कैदी पर जानलेवा हमला

Updated at : 30 Dec 2016 8:01 AM (IST)
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कैदी पर जानलेवा हमला

हाजीपुर : मंडल कारा में गुरुवार को उस समय अफरातफरी मच गयी जब जेल के अंदर एक कैदी ने अपने ही वार्ड में रहने वाले दूसरे कैदी पर जानलेवा हमला बोल दिया. हिंसक झड़प में नगर थाना क्षेत्र के गांधी आश्रम निवासी सुभाष यादव नामक एक कैदी गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे जेल […]

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हाजीपुर : मंडल कारा में गुरुवार को उस समय अफरातफरी मच गयी जब जेल के अंदर एक कैदी ने अपने ही वार्ड में रहने वाले दूसरे कैदी पर जानलेवा हमला बोल दिया. हिंसक झड़प में नगर थाना क्षेत्र के गांधी आश्रम निवासी सुभाष यादव नामक एक कैदी गंभीर रूप से घायल हो गया.

उसे जेल अस्पताल में भरती कराया गया. प्राथमिक उपचार के बाद आनन-फानन में उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया. जहां डाक्टरों ने लहूलुहान हालत में पहुंचे घायल सुभाष यादव का इलाज किया और बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया. डेढ़ साल पहले नगर थाने की पुलिस ने सुभाष यादव को स्टेशन चौक के समीप से गांजा के साथ गिरफ्तार किया था. उस समय से वह मंडल कारा में बंद है.

जानकारी के अनुसार मंडल कारा के छह नंबर वार्ड के कमरा नंबर दो में सुभाष यादव रह रहा था. उसी कमरे में जंदाहा थाने का एक विचाराधीन कैदी अखिलेश पासवान भी रह रहा था.

अखिलेश बीते चार साल से एक मामले में जेल में बंद है. किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था. गुरुवार को दोनों के बीच पहले नोकझोंक हुई. उस वार्ड के अन्य कैदियों ने दोनों को समझा-बुझाकर शांत कराया. इसी बीच मौका मिलते ही अखिलेश पासवान जेल परिसर में गाड़े गये चापाकल का हैंडिल खोल लिया और उसी को हथियार बनाकर सुभाष राय पर प्रहार करने लगा. ताबड़तोड़ प्रहार से सुभाष राय गंभीर रूप से घायल होकर जेल परिसर में ही बेहोश होकर गिर गया. घटना की सूचना जेल अधीक्षक को मिली. उन्होंने जेल के सुरक्षा गार्ड के साथ-साथ सदर थाने की पुलिस को घटना की सूचना दी. सूचना मिलते ही सदर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार मिश्रा दलबल के साथ जेल पर पहुंच गये. पुलिस उक्त वार्ड में जाकर अन्य कैदियों से पूछताछ की. हालांकि घटना का कारण स्पष्ट नहीं हो सका.

वर्चस्व को लेकर तो नहीं हुई घटना!

जेल के अंदर प्रत्येक वार्ड में एक कैदी ऐसा होता है जो उस वार्ड का हेड होता है. वार्ड में रहने वाले अन्य कैदी वार्ड के हेड के आदेश का पालन करते है. नये कैदी के आने पर संबंधित वार्ड के हेड ही उसके लिए जगह निर्धारित करते है. नये कैदी को वार्ड में मिलने वाली अन्य सुविधा पाने के लिए हेड द्वारा जारी किये गये नियमों का हर-हाल में पालन करना होता है.

वार्ड छह में अखिलेश पासवान काफी लंबे समय से रह रहा है. इसी बीच सुभाष यादव भी उसी वार्ड में रहने लगे हैं. सुभाष यादव स्टेशन चौक पर स्थित दुकानदारों से रंगदारी वसूलने और अपनी दबंगता को लेकर पहले से चर्चित है. पुलिस रिकॉर्ड में भी उसके खिलाफ रंगदारी के कई मामले दर्ज है. गुरुवार को जेल के अंदर हुई हिंसक झड़प का कारण कहीं वर्चस्व तो नहीं है! हालांकि जेल प्रशासन से लेकर जांच करने पहुंची सदर पुलिस भी इस संबंध में कुछ भी स्पष्ट बताने में असमर्थता जाहिर की है.

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