किसी की परीक्षा नहीं हो रही किसी को रिजल्ट का इंतजार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :14 Apr 2015 6:33 AM (IST)
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छपरा (नगर) : जेपीविवि की लचर व्यवस्था से यहां अध्ययनरत छात्रों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. विवि प्रशासन ने परीक्षाओं के दौरान कदाचार पर रोक लगाने के अभियान छेड़ कर अच्छा कदम तो उठाया है. लेकिन, एकेडमिक कैलेंडर को फॉलो करने में वह लगातार पिछड़ता जा रहा है. वर्तमान स्थिति यह है किसी […]
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छपरा (नगर) : जेपीविवि की लचर व्यवस्था से यहां अध्ययनरत छात्रों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. विवि प्रशासन ने परीक्षाओं के दौरान कदाचार पर रोक लगाने के अभियान छेड़ कर अच्छा कदम तो उठाया है. लेकिन, एकेडमिक कैलेंडर को फॉलो करने में वह लगातार पिछड़ता जा रहा है.
वर्तमान स्थिति यह है किसी को रिजल्ट का इंतजार है, तो कोई परीक्षा में हो रही देरी से टेंशन में है. पीजी सेकेंड व फोर्थ सेमेस्टर के थ्योरी व प्रैक्टिकल की परीक्षा लेने में ही छह माह से ज्यादा गुजर चुके हैं. मगर रिजल्ट का कहीं अता-पता नहीं है.
उधर स्नातकस्तरीय पाठ्यक्रम में नामांकित छात्रों की भी स्थिति खराब है. पार्ट टू के त्रुटिपूर्ण रिजल्ट में सुधार को लेकर अभी भी छात्र कॉलेज व विवि का चक्कर लगा रहे है. एकेडमिक कैलेंडर के मुताबिक स्नातक के तीनों सत्र की परीक्षा मार्च से मई तक में आयोजित कर लेना था, जबकि अभी तक पूर्व में आयोजित परीक्षाओं का रिजल्ट भी पेंडिंग में है.
कमोवेश छात्रों की भी है विवि प्रशासन द्वारा अभी तक दो बार परीक्षा आयोजन की घोषणा की जा चुकी है. लेकिन, दोनों बार विभिन्न कारणों से परीक्षा को स्थगित कर दिया गया. इतना ही नहीं, विवि सें पीएचडी का डिग्री पाने का सपना देखनेवाले छात्रों में भी विवि प्रशासन के उपेक्षित रवैये के कारण विवि से मोहभंग होता नजर आ रहा है.
यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार छह माह के एंड कोर्स में नामांकित शोध छात्रों का कोर्स पूरा हुए नौ माह से ज्यादा गुजर चुके हैं, लेकिन न तो विवि प्रशासन उनकी परीक्षा ही ले रहा है और न ही कोई दिशा – निर्देश ही जारी कर रहा है. बहरहाल, जेपीविवि में यूजी से लेकर पीजी स्तर के विभिन्न पाठ्यक्रमों में नामांकित छात्र विवि की वर्तमान व्यवस्था से हलकान हैं.
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