नकद समेत 11.65 करोड़ के जेवर गायब

Updated at : 08 Aug 2018 4:16 AM (IST)
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नकद समेत 11.65 करोड़ के जेवर गायब

सीतामढ़ी : नगर के हॉस्पिटल रोड स्थित लीची बागान निवासी भरत प्रसाद व पत्नी मांडवी देवी की हत्या में मंगलवार को एक नया खुलासा हुआ है. मृत दंपती के पुत्र डॉ पुष्कल ने पुलिस के समक्ष कहा कि हत्यारे उसके मां-बाप की हत्या कर घर के कमरे में रखा एक करोड़ कैश व भारी मात्रा […]

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सीतामढ़ी : नगर के हॉस्पिटल रोड स्थित लीची बागान निवासी भरत प्रसाद व पत्नी मांडवी देवी की हत्या में मंगलवार को एक नया खुलासा हुआ है. मृत दंपती के पुत्र डॉ पुष्कल ने पुलिस के समक्ष कहा कि हत्यारे उसके मां-बाप की हत्या कर घर के कमरे में रखा एक करोड़ कैश व भारी मात्रा में जेवरात लूट ले गये हैं. उसकी माता मांडवी देवी के पास बहुत सोना-चांदी व हीरा मौजूद था. कहा है कि 1.65 करोड़ कैश व 10 करोड़ के जेवरात घर से गायब है.

मां-बाप की हत्या के बाद पहली बार घर पहुंचे डॉ पुष्कल भाव-विभोर हो गये. वह ऑस्ट्रेलिया से यहां आये हैं. आठ अप्रैल 2018 को अपराधियों ने उनके पिता भरत प्रसाद व माता मांडवी देवी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी. डॉ पुष्कल के यहां पहुंचने पर उनके आसपास सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किया गया था. नगर थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर शशिभूषण सिंह भी पुलिस बल के साथ पहुंचकर डॉ पुष्कल को हत्या के अनुसंधान तथा अब तक की कार्रवाई की जानकारी दी. इस दौरान उनका मामा पुपरी निवासी विनोद कुमार भी साथ थे. श्री कुमार के बयान पर ही डबल मर्डर की एफआइआर दर्ज की गयी थी.
डॉ पुष्कल ने हत्या को साफ तौर पर भूमि विवाद बताया. साथ ही कहा कि उक्त हत्या में उसके चाचा शत्रुध्न प्रसाद के अलावा चंदन प्रताप सिंह की मुख्य भूमिका है.
टूटा मिला मेन गेट पर लॉक ताला, सनसनी: हत्या के बाद मृतक भरत प्रसाद के साले पुपरी वार्ड संख्या-छह निवासी विनोद कुमार ने घर के प्रथम द्वार के गेट पर ताला लगाया था, जो मंगलवार को मृतक के पुत्र व साला के आने के बाद टूटा पाया गया.
श्री कुमार ताला टूटा देख अवाक रह गये. खास बात यह कि पुलिस की मौजूदगी में पूरे घर को सील कर दिया गया था, इसके बाद कैंपस में मुख्य द्वार पर लॉक किया हुआ ताला का टूटना कटघरे में खड़ा करता है. नगर थानाध्यक्ष ने भी ताला टूटा देखकर हैरानी जताया. मृतक के पुत्र ने आशंका व्यक्त की है कि हत्या की साजिश रचने वालों ने ही कैंपस के भीतर कमरे के गेट का ताला तोड़कर बचा हुआ जमीन का कागजात साथ ले गया है.
14 अप्रैल को पौत्री से मिलने जानेवाले थे दंपती: हत्या के सात दिन बाद ही भरत प्रसाद व पत्नी मांडवी ऑस्ट्रेलिया में अपनी पौत्री से मिलने जानेवाले थे. 14 अप्रैल को दोनों के फ्लाइट का टिकट भी कनफर्म था. पुत्र डॉ पुष्कल ने बताया कि उनके माता-पिता दिल्ली में शिफ्ट करनेवाले थे. वह इसकी पूरी तरह से तैयारी भी कर चुके थे. पूर्व से ही जमीन को लेकर चाचा शत्रुध्न प्रसाद व उनके सहयोगी चंदन प्रताप सिंह द्वारा फंसाने की योजना बनायी जाती रही है, ताकि उसके माता-पिता डर कर यहां से भाग जाये. बात नहीं बनी तो दोनों को मौत के घाट उतार दिया.
पुलिस पर उठे सवाल
नगर के हॉस्पिटल रोड लीची बागान की घटना
हत्या के बाद पहली बार घर पहुंचा मृत दंपती का पुत्र डॉ पुष्कल
घर पहुंचते ही आंखों से छलके आंसू, कहा- भूमि विवाद में
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