आवागमन ही नहीं, भावनाओं का भी सेतु बनेगा ओवरब्रिज

सहरसा : जिले ही नहीं प्रमंडल की बड़ी समस्या की फेहरिस्त में बंगाली बाजार ओवरब्रिज का मुद्दा हमेशा पहले नंबर पर आयेगा. प्रमंडलीय मुख्यालय में सड़क जाम से निजात मिलने की छटपटाहट स्थानीय लोगों में बीते दो दशक से देखी जा रही है. वर्तमान में प्रभात खबर की लगातार दो वर्षों तक चलायी गयी मुहिम […]
सहरसा : जिले ही नहीं प्रमंडल की बड़ी समस्या की फेहरिस्त में बंगाली बाजार ओवरब्रिज का मुद्दा हमेशा पहले नंबर पर आयेगा. प्रमंडलीय मुख्यालय में सड़क जाम से निजात मिलने की छटपटाहट स्थानीय लोगों में बीते दो दशक से देखी जा रही है. वर्तमान में प्रभात खबर की लगातार दो वर्षों तक चलायी गयी मुहिम व प्रशासनिक सजगता के अलावे स्थानीय जनमानस द्वारा किये गये आंदोलन की वजह से बंगाली बाजार में ओवरब्रिज निर्माण की उम्मीद जग गयी है.
कोई आने वाले समय में शहर की बदलने वाली सूरत तो कोई सड़क जाम से जुड़ी अविस्मरणीय वाकये को जाहिर कर जिले के पहले बनने वाले ओवरब्रिज से जुड़ी भावनाओं को साझा कर रहे हैं. ज्ञात हो कि गंगजला निवासी व जिले के चर्चित खेल प्रशिक्षक रौशन सिंह धोनी के पिताजी को सड़क जाम की वजह से ससमय अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका था. इस वजह से 19 नवंबर 2014 को उनकी जान चली गयी थी. प्रभात खबर में उस समय घटित वाकये को प्रभात अभियान में प्रकाशित किया गया था.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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