उपयोग हुए बिना जर्जर हो गयीं लाखों की नावें

पानापुर : हर वर्ष बाढ़ की विभीषिका का दंश झेल रहे पानापुर वासियों की सुविधा के लिए सरकारी स्तर पर खरीदी गयी नाव बगैर उपयोग में लाये ही सड़ गयीं. 2014 में तत्कालीन सीओ सत्यनारायण पासवान ने पानापुर के लिए आधा दर्जन नावों की खरीद की थी. इसमें लाखों रुपये खर्च किये गये थे. पिछले […]
पानापुर : हर वर्ष बाढ़ की विभीषिका का दंश झेल रहे पानापुर वासियों की सुविधा के लिए सरकारी स्तर पर खरीदी गयी नाव बगैर उपयोग में लाये ही सड़ गयीं. 2014 में तत्कालीन सीओ सत्यनारायण पासवान ने पानापुर के लिए आधा दर्जन नावों की खरीद की थी. इसमें लाखों रुपये खर्च किये गये थे. पिछले सप्ताह गंडक नदी के तटीय गांवों में आयी बाढ़ के दौरान लोगों को यह उम्मीद थी कि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए इन नावों का प्रयोग होगा लेकिन उचित रखरखाव के अभाव में सभी नावों की स्थिति दो वर्षों के अंदर ही इतनी जर्जर हो गयी है कि इसे पानी में उतारने की हिम्मत किसी के पास नही थी. नावें बीआरसी के सामने झाड़ियों में पड़ी हैं.
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