बोकारो: वर्ष 2014 में बोकारो इस्पात संयंत्र नौकरियों की बारिश करने वाला है. रिटायरमेंट के कारण मैन पावर की समस्या से जूझ रहे प्लांट में 2014 में 1500 बहाली होने वाली है. इससे पहले वर्ष 2012 में लगभग 1700 में लोगों की बहाली हुई थी.
वर्ष 2013 में 1600 लोगों की बहाली की प्रक्रिया चल रही है. अभी तक 1300 से अधिक लोगों की बहाली हो चुकी है. 31 मार्च 2014 के पहले बहाली की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी. वित्तीय वर्ष 2014-15 में एक बार फिर से 1500 लोगों की बहाली की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है.
इसके पीछे कारण भी है. बोकारो स्टील प्लांट का आधुनिकीकरण व विस्तारीकरण हो रहा है, जिसमें 17 हजार करोड़ का निवेश हो रहा है. इसके विस्तारीकरण से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. उधर, बीएसएल के मॉडर्नाइजेशन पर छह हजार करोड़ रूपये निवेश हो रहा है. प्लांट के आधुनिकीकरण व विस्तारीकरण के बाद प्लांट में लोगों की जरूरत पड़ेगी. लेकिन, बहाली में तकनीकी रूप से दक्ष लोगों को प्राथमिकता दी जायेगी. कारण, आधुनिकीकरण व विस्तारीकरण के बाद प्लांट को तकनीकी रूप से दक्ष लोगों की हीं जरूरत पड़ेगी.
हर माह रिटायर हो रहे हैं कर्मी
बीएसएल में लगभग 180-200 कर्मी हर महीने सेवानिवृत्त हो रहे हैं. प्रतिमाह रिटायरमेंट के कारण प्रबंधन को मैन पावर की समस्या का हो रही है. प्लांट में कर्मियों की संख्या घट गई हैं. फिलहाल, बीएसएल में 17 हजार 920 कर्मी है, जिनमें 2602 अधिकारी व 15 हजार 318 कर्मचारी हैं. मैन पावर की कमी को दूर करने के लिए प्लांट में वर्ष 2012 से हीं प्रतिवर्ष 1500-1700 लोगों की बहाली बीएसएल में हो रही है. बहाली में प्रशिक्षित आईटीआई, डिप्लोमा धारक, प्रबंधन प्रशिक्षु को प्राथमिकता दी जा रही है.
सेल में हर वर्ष चार हजार नियुक्ति
सेल में हर वर्ष तीन से चार हजार की संख्या में प्रोफेशनल्स की नियुक्ति की जा रही है. इनमें बड़ी संख्या में बहाली बोकारो स्टील प्लांट में होती है. बहाली में तकनीकी रूप से दक्ष लोगों को प्राथमिकता दी जाती है. प्लांट में अभी तक वर्ष 2012-13 में जो भी बहाली निकली है, उसमें टेक्नीकल रूप से साउंड लोगों से हीं आवेदन मांगा गया है. इस कारण, वर्ष 2014 में भी जो बहाली होगी, उसमें भी तकनीकी रूप से दक्ष लोगों को हीं प्राथमिकता मिलेगी. फिलहाल, सेल में वीआरएस या सीआरएस की कोई योजना नहीं है. अभी सेल में 99600 कर्मी हैं.