15 दिनों में शुरू हो जायेगा पटना- मुजफ्फरपुर सहित 18 जिलों में जमीन का सर्वे, इन चीजों की बन रही सूची
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 16 Jan 2022 12:15 PM
बंदोबस्त कार्यालय को राजस्व संबंधी आंकड़ों को एकत्रित करने का काम शुरू कर दिया गया है. अंचल में कुल राजस्व ग्रामों की संख्या, कितने गांवों का खतियान उपलब्ध है. कितने गांव का खतियान उपलब्ध नहीं है.
बिहार के 18 जिलों में जनवरी के अंतिम सप्ताह तक विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त का कार्य शुरू कर दिया जायेगा. भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय ने इसकी तैयारी कर ली है. निदेशक जय सिंह ने संबंधित जिलों के डीएम सह बंदोबस्त पदाधिकारियों को भी अपने- अपने जिले में सर्वे पूर्व होने वाले कार्य शुरू कर देने के निर्देश के साथ ही शिविर आदि को लेकर तैयारी रखने के दिशा- निर्देश जारी कर दिये दिये हैं. जिन क्षेत्रों में कार्य किया जाना है, उनके चयन के लिए अंचल एवं गठित होने वाले शिविरों का निर्धारण भू अभिलेख एवं निदेशालय के नोडल पदाधिकारी की सलाह पर किया जायेगा.
राज्य में विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त का कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाना है. पहले चरण में 20 जिलों में सर्वे का कार्य शुरू किया गया था. इन जिलों में सर्वे का कार्य मंजिल के करीब पहुंचते ही सरकार ने बचे हुए 18 जिला पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, भोजपुर, सारण, दरभंगा, औरंगाबाद, कैमूर, बक्सर, वैशाली, रोहतास, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, समस्तीपुर, सीवान, गोपालगंज व नवादा में भी विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त शुरू करने की घोषणा कर दी है.
जनवरी से ही विशेष सर्वे एवं बंदोबस्त का दूसरा चरण शुरू करने के लिए 18 जिलों के डीएम को कहा गया है कि जिले में बंदोबस्त कार्यालय स्वतंत्र रूप से चार कमरे और एक हॉल वाला बंदोबस्त कार्यालय बना लिया जाए. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रत्येक जिले को चार लाख रुपये के हिसाब से 72 लाख रुपये का बजट भी जारी कर दिया है. इस पैसे से जिलों को बंदोबस्त कार्यालय के लिए तीन लाख रुपये में मशीन और उपकरण खरीदने होंगे. एक लाख रुपये सर्वे के विज्ञापन आदि पर खर्च होंगे.
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बंदोबस्त कार्यालय को राजस्व संबंधी आंकड़ों को एकत्रित करने का काम शुरू कर दिया गया है. अंचल में कुल राजस्व ग्रामों की संख्या, कितने गांवों का खतियान उपलब्ध है. कितने गांव का खतियान उपलब्ध नहीं है, कितने गांव का मानचित्र उपलब्ध है और कितनों का मानचित्र नहीं है. जिन गांवों में कैडेस्ट्रल सर्वे के आधार पर राजस्व कार्य हो रहे हैं तथा जिन ग्राम में राजस्व कार्य का आधार रिविजनल सर्वे अथवा चकबंदी सर्वे है, उनके नामों की सूची तैयार करने को कहा गया है.
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