Jharkhand News: लूंगा गांव की सामुदायिक जल पहल

Updated at : 15 Apr 2022 10:15 AM (IST)
विज्ञापन
Jharkhand News: लूंगा गांव की सामुदायिक जल पहल

झारखंड राज्य के गुमला जिले के रायडीह प्रखंड में स्थित 89 आदिवासी परिवार वाला प्राकृतिक सौंदर्य का धनी गांव है ‘लूंगा’. इस गांव में खाद्यान्न एवं पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए जल संरचनाओं के साज-संवार की विशेष सामुदायिक पहल की जा रही है.

विज्ञापन

रामकुमार विद्यार्थी: झारखंड राज्य के गुमला जिले के रायडीह प्रखंड में स्थित 89 आदिवासी परिवार वाला प्राकृतिक सौंदर्य का धनी गांव है ‘लूंगा’. इस गांव में खाद्यान्न एवं पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए जल संरचनाओं के साज-संवार की विशेष सामुदायिक पहल की जा रही है. जलवायु परिवर्तन के साथ बढ़ते जल संकट को रोकने में इस तरह की कोशिश का न सिर्फ महत्वपूर्ण योगदान है, बल्कि टिकाऊ खेती की अवधारणा को मूर्त रूप देने में सामुदायिक जल प्रबंधन एक आवश्यक प्रक्रिया है.

सखुआ, महुआ, कुसुम, पुटकल से भरे सघन वन, पहाड़ और धान के खेतों से घिरे लूंगा गांव से गुजरती है एक बरसाती नदी. स्थानीय लोग इसे लूंगा नदी के नाम से जानते हैं, हालांकि कई बुजुर्ग इसकी उत्पत्ति सिकोई गांव के पहाड़ों से होने के कारण इसे पहाड़ी नदी भी कहते हैं. यह नदी सिकोई, तुरीडीह, कापोडीह, लूंगा, सिपरिंगा, केराडीह जैसे कई गांवों के लिए खेतों की सिंचाई और पशुओं को पेयजल उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण संसाधन रहा है. इस नदी पर 60 के दशक मे बने कुछ स्टॉप डैम हैं, जो गुजरते समय के साथ जर्जर और अनुपयोगी होते जा रहे हैं.

जब वर्ष 2021 के कोरोना काल के बीच संस्था विकास संवाद द्वारा एचडीएफसी बैंक परिवर्तन के सहयोग से लूंगा में पहल परियोजना की शुरुआत की गयी, तब ग्राम विकास समिति की बैठक में गांव में बने ऐसे ही एक स्टॉप डैम के मरम्मतीकरण की मांग उठायी गयी. लूंगा की ग्राम विकास मित्र वर्षा रानी बखला बताती हैं कि इस समूचे क्षेत्र मे वर्षा आधारित धान व मड़ुआ जैसे फसल की खेती ही आजीविका का मुख्य जरिया है, किंतु समस्या यह है कि अप्रैल-मई महीना आते-आते यहां के ज्यादातर नदी-नाले सूखने लगते हैं.

गांव के बुजुर्ग किसान देव नारायण गोप बताते हैं कि कुछ साल पहले यह स्थिति नहीं थी 1966-67 के दौरान लूंगा नदी पर बना स्टॉप डैम कई गांव के सैकड़ों किसानों की खेती-किसानी का मुख्य सहारा था, लेकिन पिछले 10-15 साल से यह स्टॉप डैम मिट्टी के कटाव हो जाने और डैम के अंदरूनी हिस्से मे रेत, मिट्टी भर जाने के कारण अनुपयोगी हो गया था.

इस स्टॉप डैम के मरम्मतीकरण व चैनल के सुधार कार्य को लेकर ग्राम पंचायत से जिला प्रशासन तक कई बार मांग की गयी, पर बात नहीं बनी. फिर जब गांव में पहल परियोजना शुरू हुई, तब टिकाऊ खेती को बढ़ाने के लिए एक बार फिर इस स्टॉप डैम के मरम्मतीकरण की मांग की गयी. तब परियोजना द्वारा सामुदायिक सहभागिता के शर्त के साथ इस जल प्रबंधन कार्य की शुरुआत की गयी.

शुरू में इस काम में कुछ चुनौतियां भी आयी, जिसमें श्रमदान के लिए समुदाय को एकजुट करने और उनका अंशदान जुटाने की दिक्कत रही है. वर्षा रानी के अनुसार गांव में लगातार पांच बार यह काम करने की तैयारी व भागीदारी को लेकर बैठक रखी गयी. इस बैठक में सरकारी काम और जन भागीदारी से होने वाले काम के अंतर और जल प्रबंधन कार्य को लेकर बातचीत की गयी, जिसके बाद कापो व लूंगा गांव के लगभग 40 युवा, बुजुर्ग व महिलाओं ने मिलकर इस काम को आगे बढ़ाया.

इस काम की निगरानी करने वाले शंकर बड़ाईक कहते हैं कि लूंगा नदी पर बने स्टॉप डैम के मरम्मतीकरण से स्थानीय लोगों को रोजगार तो मिला ही, अब किसान रबी फसलों की खेती भी कर सकेंगे. एक अनुमान के मुताबिक इस जल संरचना सुधार से लगभग 40 हेक्टेयर से अधिक भूमि में सिंचाई हो सकेगी. वहीं इससे मछली पालन की संभावना को भी जोड़कर देखा जा रहा है.

कापोडीह किसान पाठशाला से जुड़े विलफर लकड़ा व संदीप टोप्पो कहते हैं कि स्टॉप डैम मरम्मतीकरण कार्य से उनके गांव में भी सिंचाई और दो फसली खेती की सुविधा बढ़ेगी. इससे परिवारों को रोजी-रोटी की तलाश मे बड़े शहरों में भटकना नहीं पड़ेगा. लूंगावासियों द्वारा किए जा रहे सहभागिता पूर्ण जल प्रबंधन कार्य को देखते हुए कई गांव के किसानों ने स्थानीय जल संरचनाओं को सहेजने-संवारने को लेकर कार्ययोजना बनानी करनी शुरू कर दी है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola