम के लिये सौंपा गया. करीब पांच महीने तक वह दिल्ली में रही. जिस घर में वह रह रही थी, वहां के दो लोगों ने लंबे समय तक उसके साथ गलत भी किया. पैसे मांगने व ऐसा नहीं करने की बात करने पर ही उसे शारीरिक व मानसिक यातनाएं दी गयी.
डॉक्टर के अनुसार युवती के हाथ, गर्दन व जीभ में धारदार हथियार से काटने के जख्म हैं. देखने से उसका एक हाथ क्रैक भी लग रहा है. मूलत: वह गोड्डा जिले की रहनेवाली है, जो पहाड़िया समुदाय से आती है. किसी गलत हाथ में पड़ गयी थी. बाल संरक्षण कमेटी रांची की टीम हाल ही में युवती को रेस्क्यू कर लायी. इसके बाद गोड्डा सीडब्लूसी की पहल पर उसे बाल संप्रेषण गृह में शिफ्ट कराया गया.
प्रभात खबर की रिपोर्ट पर फरवरी में रेस्क्यू करायी गयी थी
शक्तिवाहिनी के सामाजिक कार्यकर्ता ऋषिकांत ने बताया कि गोड्डा की युवती को प्रभात खबर की रिपोर्ट छपने के बाद फरवरी महीने में ही रेस्क्यू करायी गयी थी. उसके रेस्क्यू होने के बाद गोड्डा एसपी ने काफी सहयोग किया है. दिल्ली के पंजाबीबाग इलाके के जिस घर में युवती को रखी गयी थी, वहीं से वह भागी थी.
सुरेंद्र नाम का दलाल उसे अच्छे पैसे का काम दिलाने का प्रलोभन देकर दिल्ली ले गया था. वहां उसे राजेश मुनि को हैंडओवर कर दिया. राजेश सिमडेगा में पकड़ी गयी प्रभा मुनि के लिये काम करता है. हरियाणा पुलिस ने राजेश व सुरेंद्र को पकड़ा था. दोनों फिलहाल हरियाणा जेल में ही है.
मारा था चाकू, आयरन से किया था पीठ जलाने का प्रयास
ऋषिकांत ने कहा कि गोड्डा की युवती के साथ गैंगरेप हुआ था. उसके बाद उसे मार देने की योजना थी. उसके गला के नीचे व पीठ में चाकू मारा गया था. वहीं पीठ पर आयरन चलाकर जलाने का प्रयास किया गया था. दिल्ली व हरियाणा के फरीदाबाद के अस्पताल में गोड्डा की इस युवती का गंभीर हालत में सात महीने तक इलाज चला.
कई यूनिट ब्लड चढ़े. बाल संरक्षण आयोग की टीम की पहल पर उसका हरियाणा में वीआइपी ट्रीटमेंट हुआ. वहां जाकर उससे झारखंड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर ने मुलाकात भी की थी. गोड्डा जिले की श्रम, बाल संरक्षण व पुलिस की एक संयुक्त टीम गठित कर उसका हालचाल लेने के लिये फरीदाबाद भी भेजा गया था.
इधर युवती आयी गोड्डा और उसके माता-पिता को ले गया दिल्ली
ऋषिकांत ने बताया वहां से फिट करार देने के बाद 25 सितंबर को राजधानी एक्सप्रेस द्वारा उसे रांची लाया गया. वहां से गोड्डा लाया गया तो पता चला कि सुरेंद्र की पत्नी उसके माता-पिता को लेकर दिल्ली चली गयी और वहां उनलोगों को 6000 रुपये भी थमा दिया. इसकी सूचना पुलिस को मिली और युवती की माता-पिता को वापस कराने एसपी ने एक पुलिस की टीम दिल्ली भेज दिया. माता-पिता के यहां नहीं रहने से चाइल्ड वेलफेयर द्वारा युवती को देवघर संप्रेषण गृह भेजा गया. इसी बीच अचानक फिर उसकी तबीयत बिगड़ गयी.
प्रति लड़की सुरेंद्र को मिलते थे 25000 रुपये
ऋषिकांत ने कहा इस युवती के रेस्क्यू कराने के बाद अन्य 12 लड़कियों को भी मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया था. मुक्त करायी गयी सभी लड़कियां पहाड़िया जनजाति व आदिवासी समाज से आती हैं. झारखंड के गोड्डा सहित सिमडेगा, पाकुड़, गुमला व अन्य जिलों से लड़कियों को काम के बहाने दिल्ली, मुंबई हरियाणा सहित अन्य राज्यों में ले जाया जाता है.
प्रति लड़कियां यहां से ले जाने में गोड्डा के सुरेंद्र को 25000 रुपये मिलता है. सुरेंद्र प्रभा मुनि व राजेश के लिये काम करता है. यह खुलासा फरीदाबाद में हुई केस में हुआ है. गोड्डा के राजाभिठा, बोआरीजोर व सुंदरपहाड़ी इलाके की कई लड़कियों को सुरेंद्र काम का प्रलोभन देकर ले जा चुका है. उनमें से कई अब भी गायब हैं. लड़कियों को काम के बहाने ले जाकर गलत लोगों के हाथ बिक्री करने वाले ऐसे सौदागरों का बहुत बड़ा रैकेट संताल इलाके में भी सक्रिय है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola