सीता सर्किट से पांच तीर्थ स्थान जुड़ेंगे

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 02 Jan 2016 8:25 PM

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सीता सर्किट से पांच तीर्थ स्थान जुड़ेंगे फोटो- 2 हलेश्वर स्थान परिसर में तैयार विवाह मंडप, 3 भव्य मंदिर, 4 खराब सोलर लाइट सीतामढ़ी : मां जानकी व अन्य देवी देवताओं से जुड़े जिले के विभिन्न स्थानों को ‘सीता सर्किट’ से जोड़ने की कवायद शुरू कर दी गयी है. सीता सर्किट से जोड़ कर उक्त […]

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सीता सर्किट से पांच तीर्थ स्थान जुड़ेंगे फोटो- 2 हलेश्वर स्थान परिसर में तैयार विवाह मंडप, 3 भव्य मंदिर, 4 खराब सोलर लाइट सीतामढ़ी : मां जानकी व अन्य देवी देवताओं से जुड़े जिले के विभिन्न स्थानों को ‘सीता सर्किट’ से जोड़ने की कवायद शुरू कर दी गयी है. सीता सर्किट से जोड़ कर उक्त धार्मिक स्थलों का विकास किया जायेगा. विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है. केंद्र सरकार के पर्यटन विभाग के द्वारा यह सब किया जा रहा है. बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने भी लोस चुनाव के दौरान डुमरा स्टेडियम मैदान में अपने भाषण के दौरान यहां के धार्मिक स्थलों को सीता सर्किट से जोड़ कर विकसित करने की बात कही थी. पूर्व विधायक सुनील कुमार पिंटू ने भी इसके लिए पीएम से आग्रह किया था. — छा जायेगा पर्यटन के मानचित्र पर बता दें कि देश का कम हीं हिस्सा होगा जहां के लोग इससे वाकिफ नहीं होंगे कि सीतामढ़ी मां जानकी की जन्म धरती है. देश में जानकी की यह जन्मभूमि पहचान की मुहताज नहीं है. तभी तो देश के विभिन्न राज्यों से पर्यटक मा जानकी की जन्मभूमि पुनौरा मंदिर का भ्रमण करने को आते हैं. लोगों का कहना है कि सीता सर्किट से जुड़ जाने के बाद जिले के धार्मिक स्थल पर्यटन के मानचित्र पर छा जायेंगे. — बनाया जा रहा डीपीआर केंद्र सरकार ने गुड़गांव की एक टीम को सीता सर्किट से जुड़ने वाले पांच धार्मिक स्थलों को विकसित करने के लिए डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है. इस टीम में वरीय आर्किटेक्ट हेमंत खुराना व अभियंता शामिल हैं. गत दिन यह टीम पुनौरा मंदिर, जानकी स्थान मंदिर, हलेश्वर स्थान मंदिर, पंथपाकड़ धाम व अहिल्या स्थान का जायजा लेकर लौट गयी. टीम ने पांचों स्थलों पर यह देखा कि इसे विकसित करने के लिए क्या-क्या करना पड़ेगा. उसी के अनुसार योजना बनेगी. आर्किटेक्ट श्री खुराना ने बताया कि फरवरी के अंत या मार्च के प्रथम सप्ताह तक पांचों स्थलों का डीपीआर तैयार कर केंद्र सरकार के पर्यटन विभाग को सौंप दिया जायेगा. फिर आवंटन मिलने के बाद योजना के अनुरूप कार्य शुरू कराया जायेगा. — तीन सर्किट पर एक साथ काम बताया गया है कि क्रमश: शिव सर्किट, रामायण सर्किट व कांवर सर्किट आदि पर एक साथ काम शुरू किया गया है. संयोग है कि हलेश्वर स्थान इन तीनों सर्किट के अधीन आता है. उक्त मंदिर के सचिव सह अधिवक्ता सुशील कुमार ने गुड़गांव की टीम को बताया कि कांवरिया के ठहरने की ठोस व्यवस्था होनी चाहिए. पानी की टंकी की जरूरत है. परिसर में मिट्टीकरण व वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए. लाइटिंग की व्यवस्था कराने की मांग की. बताया कि मंदिर की खुदाई के दौरान बड़े-बड़े पत्थर निकले थे. इन पत्थरों को जोड़ कर झरना बनाने की योजना है. टीम को इससे भी अवगत कराया गया है. यहां की उक्त सभी कमियों को टीम नोट कर के ले गयी. — विवाह मंडप हैंड ओवर नहीं हलेश्वर स्थान मंदिर परिसर में कई माह से विवाह मंडप बन कर तैयार है. संवेदक द्वारा महिला व पुरुष का अलग-अलग शौचालय भी बना दिया गया है, लेकिन अब तक मंदिर प्रबंधन के हैंड ओवर नहीं किया गया है. फलत: विवाह मंडप व शौचालय का उपयोग नहीं हो पा रहा है. — चार सोलर लाइट फेल पर्यटन विभाग, बिहार की ओर से मंदिर परिसर में सड़क का पीसीसी कराने के साथ हीं आठ सोलर लाइट लगाया गया था. यह लाइट भी लूट-खसोट का शिकार हो गया था. तत्कालीन सदर एसडीओ संजीव कुमार ने निरीक्षण के दौरान पाया था कि सोलर लाइट का पाइप काफी घटिया स्तर का है. उनके निर्देश पर विभाग द्वारा संवेदक से नये सिरे से आठ सोलर लाइट लगवाया था. सचिव श्री कुमार कहते हैं कि आठ में से चार सोलर लाइट ठप पड़ा हुआ है. सात चापाकल है जो ठीक-ठाक है.

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