नहीं दिख रही प्रशासनिक तैयारी

Updated at : 22 Jul 2016 8:34 AM (IST)
विज्ञापन
नहीं दिख रही प्रशासनिक तैयारी

आस्था. कांवर यात्रा पर सुरक्षा को लेकर िचंितत हैं श्रद्धालु हाजीपुर : जगह-जगह हो रहे आतंकी और नक्सली हमले के बीच बोलबम की यात्रा शुरू हो गयी है. कई बार अपराधी और आतंकी धार्मिक यात्राओं को अपना निशाना बनाते हैं. बोलबम में कांवर लेकर बाबा धाम जाने वाले यात्रियों का अपनी सुरक्षा को लेकर सशंकित […]

विज्ञापन
आस्था. कांवर यात्रा पर सुरक्षा को लेकर िचंितत हैं श्रद्धालु
हाजीपुर : जगह-जगह हो रहे आतंकी और नक्सली हमले के बीच बोलबम की यात्रा शुरू हो गयी है. कई बार अपराधी और आतंकी धार्मिक यात्राओं को अपना निशाना बनाते हैं. बोलबम में कांवर लेकर बाबा धाम जाने वाले यात्रियों का अपनी सुरक्षा को लेकर सशंकित होना लाजिमी है.
लेकिन, इस दृष्टिकोण से प्रशासनिक तैयारी नहीं दिख रही है.रेलवे स्टेशन से लेकर बस पड़ाव तक होती है भीड़ : सावन माह के शुरू होते ही मंदिरों में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना प्रारंभ हो जाती है. श्रद्धालुओं द्वारा गंगा और नारायणी नदी से जल लेकर श्रावण माह के पहले सोमवार से जलाभिषेक का काम शुरू हो जायेगा. नारायणी नदी तट की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण अब अधिकतर श्रद्धालु पहलेजा घाट से जल उठाते हैं. दूर-दूर से आनेवाले श्रद्धालु ट्रेन या बस से हाजीपुर आते हैं और यहां से पहलेजा घाट जाकर पूजा-अर्चना कर जल लेकर गरीब स्थान मुजफ्फरपुर के लिये रवानाहोते हैं.
शौचालय, शेड और सुरक्षा की नहीं है व्यवस्था : जिले के वैशाली स्थित चतुर्भुज महादेव, पातेपुर, महुआ, देसरी, बिदुपुर स्थित प्राचीन मंदिरों में भी जलाभिषेक के लिए लोग जल उठाते हैं.
जलाभिषेक के लिए जल भरने में मात्र 72 घंटे शेष हैं और यहां प्रशासनिक स्तर पर कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है. श्रद्धालु 70-80 किलोमीटर की यात्रा कर विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक करेंगे, लेकिन न कांवरिया पथ का निर्माण किया गया है और न ही उचित रोशनी और पेयजल का और न मार्ग में कहीं शौचालय है.
भीड़ में शामिल हो जाते हैं असामाजिक तत्व : अनुभव बताता है कि विभिन्न चौक चौराहों पर खड़े असामाजिक तत्व भीड़ का लाभ उठाकर उसमें शामिल हो जाते हैं. महिला कांवरियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं को अंजाम देकर सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में बाहर निकल जाते हैं. यदि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था हो तो ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है.
श्रद्धालुओं के बीच उपद्रवी भी
शहरवासियों के लिए यह पूरा महीना फजीहत से भरा भी होता है. सड़क, गली, चौराहे पर जाम का नजारा रहता है. यहां रहने वाले लोगों को सावन महीने में कांवरियों की भीड़ की वजह से सड़कों पर चलना मुहाल हो जाता है. दफ्तर, स्कूल, बाजार, अस्पताल आदि जाने में पसीने छूट जाते हैं. अक्सर कांवर लेकर जा रहे श्रद्धालुओं के साथ-साथ कई उपद्रवी भी होते हैं जो सड़क पर उपद्रव करते पाये जाते हैं जिनकी निगरानी आवश्यक है नहीं तो विधि-व्यवस्था अस्तव्यस्त हो जाती है.
शिवालयों में उमड़ती है भीड़
पूरे सावन माह में शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. भीड़ के कारण शिवालयों में अस्त-व्यस्तता हो जाती है. इस दौरान मंदिरों में कौन जा रहा है या क्या कर रहा है यह देखने वाला कोई नहीं होता. ऐसे में यदि कोई असामाजिक तत्व मंदिर में प्रवेश कर श्रद्धालुओं को नुकसान पहुंचाना चाहे तो बड़ी आसानी से ऐसा कर निकल सकता है.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
कांवरिया यात्रा के दौरान सुरक्षा को लेकर जगह-जगह पुलिस बल तैनात करने की योजना बनायी गयी है. प्रमुख चौराहों और मंदिरों के आसपास के अलावा कांवरिया पथ पर भी पुलिस बल तैनात किया जायेगा.
राशिद जमां, डीएसपी
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन