सात दिन शेष, िसर्फ साढ़े सात फीसदी गेहूं की खरीदारी

Updated at : 24 Jun 2018 4:42 AM (IST)
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सात दिन शेष, िसर्फ साढ़े सात फीसदी गेहूं की खरीदारी

छपरा (सदर) : अब जबकि गेहूं अधिप्राप्ति की तिथि महज 7 दिन शेष बची है. सारण जिले में निर्धारित लक्ष्य छह हजार मिट्रिक टन का महज 7.5 फीसदी ही अधिप्राप्ति हो पायी है, जो 463.9 मिट्रिक टन है. बता दें कि एक अप्रैल से धान की खरीद का कार्य शुरू हुआ था. सारण जिले में […]

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छपरा (सदर) : अब जबकि गेहूं अधिप्राप्ति की तिथि महज 7 दिन शेष बची है. सारण जिले में निर्धारित लक्ष्य छह हजार मिट्रिक टन का महज 7.5 फीसदी ही अधिप्राप्ति हो पायी है, जो 463.9 मिट्रिक टन है. बता दें कि एक अप्रैल से धान की खरीद का कार्य शुरू हुआ था. सारण जिले में सरकार के द्वारा विभिन्न 20 प्रखंडों में कुल 323 पैक्स तथा 20 व्यापार मंडल में से 20 को गेहूं अधिप्राप्ति के लिए चयनित किया गया, जिनमें से महज सात पैक्स एवं व्यापार मंडलों ने ही गेहूं की अधिप्राप्ति की. जबकि निर्धारित लक्ष्य का 20 फीसदी अर्थात दो करोड़ 81 लाख 9 हजार रुपये सरकार ने गेहूं अधिप्राप्ति के लिए कैश क्रेडिट स्वीकृत की थी. जो गेहूं अधिप्राप्ति की गयी है उसकी कीमत 80 लाख 48 हजार 665 रुपये है.

जिला सहकारिता पदाधिकारी नेशार अहमद के अनुसार, 62 किसानों से खरीदी गयी गेहूं की मात्रा के बदले अबतक 55 लाख 38 हजार 119 रुपये किसानों को भुगतान कर दिया गया है. वहीं 216 मिट्रिक टन गेहूं राज्य खाद्य निगम के दुकान में भेज दिया गया है. 30 जून तक ही सरकार ने गेहूं अधिप्राप्ति की तिथि निर्धारित की है. परंतु, गेहूं अधिप्राप्ति की दिशा में कमोबेश प्रशासनिक उदासीनता तथा पैक्स व व्यापार मंडलों की कारगुजारियों के कारण 10 से 15 फीसदी भी लक्ष्य हासिल होने की उम्मीद नहीं दिखती. वहीं किसान सरकार के दावे के बावजूद अधिकृत एजेंसियों के गेहूं अधिप्राप्ति करने में आना-कानी के कारण खुले बाजार में बिचौलियों के माध्यम से 13 से 14 सौ रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेचने को विवश हैं. जबकि सरकार के द्वारा निर्धारित दर 1735 रुपये निर्धारित है.
सीएमआर एसएफसी को आपूर्ति नहीं करने पर प्राथमिकी दर्ज करने की होगी कार्रवाई
26 जून तक सीएमआर जमा नहीं करने वाले पैक्स पर मुकदमा व काली सूची में डालने की कार्रवाई करने की तैयारी में विभाग है. सारण जिले के वैसे पैक्स अध्यक्ष एवं व्यापार मंडल के अध्यक्ष जो 26 जून तक अधिप्राप्ति किये गये धान का सीएमआर एसएफसी को आपूर्ति नहीं करते उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने, उनके जनवितरण दुकान व खाद के लाइसेंस को रद्द करने तथा काली सूची में डालते हुए भविष्य में चुनाव लड़ने पर रोक लगाने तक की कार्रवाई की जायेगी.
डीसीओ नेसार अहमद ने बताया कि सारण जिले में कुल 211 चयनित व्यापार मंडल एवं पैक्स में से 198 ने ही धान अधिप्राप्ति का कार्य कुल 3 हजार 849 किसानों के माध्यम से किया है. सारण जिले में अबतक 90 फीसदी पैक्स एवं व्यापार मंडल के द्वारा सीएमआर की आपूर्ति राज्य खाद्य निगम को की जा चुकी है, जिसकी मात्रा 17 हजार 8 मिट्रिक टन है. वहीं अभी भी 1990 मिट्रिक टन सीएमआर की आपूर्ति राज्य खाद्य निगम को नहीं हो पायी है. ऐसी स्थिति में सरकार के निर्देश के आलोक में लापरवाह पैक्स एवं व्यापार मंडल के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
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