नदियों के उफान से डूबी फसल

शेखपुरा : जिले के राजनैतिक शून्यता आपदा के इस घड़ी में घाट कोसुम्भा प्रखंड के लिए अभिशाप बन गया है. जलजमाव से बाढ़ क्षेत्र घोषित कराने की मांग के इकलौते मुद्दे के बीच एक बार फिर किसानों को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा है. हरोहर और टाटी नदी के उफान में 828 हेक्टेयर फसल […]
शेखपुरा : जिले के राजनैतिक शून्यता आपदा के इस घड़ी में घाट कोसुम्भा प्रखंड के लिए अभिशाप बन गया है. जलजमाव से बाढ़ क्षेत्र घोषित कराने की मांग के इकलौते मुद्दे के बीच एक बार फिर किसानों को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा है. हरोहर और टाटी नदी के उफान में 828 हेक्टेयर फसल डूब कर बरबाद हो गयी.
इस तबाही से उबरने को किसान आज भी अपनी आपदा को बाढ़ क्षेत्र घोषित करने की जद्दोजहद में सूबे के नेताओं से फरियाद लगा रहे हैं. आपदा की घड़ी में किसान लगातार इस मुद्दे को लेकर एक ऐसे चेहरे की तलाश में है. किसानों को आपदा की घड़ी में फिलहाल कोई उम्मीद नहीं दिख रही है. बहरहाल बाढ़ की त्रासदी को जूझ रहे किसानों के बीच फसल की त्रासदी की भरपाई के लिए फिलहाल कोई विकल्प नहीं दिख रहा है.
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