चलने के काबिल नहीं रही सड़क
चलने के काबिल नहीं रही सड़कमहदीपुर-प्रतापगंज सड़क का निर्माण कराने की मांग फोटो- 20,21,कैप्सन – क्षतिग्रस्त सड़क, बाइक पार करते लोगप्रतिनिधि, प्रतापगंज प्रखंड वासियों द्वारा महदीपुर – प्रतापगंज पथ के निर्माण कराये जाने की मांग कई वर्षों से की जा रही है. बावजूद इसके संबंधित विभाग द्वारा किसी प्रकार का पहल नहीं किया गया है. […]
चलने के काबिल नहीं रही सड़कमहदीपुर-प्रतापगंज सड़क का निर्माण कराने की मांग फोटो- 20,21,कैप्सन – क्षतिग्रस्त सड़क, बाइक पार करते लोगप्रतिनिधि, प्रतापगंज प्रखंड वासियों द्वारा महदीपुर – प्रतापगंज पथ के निर्माण कराये जाने की मांग कई वर्षों से की जा रही है. बावजूद इसके संबंधित विभाग द्वारा किसी प्रकार का पहल नहीं किया गया है. जिस कारण लाखों की आबादी को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही हजारों एकड़ में फसल उगाने वाले किसानों को खाद्यान्न की ढुलाई में काफी कठिनाई हो रही है. गौरतलब है कि वर्ष 2008 के कुसहा त्रासदी में इस सड़क में जगह – जगह क्षतिग्रस्त हो गया था. जहां आरइओ विभाग द्वारा लहोटिया महा विद्यालय, मिरचैया धार व धर्म घाट के समीप बने गडढ़े के ऊपर पीसीसी ढलाई कर दी गयी. लेकिन उक्त स्थानों पर समुचित मिट्टी करण नहीं किये जाने के कारण क्षतिग्रस्त हो चुका है. जिस कारण क्षतिग्रस्त सड़क एक बड़े हादसे को आमंत्रित कर रहा है. वहीं इस सड़क पर ट्रेक्टर सहित अन्य वाहनों के चालकों को जान जोखिम में डाल कर परिचालन करने की विवशता बनी हुई है. आवागमन में हो रही परेशानीमुख्यालय बाजार आने जाने को लेकर महदीपुर- प्रतापगंज पथ ही एक मात्र मुख्य मार्ग है. दर्जनों गांव के हजारों लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं. इस सड़क के जर्जर हो जाने से प्रखंड क्षेत्र के तेकूना, दुर्गापुर, सुडि़यारी, राम टोला, झंगवाही, परियाही, इमामपट्टी, उद्यमपुर, मलदेहिया टोला, महदीपुर, रामपुर आदि गांव के लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना हो रहा है. बाजार वासियों का कहना है कि परियाही, उधमपुर, झंगवाही कृषि उत्पादन का एक बड़ा क्षेत्र है. उक्त क्षेत्र के किसानों के लिए बाजार आने का एक मात्र यही पथ है. सड़क निर्माण नहीं कराये जाने के कारण किसानों की सामग्री बाजार नहीं पहुंच पाती है. जिसका व्यापक असर स्थानीय बाजार पर पड़ रहा है. बताया कि लंबे समय से इस सड़क के पक्कीकरण कराये जाने की मांग उठ रही है. यहां तक कि स्थानीय जन प्रतिनिधि द्वारा भी कई बार इस मुद्दे को रखा गया, लेकिन स्थानीय ग्रामीण अभियंत्रण संगठन की उदासीनता से प्रखंड वासी हतप्रभ हैं. फसल ढुलाई की है समस्या प्रखंड क्षेत्र के किसान अर्जुन महतो, प्रमोद राम, पवन प्रधान आदि ने बताया कि इस सड़क के समीप कई एकड़ भूमि उन लोगों का है. वर्तमान समय में मजदूर की भारी किल्लत है. इसे लेकर फसल की ढुलाई ट्रैक्टर सहित अन्य वाहनों से करायी जाती है. ऐसी स्थिति में सड़क के क्षतिग्रस्त रहने से वाहन चालक भी जाने से कतराते हैं. अगर कोई चालक वाहन ले जाने को तैयार भी होते हैं तो फसल की ढ़ुलाई पर काफी खर्च किया जाता है. बताया कि चुनाव के समय उम्मीदवारों द्वारा विकास का ढिंढ़ोरा पीटा जा रहा है. पर, अब तक किसी जन प्रतिनिधि द्वारा इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया है. इस बाबत आरइओ के जेइ से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो पायी.
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