बिजली-पानी पर भी बेफिक्र

Published at :07 Jul 2016 8:22 AM (IST)
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बिजली-पानी पर भी बेफिक्र

बाेले पूर्व सीएम, यह सरकार किसी का भला नहीं करनेवाली कहा-प्रदेश में एक वर्ष में छह हजार से अधिक दुष्कर्म की घटनाएं बिक्रमगंज :प्रदेश में एक वर्ष में छह हजार से अधिक दुष्कर्म की घटनाएं हो रही है़ यह निकम्मी सरकार किसी का भला नहीं करनेवाली है. इसे किसानों के लिए बिजली व पानी की […]

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बाेले पूर्व सीएम, यह सरकार किसी का भला नहीं करनेवाली
कहा-प्रदेश में एक वर्ष में छह हजार से अधिक दुष्कर्म की घटनाएं
बिक्रमगंज :प्रदेश में एक वर्ष में छह हजार से अधिक दुष्कर्म की घटनाएं हो रही है़ यह निकम्मी सरकार किसी का भला नहीं करनेवाली है. इसे किसानों के लिए बिजली व पानी की चिंता कैसे रहेगी.
यह बातें बिक्रमगंज अनुमंडल परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहीं. वह यहां बिजली पानी के लिए अनिश्चितकालीन धरना दे रहे पूर्व विधायक राजेश्वर राज के समर्थन में सभा को संबोधित कर रहे थे़ श्री मांझी ने कहा कि इस सरकार में ट्रांसफर व पोस्टिंग के नाम पर जम कर सौदेबाजी हो रही है. यहां न्यायाधीश को बेइज्जत किया जाता है, डीआइजी से रंगदारी मांगी जाती है, पत्रकारों को गोली मारी जाती है और विधायकों की गाड़ी लूट ली जाती है.
आरक्षण पर दोहरी चाल
उन्होंने कहा कि बिना सदन की मंजूरी के प्रमोशन में आरक्षण को रद्द कर दिया. बीना कोटा बढ़ाये ही कई जातियों को अनुसूचित जाति व अतिपिछड़ी जातियों में शामिल कर दिया यह कैसी सरकार है. नीतीश-लालू कहते हैं कि हम गरीबों व दलितों पिछड़ों के मसीहा हैं, तो फिर इनको आगे बढ़ाया या पीछे की ओर ढकेल दिया बड़े-छोटे भाइयों ने मिलकर? गरीब पिछड़ों व अनुसूचित जाति, जनजाति छात्रों को मिलने वाली छात्रवृति पर राजनीति किया.
किसानों को फ्री में बिजली क्यों नहीं
सूबे के 76 प्रतिशत किसानों को मुफ्त बिजली देने के बजाय उनको पैसे पर भी बिजली नहीं दी जा रही है. जबकि, मेरे मुख्यमंत्री रहते हमने सभी किसानों का बिल माफ किया था, जिसे रद्द कर दिया नीतीश कुमार ने. करीब सौ करोड़ सालाना बजट में सभी किसान खेतों को निर्बाध बिजली चलित पानी देंगे, पर यहां तो पैसे पर भी बिजली मिलना मुश्किल हो गया है.
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